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केजरीवाल के पिटने की खबर के बाद AAP का चंदा दोगुना बढ़ा

आम आदमी पार्टी के चंदे में बीते सप्ताह करीब दोगुने की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके पीछे बड़ी वजह पार्टी सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ हुई मारपीट को माना जा रहा है। दरअसल ऐसी खबरें थीं कि बीते शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में हो रही एक बैठक में कुछ विधायकों ने केजरीवाल के साथ बदसलूकी की थी। मंगलवार को यह जानकारी मीडिया में आने के बाद पार्टी के ऑनलाइन चंदे के ग्राफ में अचानक तेजी आनी शुरू हो गई। बुधवार, गुरुवार को पूरे दिन ये अपने शिखर पर था, लेकिन शुक्रवार से इसमें गिरावट आनी शुरू हो गई। यह स्थिति तब है जब अरविंद केजरीवाल पर हमले की कोई पुष्टि नहीं हो सकी है। पार्टी ने इस खबर की न तो पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है। हालांकि गुरुवार को दिन में आम आदमी पार्टी का घोषणापत्र जारी होने के मौके पर सीएम केजरीवाल की सूजी हुई नाक और चेहरा देखकर यही माना जा रहा है कि पिटाई की खबर सही है। इस कार्यक्रम में शामिल होने से पहले पूरे पांच दिन तक अरविंद केजरीवाल अज्ञातवास में थे। इस दौरान वो मुख्यमंत्री आवास से नहीं निकले और न ही उनकी कोई ताजा तस्वीर ही सामने आई। यह भी पढ़ें: वो 5 पुराने साथी जिनसे केजरीवाल को डर लगता है?

चंदे के ग्राफ में उछाल की वजह

आम आदमी पार्टी पहले खुद को मिलने वाले सारे चंदे की जानकारी वेबसाइट पर डालती थी और साथ ही इसके ट्रेंड्स को भी सार्वजनिक करती थी। लेकिन विवादों के बाद उसने इसे बंद कर दिया। चंदे के ट्रेंड्स के बारे में आम आदमी पार्टी के ही एक सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक लोकसभा चुनाव के कुछ पहले से केजरीवाल समय-समय पर अपने समर्थकों से चंदा देने की अपील करते रहे हैं, लेकिन इसमें बीते कुछ समय में कोई खास बढ़ोतरी नहीं रही। मंगलवार को अचानक इसमें तब तेजी आई जब कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया कि केजरीवाल पर उनके ही विधायकों के हमले की जानकारी उन्हें मिली है। हमारे सूत्र के मुताबिक बीते शुक्रवार देर शाम के आंकड़े देखें तो ये डोनेशन के सालाना औसत से लगभग 92 फीसदी अधिक है। ये बढ़ोतरी रकम के रूप में कितनी है ये हमें पता नहीं चल पाया। यह जानकारी भी हमें हासिल नहीं हो सकी कि ये चंदा किन लोगों ने या किन देशों से आया। यह संयोग ही है कि आखिरी बार नवंबर 2018 में पार्टी के चंदे में ऐसा अचानक उछाल आया था, जब दिल्ली सचिवालय में एक व्यक्ति ने अरविंद केजरीवाल पर मिर्च पाउडर फेंककर हमला किया था। आम आदमी पार्टी को इस बात का एहसास भी है इसीलिए अक्सर वो केजरीवाल पर हमले के मुद्दों को उछालकर चंदा खींचने की भी कोशिश करती रही है। हालांकि पार्टी के कुछ नेताओं का दावा है कि चंदे में आई ये अचानक बढ़ोतरी उम्मीदवारों के नामांकन और पार्टी घोषणापत्र जारी होने के कारण था। यह भी पढ़ें: अमेरिकी डॉक्टर ने केजरीवाल से अपना चंदा वापस मांगा

पिटाई से चंदे का अजब कनेक्शन

यह एक अजब संयोग है कि जब-जब अरविंद केजरीवाल पर कोई हमला होता है तो उनकी पार्टी के चंदे में बढ़ोतरी हो जाती है। इसी तरह उनके बयानों का भी चंदे से सीधे रिश्ता देखा गया है। कुछ समय पहले यह बात भी नोटिस की गई थी कि अरविंद केजरीवाल जब कोई पाकिस्तान-समर्थक या आतंकवाद-समर्थक बयान देते हैं तो पार्टी के चंदे का मीटर तेजी से भागने लगता है। इस बारे में सोशल मीडिया के जरिए कई लोगों ने बाकायदा सबूत भी दिए थे। बार-बार ऐसे संयोग के बाद आम आदमी पार्टी ने अपनी डोनेशन ट्रेंड्स की वेबसाइट को ही बंद कर दिया। 2017 में पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाकों में हुए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जब अरविंद केजरीवाल ने सबूत मांग कर सेना के ऑपरेशन को संदिग्ध ठहराने की कोशिश की थी उस वक्त पार्टी को मिलने वाला डोनेशन कई गुना बढ़ गया था। तब कई लोगों ने यह आरोप लगाया था कि ये बढ़ी हुई रकम पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और दूसरे आतंकी संगठन भिजवा रहे हैं। केजरीवाल ने भी कभी इसे लेकर कोई सफाई देने की कोशिश नहीं की। पंजाब विधानसभा चुनाव के समय प्रदेश कांग्रेस ने भी केजरीवाल पर आईएसआई से चंदा लेने का आरोप लगाया था। ऐसा माना जाता है एक रणनीति के तहत अरविंद केजरीवाल ऐसे पाकिस्तान-परस्त बयान देते हैं ताकि उन्हें पाकिस्तान से चंदा मिलता रहे। इस बारे में हमने न्यूज़लूज पर एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट भी पोस्ट की थी। हमने यह भी बताया था कि पाकिस्तान से मिलने वाली चंदे की रकम को आम आदमी पार्टी कैसे छिपाती है। पढ़ें वो रिपोर्ट: जानिए पाकिस्तानी चंदे को कैसे छिपाती है आम आदमी पार्टी

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