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वो हालात जो इशारा करते हैं कि केजरीवाल के साथ ‘बल प्रयोग’ हुआ

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को पूरे 5 दिन बाद किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए। मौका था आम आदमी पार्टी के चुनाव घोषणापत्र के जारी होने का। इस मौके पर अरविंद केजरीवाल के जाने-पहचाने तेवर भी ढीले दिखाई दे रहे थे। जो बात कई लोगों ने गौर की वो ये कि अरविंद केजरीवाल की नाक कुछ सूजी हुई थी। इसके अलावा बायां गाल भी थोड़ा उभरा हुआ दिखाई दे रहा था। केजरीवाल ने जो चश्मा पहन रखा था वो भी नया मालूम हो रहा था। केजरीवाल अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंसों में आमतौर पर पत्रकारों से व्यक्तिगत रूप से भी मिलते हैं, लेकिन पार्टी का मैनिफेस्टो जारी होने के मौके पर वो दूर-दूर ही रहे। कहीं पर उन्हें चलते हुए नहीं देखा गया। इन लक्षणों ने उन दावों को एक बार फिर से हवा दे दी है कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री आवास पर बैठक में कुछ विधायकों ने केजरीवाल को पीट दिया था। चूंकि ये बंद कमरे की बैठक थी, लिहाजा इसकी पुष्टि बहुत मुश्किल है जब तक कि बैठक में मौजूद कोई व्यक्ति सामने आकर इसकी शिकायत न करे। हालांकि आम आदमी पार्टी के अंदर चल रहे इस तूफान की खबर संगठन तक पहुंच चुकी है। ज्यादातर लोग मान रहे हैं कि बैठक में कुछ तैशबाजी हुई, लेकिन कोई इससे आगे कुछ बताने को राजी नहीं। हालांकि ‘आरोपी विधायक’ के नाम को लेकर कयास का दौर जारी है।यह भी पढ़ें: विधायकों की बैठक में पिट गए अरविंद केजरीवाल

कौन है ‘पीटनेवाला’ आरोपी विधायक?

आम आदमी पार्टी के वॉलेंटियर्स के बीच हमला करने वाले आरोपी विधायक के नाम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। संगठन में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हमारे एक सूत्र ने इशारों में बताया कि ये विधायक वही हैं जिनका नाम पहले भी इस तरह की मारपीट में आ चुका है। हमने उनसे पूछा कि क्या ये विधायक अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं? तो इस पर हमें कोई जवाब नहीं मिला। अगर हम अपने सूत्र की बात पर भरोसा करें तो नाम का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। इसी विधायक का नाम मुख्य सचिव अंशु प्रकाश और बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी से मारपीट में सामने आ चुका है। हालांकि अभी तक हम पक्के तौर पर इस नाम की पुष्टि नहीं कर सके हैं, इसीलिए उसका नाम भी यहां नहीं लिख रहे हैं। इस विधायक का फेसबुक और ट्विटर पेज देखें तो काफी कुछ कहानी समझ में आ जाती है। बीते कुछ हफ्ते से उन्होंने अपनी पार्टी के नेता केजरीवाल का एक भी ट्वीट को रीट्वीट नहीं किया है। बताया जाता है कि दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाके के वो विधायक महोदय कांग्रेस के साथ गठबंधन के भी विरोधी रहे हैं। संभवत: विधायकों की बैठक में जो विवाद और हाथापाई हुई उसकी वजह भी यही थी। ऐसा माना जा रहा है कि आरोपी विधायक ने बंद कमरे में हुई इस मारपीट की खबर अपने समर्थकों के जरिए मीडिया में लीक करवाई।

करीब सप्ताह भर गायब रहे केजरीवाल

बीते सप्ताह शनिवार से ही केजरीवाल को किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं देखा गया था। सोमवार 22 अप्रैल को जब पार्टी के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भरा तब भी केजरीवाल का कहीं अता-पता नहीं था। फरीदाबाद से उम्मीदवार नवीन जयहिंद ने मंगलवार को जब नामांकन भरा तो उससे पहले से लगातार ऐसे दावे किए जा रहे थे कि केजरीवाल आने वाले हैं, लेकिन पहुंचे मनीष सिसोदिया। जब लोगों ने इसकी वजह जाननी चाही तो जितने मुंह उतने जवाब मिले। इसी बीच अगले ही दिन आम आदमी पार्टी से निलंबित विधायक कपिल मिश्रा ने ये ट्वीट करके तहलका मचा दिया कि पार्टी की बैठक में केजरीवाल पर हमला हुआ है। कपिल मिश्रा ने ये दावा आम आदमी पार्टी में अपने सूत्रों के आधार पर किया था। शुरू में इस पर भरोसा करना किसी के लिए भी मुश्किल था। लेकिन जब लोगों ने परिस्थितियों पर गौर किया तो शक मजबूत होता गया। अब पूरे 5 दिन बाद जब केजरीवाल सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं तो उनके हुलिए ने शक को और भी मजबूत कर दिया। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर 5 दिन तक केजरीवाल कहां गायब रहे? ऐसे समय में जब देश में चुनाव चल रहे हैं हर नेता दिन में कई-कई कार्यक्रमों में नजर आता है ऐसा क्या हुआ कि केजरीवाल अचानक सबकी आंखों से ओझल हो गए? न तो दिल्ली सरकार और न ही आम आदमी पार्टी की तरफ से इस बारे में कोई सफाई दी गई है।

मशहूर न्यूज़ पोर्टल ओपइंडिया ने केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस की ये तस्वीर प्रकाशित की है।

फिलहाल इस मामले में पुलिस में या किसी अन्य आधिकारिक जगह कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। लिहाजा मामला मीडिया की सुर्खियों से गायब है। बताया जा रहा है कि पार्टी इसे चुपचाप ठंडे बस्ते में डाल देना चाहती है और आरोपी विधायक के खिलाफ जो भी कार्रवाई होगी वो लोकसभा चुनाव के बाद ही होगी। फिलहाल सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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