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जब केरल में एक ‘अपशकुन’ से डर गईं प्रियंका वाड्रा

बायीं तरफ जो जानवर है उसे केरल में मारापट्टी कहा जाता है। दूसरी तस्वीर लखनऊ में राहुल और प्रियंका के रोड शो की है जिसमें दोनों के माथे पर काला निशान देखा जा सकता है।

केरल के वायनाड में अपने भाई राहुल गांधी का नामांकन दाखिल कराने गईं प्रियंका वाड्रा के साथ कुछ ऐसी घटना हुई है जिससे अंदर ही अंदर खलबली मची हुई है। उनके साथ केरल में कुछ ऐसा अपशकुन हुआ जिसके कारण केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी से लेकर दिल्ली में गांधी परिवार तक हड़कंप मचा हुआ है। वायनाड में रोड शो करने के बाद रात को प्रियंका वाड्रा कोझीकोड के वेस्ट हिल इलाके में बने पीडब्लूडी के गेस्टहाउस में ठहरी थीं। ये बेहद खूबसूरत गेस्टहाउस है जो चारों तरफ हरियाली से घिरा हुआ है। तमाम बड़ी हस्तियां जब यहां आती हैं तो वो यहीं ठहरना पसंद करती हैं। रात में कुछ ऐसा हुआ कि प्रियंका वाड्रा का सोना हराम हो गया। उनके कमरे में अजीब सी बदबू आ रही थी और कुछ भयानक आवाजें सुनाई दे रही थीं। शुरू में ये बहुत ज्यादा नहीं था तो दिन भर की थकी प्रियंका वाड्रा ने सोने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी ही देर में बदबू और आवाज तेज हो गई। डरकर प्रियंका गेस्टहाउस में अपने कमरे से निकल गईं और अपने सिक्योरिटी स्टाफ को जगा दिया।

देर रात तक मचा रहा हंगामा

प्रियंका वाड्रा के सिक्योरिटी स्टाफ ने गेस्टहाउस के लोगों को जगाया, उसके बाद कमरे की तलाशी शुरू हुई तो छत के ऊपर एक ऐसा जानवर मिला जिसे देखकर लोगों के होश उड़ गए। इस जानवर को केरल में मारापट्टी कहा जाता है। देश के कई इलाकों में इसे भाम और गंधबिलाव के नाम से भी जाना जाता है। इसे अंग्रेजी में एशियन पाम सिवट (Asian Palm Civet) कहा जाता है। ये छोटा सा बिल्ली जैसा जानवर होता है। जिसमें बेहद गंदी बदबू आती है। गांवों में कहते हैं कि ये छोटे बच्चे छीनकर भाग जाता है। केरल, बंगाल और देश के ज्यादातर इलाकों में इसके दिखने को अपशकुन माना जाता है। भारत ही नहीं, यूरोपीय और अफ्रीकी देशों में भी सिवट का दिखना अशुभ माना जाता है। किसी भी शुभ काम में अगर ये मारापट्टी या भाम दिख जाए तो लोग उस काम को करते ही नहीं हैं। हालांकि ये लोकमान्यताओं का मामला है। इसका आधुनिक विज्ञान और तर्क से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन गेस्टहाउस के किसी कर्मचारी ने ये बाद प्रियंका वाड्रा को बता दी और फिर प्रियंका के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। उन्होंने गेस्टहाउस के कर्मचारियों को फटकार लगाई कि उन्होंने उनके कमरे की ठीक से जांच-पड़ताल नहीं की और उनके कारण ही उन्हें इतनी रात में जागना पड़ रहा है। मारापट्टी को भगा तो दिया गया लेकिन मन में बैठे वहम के कारण प्रियंका रात भर बेचैन रहीं और उनके कमरे की लाइट जलती रही। मलयाली अखबारों ने इस बारे में खबरें भी छापी हैं।

अंधविश्वासी है गांधी परिवार

यह बात लोगों को नहीं पता होगी लेकिन गांधी परिवार अपने अंधविश्वास और वहमों के लिए जाना जाता है। राजनीति में एंट्री के बाद राहुल और प्रियंका ने जब लखनऊ की सड़कों पर रोड शो निकाला था तो प्रियंका ने अपने माथे पर एक काला निशान लगा रखा था। ऐसा ही टीका राहुल गांधी ने भी लगा रखा था। हिंदू धर्म में कोई शुभ कार्य शुरू होने पर लाल रोली या चंदन का टीका लगाया जाता है, लेकिन प्रियंका और राहुल के काले टीके का रहस्य किसी को समझ में नहीं आया। वैसे तो काला टीका बुरी नजर से बचने के लिए लगाया जाता है, लेकिन बाद में पता चला कि ईसाई धर्म में किसी बड़े अभियान पर जाने से पहले माथे पर काला निशान लगाने की परंपरा रही है। प्रियंका और राहुल ने जो काला निशान लगा रखा था वो वही था। यह नहीं पता कि ये निशान उन्होंने किस पादरी की सलाह पर लगाया था। ये टीके की तरह गाढ़ा नहीं, बल्कि एक हल्के धब्बे की तरह होता है। इस रोड शो में राहुल प्रियंका ने हाथों में एक काला बैंड भी पहना था। यह भी उनके अंधविश्वास की निशानी माना जा रहा है।

10 जनपथ के लिए भी है डर

सोनिया गांधी लंबे अरसे से 10 जनपथ में रहती हैं। लेकिन कुछ साल पहले खबर आई थी कि वो इस घर को छोड़ना चाहती हैं। इसके पीछे भी एक कहानी है। दरअसल 10 जनपथ में पहले लाल बहादुर शास्त्री अपनी पत्नी ललिता शास्त्री के साथ रहा करते थे। प्रधानमंत्री के तौर पर सिर्फ 2 साल के कार्यकाल के बाद रहस्यमय हालात में उनकी मौत हो गई। 1968 में राजीव गांधी से शादी के बाद सोनिया जब भारत आईं तो वो 10 जनपथ में ही शिफ्ट हुईं। उनके यहां पर रहते हुए पहले इंदिरा गांधी और फिर राजीव गांधी की मौत हुई। बताया जाता है कि किसी पादरी ने सोनिया को बताया था कि 10 जनपथ के करीब बने एक मजार के कारण इस घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है और इसी कारण परिवार सुखी नहीं है। इसके बाद सोनिया गांधी ने 10 जनपथ के अंदर ही एक चैपल (प्राइवेट चर्च) बनवाया।

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