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केरल का गोहत्यारा याद है? अब राहुल गांधी के प्रचार की जिम्मेदारी

केरल के कन्नूर में करीब दो साल पहले सरेआम गाय काटकर बीफ पार्टी का आयोजन करने वाले यूथ कांग्रेस नेता रिजिल मक्कुट्टी को अपनी करतूत का इनाम मिल गया है। ऐसी खबरें हैं कि रिजिल मक्कुट्टी को वायनाड सीट पर राहुल गांधी के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि इसका कोई औपचारिक एलान नहीं किया गया है। मई 2017 में जिला कांग्रेस अध्यक्ष रिजिल मक्कुट्टी ने कन्नूर में बीच-बाजार में एक गाय काटी थी। इस घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद पूरे देश में हंगामा मच गया था। इसे जानवरों पर क्रूरता और जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला मानते हुए केरल पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था और मक्कुट्टी समेत 8 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। ये वो समय था जब मध्य प्रदेश और राजस्थान में चुनावी माहौल बनना शुरू हुआ था। लिहाजा जनता के गुस्से को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने तब ऐलान किया कि वो गाय काटने वाले सभी कार्यकर्ताओं को सस्पेंड कर रही है। हालांकि बाद में पता चला कि निलंबन का आदेश दरअसल आंखों में धूल झोंकने की कोशिश थी। वास्तव में निलंबन का आदेश कभी जारी किया ही नहीं गया। अब वायनाड सीट पर रिजिल मक्कुट्टी को अहम जिम्मेदारी दिए जाने से ये आरोप सही साबित हो गया है कि गोहत्या की इस घटना में कांग्रेस हाईकमान की सहमति थी।

गोहत्यारे को जिम्मेदारी के पीछे क्या रणनीति?

दिल्ली स्थित केरल के एक पत्रकार के मुताबिक कन्नूर और वायनाड की दूरी बहुत अधिक नहीं है। दोनों ही केरल के उत्तरी इलाके में हैं और इनके बीच करीब 3 घंटे की दूरी है। वायनाड की चुनावी जंग में मुस्लिम वोटरों की अहम भूमिका मानी जा रही है। क्योंकि यहां पर 49 फीसदी आबादी होने के बावजूद हिंदू वोटर बंटे हुए हैं। हिंदुओं की बड़ी आबादी यहां पर वामपंथी उम्मीदवारों को वोट देती रही है। हालांकि कांग्रेस के उम्मीदवार भी अच्छी-खासी संख्या में हिंदू वोट पाते रहे हैं। दूसरी तरफ मुस्लिम वोटर एकमुश्त वोट करते हैं और जिस उम्मीदवार का वो समर्थन कर दें उसकी जीत तय होती है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी हर उस नेता को वायनाड भेज रही है जिनकी मुसलमानों में लोकप्रियता है। रिजिल मक्कुट्टी का सियासी कद गोहत्या की उस घटना के बाद काफी बढ़ चुका है। ऐसे में केरल कांग्रेस ने उसे प्रचार के लिए वायनाड पहुंचने का इशारा कर दिया है। वायनाड में 23 अप्रैल को वोट डाले जाने हैं और इससे पहले वो पूरे समय वहीं पर सक्रिय रहेगा। बताया जाता है कि रिजिल मक्कुट्टी खुद भी इस्लाम धर्म कबूल कर चुका है।

रिजिल मक्कुट्टी पर मेहरबान हैं राहुल गांधी

राहुल गांधी से रिजिल मक्कुट्टी की करीबी जगजाहिर है। बताते हैं कि गोहत्या कांड के बाद जब कांग्रेस ने उसके निलंबन का एलान किया तब भी वो पार्टी के कार्यक्रमों में नियमित तौर पर शामिल होता रहा। यहां तक कि कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रमों के पोस्टर वगैरह में उसका नाम और तस्वीर हुआ करती थी। मार्च 2018 में दिल्ली में कांग्रेस पार्टी का एक पदाधिकारी सम्मेलन हुआ था। उसमें रिजिल मक्कुट्टी भी पहुंचा था। कई बड़े नेताओं के साथ जब उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईं तो कांग्रेस ने उसका निलंबन रद्द कर दिया। कुछ दिन पहले राहुल गांधी जब केरल दौरे पर गए थे तो उसकी तैयारियों में भी रिजिल मक्कुट्टी सक्रिय था। हालांकि यह ध्यान रखा गया कि किसी प्रोग्राम में उसकी तस्वीर राहुल गांधी के साथ न आए। खास बात यह है कि गोहत्या कांड के समय राहुल गांधी ने ट्वीट करके इसकी निंदा की थी। साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि ऐसे लोगों की कांग्रेस पार्टी में कोई जगह नहीं है। लेकिन जिस तरीके से इस हत्यारे की कांग्रेस में तरक्की हो रही है उसे देखते हुए यही कहा जा सकता है कि राहुल गांधी और पार्टी का औपचारिक बयान झूठ था।

गोहत्या करने वाले रिजिल मक्कुट्टी ने मार्च 2018 में दिल्ली आकर कांग्रेस पार्टी के अधिवेशन में हिस्सा लिया था। वो भी तब जब पार्टी कह रही थी कि वो सस्पेंड किया जा चुका है।

फिलहाल वायनाड सीट पर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी रिजिल मक्कुटी को देकर कांग्रेस पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि बात मुसलमानों के तुष्टिकरण की हो तो उसका कोई मुकाबला नहीं है। राज्य में वामपंथी पार्टियां पहले से ही हिंदुओं के दमन और हिंदू संस्कृति के सफाये के काम में जुटी हैं। ऐसे में कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच ये होड़ आने वाले दिनों में और भी तेज़ हो सकती है।

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