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मुस्लिम वोट के लिए केजरीवाल ने वीर गुर्जर जाति को बदनाम किया

गुरुग्राम में खेल-खेल में दो गुटों के बीच मारपीट की घटना पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। केजरीवाल ने जिस तरह से इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की इससे दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में गुर्जर समुदाय के लोगों में भारी गुस्सा है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर नाराजगी भी जताई है। इन लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि चुनाव में खुद को मुसलमानों का सबसे बड़ा हितैषी साबित करने की नीयत से केजरीवाल ने इस मुद्दे पर ट्वीट किया और कहा कि “कौन सा हिंदू धर्म ग्रंथ कहता है कि मुसलमानों को मारो।” केजरीवाल ने ये बयानबाजी सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर कर दी जबकि सच्चाई कुछ और ही थी। खुद गुरुग्राम पुलिस ट्वीट करके जानकारी दे चुकी थी कि ये क्रिकेट खेलने को लेकर दो पड़ोसियों के बीच का झगड़ा था। हिंदू-मुसलमान का मामला देखकर पहले केजरीवाल और फिर राहुल गांधी और विपक्ष के दूसरे तमाम नेताओं ने मामले को लपक लिया। मीडिया अब मारपीट में शामिल गुर्जर नौजवानों को ‘दरिंदे’ और ‘हिंदू गुंडे’ कहकर संबोधित कर रहा है। गुर्जर समुदाय में इस बात को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इस बीच, दूसरे पक्ष ने भी मुस्लिम परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का फैसला किया है। यह भी पढ़ें: होली पर हिंदूफोबिया के रंग से सराबोर हुआ टाइ्स ऑफ इंडिया

क्या है ये पूरा मामला?

होली के दिन गुरुग्राम के भोंडसी गांव में मारुति कुंज इलाके की ये घटना है। सुबह 10-11 बजे के आसपास कुछ मुस्लिम लड़के एक मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे। यहां गांव के ही एक हिंदू लड़के से किसी बात पर उनकी कहासुनी हो गई। झगड़ा हुआ और मुस्लिम लड़कों ने उस लड़के को बुरी तरह से पीट दिया। इस लड़के के सिर में 15 टांके आए हैं। इसके अलावा गांव के ही दो और लड़कों को भी झगड़े में चोट आई। इसके बाद लड़कों ने आसपास होली खेल रहे अपने बाकी साथियों को बुला लिया। इसके बाद पिटाई करने वाले मुसलमान लड़के भागकर अपने घर में छिप गए। जब लड़कों ने घर को घेरा तो मुस्लिम परिवार के सदस्यों ने छत से नीचे पत्थर फेंकने शुरू कर दिए जिसके बाद लड़के भड़क गए। पहले उन्होंने बाहर से पथराव का जवाब दिया, फिर लाठी-डंडे लेकर घर के अंदर घुस गए और जो कोई भी मिला उसकी पिटाई कर दी। होली के चलते कुछ लड़के शराब के नशे में भी थे। मौके पर मौजूद कई चश्मदीदों ने कहा है कि किसी ने भी पाकिस्तान जाने जैसी कोई बात नहीं कही। ये मुस्लिम परिवार की मनगढ़ंत कहानी है ताकि वो मामले को अलग एंगल दे सकें।

हिंदू-मुस्लिम मामला नहीं

गुरुग्राम पुलिस भी कह चुकी है कि इस मामले में धर्म का कोई विवाद नहीं था। गांव के लड़कों के बीच ऐसे झगड़े पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस बार मीडिया और केजरीवाल जैसे हिंदू विरोधी नेताओं ने सांप्रदायिक रंग दे दिया, ताकि वो पूरे इलाके का माहौल खराब कर सकें। मारुति कुंज इलाके में ही रहने वाले एक बुजुर्ग ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि अगर किसी दूसरे परिवार के लोग भी किसी गुर्जर लड़के की पिटाई करते तो वही होता जो उस दिन हुआ। भोंडसी में आसपास कई और मुस्लिम परिवार भी रहते हैं। अगर ये हिंदू-मुसलमान का मामला होता तो हमला उनके घरों पर भी होता, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। फिलहाल केजरीवाल ने आरोपी लड़कों को बीजेपी और आरएसएस से जोड़कर विवाद को नया रंग दे दिया। चुनाव में सारे मुस्लिम वोट पाने के लिए केजरीवाल पिछले कुछ समय से सेना से लेकर पीएम मोदी तक पर मूर्खतापूर्ण बयानबाजी कर रहे हैं। इस बार उनके इस तुष्टिकरण का शिकार गांव के सामान्य गुर्जर नौजवानों को बनना पड़ा। गांव की महिलाओं ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि गुड़गांव पुलिस मीडिया और केजरीवाल जैसे नेताओं के दबाव में आकर उनके बच्चों पर कार्रवाई कर रही है जबकि झगड़े की शुरुआत करने वाले मुस्लिम लड़कों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

निशाने पर है गुर्जर समुदाय

इतिहास की नजर से देखें तो गुर्जर समुदाय हमेशा से मुस्लिम हमलावरों की आंखों में खटकता रहा है। वो गुर्जर प्रतिहार साम्राज्य ही था जिसने मुस्लिम आक्रमणों का मुकाबला किया और उन्हें सिंध से आगे नहीं बढ़ने दिया। बाद के समय में आपसी लड़ाई और विश्वासघात का नतीजा हुआ कि गुर्जर समुदाय कमजोर हो गया। जिसके बाद ही मुगलों को भारत में प्रवेश का मौका मिल पाया। गुर्जरों का साम्राज्य एक जमाने में गुजरात तक था। गुजरात का नाम ही गुर्जर से बना है। इस वीर जाति के खिलाफ अंग्रेजों के समय में भी तरह-तरह के जुल्म ढाए गए। नतीजा ये कि गुर्जर आज टूट चुके हैं, कुछ तो मुसलमान भी बन चुके हैं। यही ऐतिहासिक कारण है कि कांग्रेस, वामपंथी दल और अरविंद केजरीवाल जैसी मुस्लिम परस्त ताकतें आज भी गुर्जरों से डरती हैं। यही कारण है कि पूरे समुदाय की छवि को कलंकित करने की कोशिश हर समय जारी रहती है। गुर्जर जाति के लोग आज भी सेना और अर्धसैनिक बलों में बड़ी संख्या में भर्ती होकर देश के लिए खून बहाने के लिए सबसे आगे रहते हैं। खेलों की दुनिया में भी गुर्जरों जाति का दबदबा है। अरविंद केजरीवाल खुद भी हरियाणा के रहने वाले हैं और गुर्जर समुदाय के लिए उनके पूर्वाग्रह का ही नतीजा था जो उन्होंने इस तरह का नफरत से भरा हुआ ट्वीट किया।

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