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बरखा दत्त को अश्लील फोटो भेजने वाला शब्बीर गुफरान गिरफ्तार

विवादित पत्रकार बरखा दत्त ने जिस अश्लील तस्वीर को ट्विटर पर शेयर करते हुए शिकायत की थी कि ये तस्वीर उन्हें ‘राष्ट्रवादी’ लोगों ने भेजी है वो दरअसल सूरत के शब्बीर गुफान नाम के शख्स की निकली। कुछ हफ्ते पहले इस मामले को लेकर भारी हंगामा मचा था। कई तथाकथित बड़े पत्रकारों ने इसके लिए हिंदू राष्ट्रवादियों को दोषी ठहराया और सबने यह जताया कि ये अश्लील हरकत बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी के समर्थकों ने की है। लेकिन जांच के बाद जो सच्चाई सामने आई है वो बिल्कुल उलट है। बरखा दत्त ने ट्विटर के ही जरिए दिल्ली पुलिस को औपचारिक शिकायत की थी। जिसके बाद पुलिस की साइबर सेल ने जांच शुरू की। इंटरनेट डेटा के आधार पर पड़ताल करते हुए दिल्ली पुलिस की टीम सूरत पहुंची। जहां आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मुख्य आरोपी के अलावा राजीव, हेमराज और आदित्य नाम के तीन अन्य लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं, लेकिन वो अभद्र कमेंट्स के मामले में पकड़े गए हैं। यह भी पढ़ें: क्या करगिल में बरखा दत्त के कारण मारे गए थे जवान

पेशे से कसाई है मुख्य आरोपी

अश्लील तस्वीर भेजने वाला मुख्य आरोपी शब्बीर गुफरान पिंजारी सूरत का रहने वाला है और वो पेशे से कसाई है और उसकी उम्र 45 साल है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया। जज ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस उससे शुरुआती पूछताछ कर चुकी है और अभी आगे और सवाल पूछे जाने हैं। अभद्र टिप्पणियों के मामले में तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए गए हैं। ये सभी दिल्ली के रहने वाले हैं और कम उम्र के लड़के हैं। इनमें राजीव शर्मा की उम्र 23 साल, हेमराज कुमार की 31 साल और आदित्य कुमार की उम्र 34 साल है। इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने बरखा दत्त के निजी फोन नंबर पर बार-बार अश्लील एसएमएस और दूसरे संदेश भेजे। इन तीनों का दावा है कि उन्हें ‘एस्कॉर्ट सर्विस’ के नंबर के तौर पर ये नंबर मिला था और वो नहीं जानते थे कि मैसेज बरखा दत्त को जा रहे हैं। पकड़े गए इन तीनों अन्य आरोपियों का भी राष्ट्रवाद, बीजेपी या नरेंद्र मोदी से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बरखा दत्त ने खुद को भेजे जा रहे अश्लील संदेशों के लिए ‘राष्ट्रवाद’ को बदनाम करने का फैसला क्यों किया? यहां यह भी जानना जरूरी है कि बरखा दत्त ने अपना निजी नंबर गलती से खुद ही सार्वजनिक कर दिया था, जिसका लोगों ने दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। यह भी पढ़ें: करवा चौथ पर बरखा दत्त के नाम एक ओपन लेटर

अश्लील तस्वीर पर की सियासत

पुलिस की जांच से यह साबित हो गया है कि बरखा दत्त ने खुद ही इस मामले में सियासत करने की कोशिश की। पत्रकार होने के नाते उन्हें धमकियां मिलना या अश्लील तस्वीरें भेजे जाने की बात समझ में आती है, लेकिन उन्होंने इनका इस्तेमाल कांग्रेस को फायदा पहुंचाने और बीजेपी और राष्ट्रवादियों को बदनाम करने के लिए किया। जबकि उनके पास ऐसा कोई सबूत नहीं था कि ये तस्वीर किसी ‘राष्ट्रवादी’ ने ‘देशप्रेम की विचारधारा से प्रभावित होकर’ भेजी है। लोग पूछ रहे हैं कि अपनी हरकत के लिए क्या अब बरखा दत्त माफी मांगेंगी? इस तस्वीर को सार्वजनिक करने के लिए ट्विटर ने उनके अकाउंट के कुछ फीचर्स भी ब्लॉक कर दिए थे। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 354-D (पीछा करना), 506 (धमकी देना), 507 (आपराधिक तरीके से उकसाना) और 120-B (आपराधिक साजिश रचना) और आईटी एक्ट की धारा 67 और 67-A (अश्लील सामग्री पोस्ट करना और उसे प्रसारित करना) के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि बरखा दत्त ने जिस तस्वीर को पोस्ट किया था उसे देखकर लोगों ने फौरन कह दिया था कि ये एक समुदाय विशेष का प्राइवेट पार्ट है। क्योंकि उस समुदाय विशेष में बचपन में ही शरीर के एक अंग को विच्छेदित करने की परंपरा है। गिरफ्तारी के बाद लोगों का वो शक आखिरकार सही साबित हो गया। यह भी पढ़ें: एनडीटीवी की पोल खोल रही हैं बरखा दत्त, जरूर पढ़ें

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