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बालाकोट हमले में मौलाना मसूद अज़हर भी मारा गया

26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के ठिकाने पर हुए हवाई हमले में मौलाना मसूद अज़हर के भी मारे जाने की खबर हैं। खुफिया एजेंसियों को कुछ ऐसे सुराग हाथ लगे हैं जिनसे इस बात का शक पैदा हो रहा है। यह जानकारी भी सामने आ रही है कि जिस दिन हवाई हमला हुआ मसूद उस दिन बालाकोट के अपने उस ट्रेनिंग कैंप में ही ठहरा हुआ था। चूंकि वो वहां पर था इसीलिए जैश के लगभग ज्यादातर बड़े कमांडर और पाकिस्तानी सेना के कुछ रिटायर्ड अफसर वहां पर मौजूद थे। भारतीय एजेंसियों को इस बात की भनक लग गई थी और उसी आधार पर हमले के लिए 26 फरवरी की रात का समय तय किया गया था। बालाकोट में सक्रिय खबरियों ने मसूद के साले यूसुफ अज़हर के मरने की पहले ही दिन पुष्टि कर दी थी, लेकिन मसूद अजहर के बारे में अभी तक कोई इनपुट नहीं आया। बीते दो-तीन दिन के घटनाक्रम को देखते हुए एजेंसियों का ये शक मजबूत हुआ है कि मौलाना मसूद अज़हर एयरस्ट्राइक में या तो मारा गया है या बुरी तरह घायल है। बहुत जल्द इस बारे में पुष्टि हो जाने की उम्मीद है। इस बीच, भारतीय मीडिया ने पाकिस्तान से मिले इनपुट के आधार पर मसूद की मौत की खबर देनी शुरू की है, लेकिन कैंसर से मौत का दावा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह दावा इसलिए किया जा रहा है ताकि मोदी सरकार को इसका क्रेडिट न मिले और पाकिस्तान को शर्मिंदगी न उठानी पड़े।

पाकिस्तानी विदेशमंत्री के बयान से संकेत

दरअसल दो दिन पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बयान दिया था कि मसूद अजहर बहुत बीमार है। इतना बीमार कि वो तो घर से बाहर भी नहीं निकल सकता। इसके अगले दिन यानी शनिवार को पाकिस्तानी एजेंसियों ने यह खबर फैलाई कि मौलाना मसूद अज़हर के गुर्दे फेल हो गए हैं और उसकी रोजाना डायलिसिस करनी पड़ रही है। इन दोनों खबरों से ही पाकिस्तान का झूठ पकड़ में आ गया। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा था कि मसूद घर में है और इतना कमजोर हो गया है कि घर से निकल ही नहीं सकता। लेकिन अगले ही दिन रावलपिंडी के अस्पताल में उसका रोजाना डायलिसिस होने की खबर फैलाई गई। गृह मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी ने हमें बताया है कि जो मौलाना मसूद पुलवामा हमले से पहले तक पाकिस्तान में रोज सभाएं कर रहा था वो अचानक इतना बीमार कैसे पड़ गया कि डायलिसिस की जरूरत पड़ गई? हमले के करीब एक हफ्ते बाद मसूद अज़हर ने जो ऑडियो टेप जारी किया था उसमें भी उसकी आवाज से ऐसा कुछ नहीं लग रहा कि वो कमजोर या बीमार है। तो सवाल यह है कि मसूद को लेकर पाकिस्तान क्या छिपा रहा है? यह भी पढ़ें: पाकिस्तान, हमारा अभिनंदन आ गया, तुम्हारा शहजाजुद्दीन कहां है?

भारत ने मौलाना मसूद सौंपने को कहा था

मसूद के मारे जाने का शक इस बात से भी मजबूत हो रहा है कि बालाकोट हमले के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने की कोशिश शुरू की तो सरकार ने उनसे कहा कि वो पाकिस्तान से कहें कि वो मौलाना मसूद अजहर को सौंप दे। अमेरिका ने इस बारे में पाकिस्तान सरकार से बात की तो पाकिस्तान ने बीमारी का ही बहाना बनाया। बालाकोट हमले के बाद से पाकिस्तान में कोई नहीं जानता कि मसूद अज़हर कहां पर है। उसके बेहद करीबी कमांडरों को भी इस बारे में कोई अता-पता नहीं है। पाकिस्तानी मीडिया को अब तक उस जगह पर नहीं जाने दिया गया है जहां पर हमलों की बात कही जा रही है। मसूद के जिन रिश्तेदारों के मारे जाने की खबरें भारत सरकार के सूत्रों से सामने आईं, उनमें से भी किसी ने मीडिया या किसी और जरिए से इसका खंडन नहीं किया कि खबर झूठी है और वो जिंदा है। यह भी पढ़ें: जिनेवा संधि नहीं, इस कारण अभिनंदन को छोड़ने को मजबूर हुआ पाकिस्तान

मसूद पर क्या है पाकिस्तान का इरादा?

भारतीय एजेंसियों को इस बात के पक्के इनपुट्स मिले हैं कि मौलाना मसूद अज़हर ठीक नहीं है। उसकी बीमारी की खबरें बिल्कुल बेबुनियाद हैं। ऐसे में लग यही रहा है कि पाकिस्तान इस बात को छिपाना चाहता है कि मसूद अजहर भारत के हमले में मारा गया। इसके बजाय वो किडनी की बीमारी और डायलिसिस की कहानियां गढ़ रहा है। ताकि ऐसा लगे कि मसूद अज़हर स्वाभाविक मौत मरा है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को ऐसी पैंतरेबाजी का पुराना तजुर्बा है। तालिबान के मुखिया मुल्ला उमर की मौत के बाद भी उसे जिंदा बताया जाता रहा था और पूरे 2 साल के बाद पाकिस्तान ने माना था कि मुल्ला उमर अमेरिका के हवाई हमलों में मारा जा चुका है।

मसूद के भाई ने मानी हवाई हमले की बात

इस बीच मसूद अजहर के छोटे भाई मौलाना अम्मार का एक बयान सामने आया है जिसमें वह भारतीय वायुसेना के हमले से हुई तबाही का रोना रो रहा है। अम्मार जैश की जिहादी गतिविधियों का हिस्सा है। बालाकोट में चल रही जिहाद की फैक्ट्री की देखरेख में भी अम्मार की अहम भूमिका होती है। खास बात है कि अम्मार हमले के दिन कराची में था। शायद इसलिए वो बच गया। अब देखने वाली बात है कि मौलाना मसूद की मौत का सच कब सामने आता है।

मसूद की मौत की भनक केंद्र सरकार को हमले के दिन से ही थी। इसका इशारा केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ये कहते हुए किया था कि जब अमेरिका पाकिस्तान में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मार सकता है तो कुछ भी हो सकता है। वो बयान आप नीचे लिंक पर सुन सकते हैं।

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