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क्या इस शख्स को पुलवामा हमले का पहले से पता था!

कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ जवानों के बलिदान ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। पूरे देश में मांग उठ रही है कि पाकिस्तान से इस हमले का बदला भी उसी तरह से लिया जाए, जिस तरह से उरी हमले के बाद किया गया था। इस सारे हंगामे के बीच एक शख्स का नाम सामने आ रहा है, जिसने हमले से छह दिन पहले ही इस हमले की जानकारी दे दी थी। गौरव प्रधान नाम के ये शख्स दुनिया के जाने-माने डेटा साइंटिस्ट में से एक हैं। सूचना बटोरने का उनका तरीका टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसके दम पर वो अक्सर बेहद सीक्रेट जानकारियां सामने लाते रहते हैं। गौरव प्रधान ने 7 फरवरी को सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए ट्वीट किया था कि “हाई अलर्ट इनपुट है। पिंडी (रावलपिंडी) चाहता है कि एलओसी पर भारत की तरफ कुछ दुस्साहस दिखाया जाए।” इसके आगे उन्होंने लिखा है “This is in close coordination with instructions given by bottle to Nomi When she was in Dubai.” डॉक्टर प्रधान आगे लिखते हैं कि “यह (साज़िश) उरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली तारीफ को बेअसर करने के लिए रचा गया है। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले पाकिस्तानी आतंकी गिरोह BAT या सीधे पाक सेना भी कोई कार्रवाई कर सकती है।”

ट्वीट का पूरा मतलब क्या है?

गौरव प्रधान आम तौर पर कोड वर्ड में ट्वीट करते हैं। क्योंकि सीधे तौर पर लिखने पर खतरा रहता है कि ट्विटर उन्हें बैन कर देगा। इस ट्वीट में उन्होंने जिस नोमी और बॉटल (बोतल) का जिक्र किया है वो कौन हैं यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कुछ लोगों का दावा है कि नोमी नुमान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ जनरल जांजुआ का दाहिना हाथ है। जहां तक ‘बोतल’ का सवाल है उसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोग इसके किसी विदेशी आतंकवादी होने का दावा कर रहे हैं तो कुछ लोगों का कहना है कि ये देश के एक बड़े राजनीतिक परिवार की वो महिला सदस्य भी हो सकती है जिसने अभी हाल ही में राजनीति में कदम रखा है। कुल मिलाकर उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और कुछ भारतीय लोगों के बीच साठगांठ की तरफ इशारा किया है। जिसके पक्ष में उन्होंने कोई तथ्य फिलहाल पेश नहीं किया है। आम तौर पर ऐसी जानकारी अपने सूत्रों और तकनीकी इंटरसेप्ट के जरिए जानते हैं।

एक प्रमुख राजनीतिक दल पर शक

गौरव प्रधान ने अपने 7 फरवरी के ट्वीट में ही इशारा किया था कि उरी पर मोदी सरकार को मिल रही तारीफों पर पानी फेरने के लिए एक बड़े हमले की साजिश रची जा रही है। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिखा है, इसलिए न्यूज़लूज़ भी दावा नहीं कर सकता कि वो कौन सी राजनीतिक पार्टी है। लेकिन पुलवामा में जैसे ही हमला हुआ कुछ बड़े राजनेताओं ने खुलेआम इस मामले पर राजनीति शुरू कर दी। इनमें सबसे आगे थे देश के गृह मंत्री रह चुके सुशील कुमार शिंदे, जिन्होंने यहां तक कह डाला कि “मोदी सरकार ने अगर उरी के बाद सर्जिकल ऑपरेशन के बारे में लोगों को जानकारी नहीं दी होती तो अभी पुलवामा में हुआ ये हमला नहीं हुआ होता।” शिंदे गृहमंत्री रह चुके हैं और यह किसी आश्चर्य से कम नहीं कि वो एक ऐसा बयान दे रहे हैं जो वही व्यक्ति दे सकता है जो सेना के कामकाज को नहीं जानता। इसके अलावा राहुल गांधी के करीबी और प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह कहते हुए ललकारना शुरू कर दिया कि अब 56 इंच की छाती कहां गई? हैरानी यह है कि जब सेना ने सर्जिकल ऑपरेशन किया था तो उससे सबूत मांगने वालों में सुरजेवाला की कांग्रेस पार्टी भी सबसे आगे थी।

नीचे आप गौरव प्रधान का वो ट्वीट देख सकते हैं जिसमें उन्होंने हमले की आशंका जताई थी।

नीचे आप कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया देखकर खुद समझ सकते हैं कि जवानों के बलिदान पर कैसे उनको राजनीति का अवसर दिखाई दे रहा है।

नीचे आप सुशील कुमार शिंदे की प्रतिक्रिया देखकर समझ सकते हैं कि अंदरखाने में क्या चल रहा होगा।

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