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भगवंत मान ने छोड़ी शराब, केजरीवाल कब बंद करेंगे?

पंजाब में आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने शराब छोड़ने का एलान किया है। बरनाला में आम आदमी पार्टी की एक रैली में भगवंत मान ने सार्वजनिक मंच से ये एलान किया। उन्होंने अपनी मां की कसम खाते हुए कहा कि अब दोबारा कभी शराब को हाथ नहीं लगाएंगे। भगवंत मान के इस कदम को अरविंद केजरीवाल ने ‘देश के लिए उनका बड़ा बलिदान’ बताया। ऐसे में आम आदमी पार्टी से ही जुड़े कई कार्यकर्ता पूछ रहे हैं कि खुद अरविंद केजरीवाल पीना कब बंद करेंगे? क्योंकि केजरीवाल को जानने वाले उनकी इस लत के बारे में भी अच्छी तरह से जानते हैं। हालांकि केजरीवाल इस मामले में भगवंत मान के मुकाबले अधिक जिम्मेदारी बरतते हैं। वो इस बात का ध्यान रखते हैं कि पीकर कभी सार्वजनिक जगहों पर न जाएं। हालांकि पिछले दिनों बेंगलुरु में कुमारस्वामी सरकार के शपथग्रहण के दौरान उनके इस शौक की बात सार्वजनिक हो गई थी। यह भी पढ़ें: विरोध के बावजूद शराब के ठेके खुलवा रहे हैं अरविंद केजरीवाल

क्या वाकई केजरीवाल शराब पीते हैं?

यह बात कोई कहे तो शायद आप यकीन नहीं कर पाएंगे, लेकिन आंदोलन के दिनों से अरविंद केजरीवाल के साथ जुड़े वॉलेंटियर्स बताते हैं कि “वो शराब के शौकीन हैं। हालांकि ये शौक बेहद निजी है। वो किसी पार्टी या फंक्शन में शराब नहीं पीते, सिर्फ कुछ खास निजी दोस्तों के साथ या अकेले में शराब पीते हैं। यह शौक भी 2-3 पैग तक ही सीमित है।” हमें बताया गया कि केजरीवाल कभी-कभार ही शराब पीते हैं। केजरीवाल जब एनजीओ चलाया करते थे तो अपने कुछ खास लोगों के साथ अक्सर देर रात उन्हें शराब के पैग लगाते देखा जाता था। इंडिया अगेंस्ट करप्शन में भी काम कर चुके इस वॉलेंटियर ने हमें बताया कि “अन्ना आंदोलन के दौरान भी केजरीवाल कभी बहुत थक जाते थे तो गाड़ी में या किसी प्राइवेट जगह पर एक या दो पैग पीया करते थे। हालांकि यह ध्यान रखते थे कि पीने के बाद कभी लोगों के बीच में न जाएं।” यह भी पढ़ें: सुनीता केजरीवाल बहन, अपने पति को समझाओ

बेंगलुरु में खुल गई थी शराब की पोल

पिछले साल मई में कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी सरकार के शपथ ग्रहण में अरविंद केजरीवाल भी मेहमान बने थे। वहां पर होटल के कमरे में उनके शराब पीने की बात लीक हो गई थी। आरटीआई से पता चला था कि होटल में 2 घंटे के लिए ठहरने के दौरान अरविंद केजरीवाल का कुल बिल 1.85 लाख रुपये बैठा था। इसमें करीब 1 लाख रुपये होटल में उनके ठहरने और खाने का खर्च था जबकि 80 हजार रुपये का बिल शराब के नाम पर था। जब यह जानकारी सामने आई तो आम आदमी पार्टी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि साथ में गए लोगों ने शराब पी होगी। लेकिन बाद में बेंगलुरु के ताज वेस्ट एंड होटल के सूत्रों ने इस बात का खंडन किया था। होटल ने साफ कहा था कि केजरीवाल होटल में अकेले ठहरे थे और बिल भी उन्हीं के नाम पर बना था। दरअसल ये वो पहला मामला था जिसमें अरविंद केजरीवाल का शराब पीने का शौक सार्वजनिक हुआ था। खुद अरविंद केजरीवाल ने आज तक इस बारे में कोई खंडन नहीं किया है। यह भी पढ़ें: अरविंद केजरीवाल के नाजायज रिश्तों की आंखोंदेखी कहानी

दिल्ली में शराबखोरी को दिया बढ़ावा

दिल्ली में यह बात किसी से छिपी नहीं है कि अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री के तौर पर बेहद उदार शराब नीति लेकर आए। उनकी पहल पर ही दिल्ली में गली-गली में शराब की दुकानें खुलवा दीं। केजरीवाल की ही पहल पर दिल्ली में ज्यादातर फेमिली रेस्टोरेंट अब खाने के साथ शराब भी परोसते हैं। जबकि पहले इसकी इजाज़त नहीं थी। केजरीवाल की इस नीति के कारण दिल्ली के कई इलाकों में तरह-तरह की सामाजिक समस्याएं भी पैदा हुई हैं। कई इलाकों में लोगों को शराब के ठेके बंद कराने के लिए धरने-प्रदर्शन भी करने पड़े। हालांकि अरविंद केजरीवाल अपनी इस पॉलिसी पर आज भी अडिग हैं। अरविंद केजरीवाल की ही नीतियों का असल है कि दिल्ली शराब का सबसे बड़ा मार्केट बन चुका है और आसपास के राज्यों से भी लोग दिल्ली आकर ही शराब खरीदना पसंद करते हैं।

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