Loose Top

सेंटिनल आइलैंड पर फिर जाने की फिराक में हैं ईसाई मिशनरी

अंडमान निकोबार के सेंटिनल आइलैंड पर अवैध रूप से घुसे एक ईसाई मिशनरी के मारे जाने की खबरें पिछले दिनों खूब चर्चा में थीं। इस घटना से ईसाई मिशनरीज़ के हौसले पस्त नहीं हुए हैं और यह तय किया गया है कि द्वीप पर रहने वाले आदिवासियों को ईसाई बनाने की कोशिशें जारी रहेंगी। इस काम के लिए बहुत जल्द ही पूरी तैयारी के साथ धर्मांतरण करवाने वालों की एक टीम फिर से आइलैंड पर जाने की कोशिश कर सकती है। न्यूज़लूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक पोर्ट ब्लेयर के आर्च बिशप के यहां पिछले दिनों एक बैठक का आयोजन किया गया था, जिसमें इस बारे में रणनीति तैयार की गई। हैरानी की बात है कि वेटिकन के प्रतिनिधि के तौर पर आर्चबिशप ने पहले बयान जारी करके कहा था कि सेंटिनल आइलैंड पर मारे गए अमेरिकी टूरिस्ट जॉन एलेन चाऊ का उससे कोई लेना-देना नहीं था और उसे धर्मांतरण के लिए नहीं भेजा गया था। दुनिया भर में ईसाई धर्मांतरण के लिए चलाए जा रहे ‘जोशुआ प्रोजेक्ट’ में सेंटिनल आइलैंड के इस अभियान को लेकर कई चौंकाने वाली बातें कही गई हैं। इसमें बाकायदा भारत सरकार से अपील की गई है कि वो ईसाई धर्मांतरण के लिए उन्हें सेंटिनल आइलैंड जाने की इजाज़त दे। यह भी पढ़ें: हिंदू धर्म ग्रंथों को दूषित कर रही हैं ईसाई मिशनरीज़

जीत की निशानी होगा सेंटिनल

दरअसल ईसाई मिशनरी सेंटिलन आइलैंड को अपनी जीत की निशानी बनाना चाहती हैं। उनका कहना है कि एक धर्म प्रचारक के बलिदान को बेकार नहीं जाने दिया जाना चाहिए। हमारी जानकारी के मुताबिक एलेन चाऊ से पहले भी कई ईसाई धर्मप्रचारक सेंटिनल आइलैंड के आसपास की रेकी कर चुके हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि उन्हें भारतीय कोस्ट गार्ड्स के कुछ जवानों और अधिकारियों से इसके लिए मदद भी मिल रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सेंटिनल आइलैंड पर बसे आदिवासियों की संख्या 5000 के आसपास है, लेकिन भारतीय अधिकारी इसके 50 से 500 के बीच होने का अनुमान जताते हैं। ईसाई मिशनरीज को यहां के आदिवासियों की सही संख्या का अनुमान है और वो चाहते हैं कि एक बार किसी तरह वो वहां तक पहुंच गए तो ये द्वीप आगे चलकर दुनिया में ईसाई प्रभुत्व की निशानी होगा। यही कारण है कि भारत सरकार की पाबंदियों के बावजूद सेंटिनल पर जाने का सीक्रेट मिशन तैयार किया गया है। यह भी पढ़ें: दिल्ली में ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे हैं केजरीवाल

जोशुआ प्रोजेक्ट का हिस्सा है द्वीप

पूरी दुनिया को ईसाई बनाने के लिए चर्च का एक प्रोजेक्ट चल रहा है, जिसे जोशुआ प्रोजेक्ट के नाम से जाना जाता है। इस प्रोजेक्ट के नाम से एक वेबसाइट भी है जिसमें दुनिया भर में चल रहे धर्मांतरण का पूरा डेटाबेस है। इसी वेबसाइट पर सेंटिनल आइलैंड से जुड़ी कई जानकारियां अपलोड की गई हैं। यह द्वीप बाकी दुनिया के लिए प्रतिबंधित है, ऐसे में यहां जाने के लिए लक्ष्य तय करना ही अपने-आप में गैर-कानूनी माना जा सकता है। इस पेज पर बताया गया है कि सेंटिनल के लोग दुनिया से कटे हुए हैं। वो काले और लंबे होते हैं। वो जानवरों और मछलियों का शिकार करके उनका कच्चा मांस खाते हैं। इसके अलावा नारियल, जंगली शहद, फल और मेवे उनका आहार है। वेबसाइट पर बताया गया है कि सेंटिनल आइलैंड के लोग खेती नहीं करते। उनके घर बड़े होते हैं लेकिन उनमें आम आदिवासी समाजों की तरह कोई सजावट वगैरह नहीं होती। वो जानवरों की खाल और पत्ते शरीर पर लपेटते हैं। भाले और तीर-धनुष को वो हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। वेबसाइट के अनुसार सेंटिनल द्वीप के लोग संगीत, नाच-गाने और जश्न के भी शौकीन होते हैं। जोशुआ प्रोजेक्ट की वेबसाइट पर करन हाइटावर (Karen Hightower) नाम के एक वॉलेंटियर ने ये जानकारी शेयर की हैं। सवाल उठता है कि द्वीप के जीवन के बारे में इतनी करीबी जानकारी आखिर उसको कैसे मिली? कहीं ऐसा तो नहीं कि ईसाई धर्मांतरण एजेंसियां किसी तरह से आइलैंड के लोगों से संपर्क स्थापित करने में कामयाब हो चुकी हैं? यह भी पढ़ें: ईसाई धर्म अपना कर पछता रहे हैं लाखों दलित परिवार

क्या है मिशनरीज़ की नई रणनीति?

जोशुआ प्रोजेक्ट की वेबसाइट पर ही इस बारे में विस्तार से बताया गया है। इसमें कहा गया है कि “हमें वहां के लोगों की जरूरतों पर फोकस करना होगा। इसमें सबसे प्रमुख है मेडिकल केयर।” वेबसाइट के मुताबिक “सेंटिनल के लोगों को बताया जाना चाहिए कि सबको बनाने वाला भगवान मौजूद है और वो उन्हें भी प्रेम करता है। उनके पापों के लिए भगवान ने बहुत से कष्ट सहे।” (Sentinelese people need to know that the Creator God exists, and that He loves them and paid the price for their sins) कहने की जरूरत नहीं है कि एलेन चाऊ भी आइलैंड पर यही बोलते हुए मारा गया था। जोशुआ प्रोजेक्ट की वेबसाइट पर सेंटिनल लोगों के लिए प्रार्थना दी गई है। जिसके मुताबिक “प्रभु यीशू भारतीय सरकार को सदबुद्धि दे कि वो ईसाइयों को सेंटिनल आइलैंड पर जाने की छूट दे। ताकि वो सेंटिनल के लोगों के बीच में रहकर उनका भरोसा जीत सकें। यीशू से प्रार्थना है कि वो सेंटिनल के लोगों के लिए दुनिया के दरवाजे खोल दे ताकि ईसा का संदेश उन तक पहुंच सके। (Pray that God will open doors to Sentinelese people to receive the gospel message.)” यह भी पढ़ें: हिंदू धर्मगुरु की आड़ में ईसाई मिशनरी का एजेंट

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Popular This Week

Don`t copy text!