हॉन्गकॉन्ग में शिव मंदिर बनवा रहा है ये चाइनीज एक्टर

हिंदू धर्म के लिए विदेशी लोगों में बढ़ते आकर्षण की खबरें आप अक्सर सुनते होंगे, लेकिन पहली बार इसमें चीन का नाम भी जुड़ा है। चाइनीज फिल्मों के एक्टर जैकी हुंग ने हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया है। चाइनीज़ मार्शल आर्ट एक्टर जैकी ने माना है कि वो चार साल पहले ही औपचारिक तौर पर हिंदू धर्म को स्वीकार कर चुके हैं। इससे पहले पारिवारिक रूप से वो बौद्ध धर्म को मानते थे। लेकिन धीरे-धीरे उनका लगाव हिंदू धर्म के लिए बढ़ता गया और अब वो खुद को हिंदू कहलाना पसंद करते हैं। हुंग कई बार भारत आकर तीर्थयात्राएं कर चुके हैं। पिछले दिनों वो वाराणसी भी आए थे। इसके अलावा पितृपक्ष में गया जाकर उन्होंने अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए श्राद्ध भी किया था। हिंदू धर्म अपनाने की एक बड़ी वजह वो भगवान शिव के साथ अपने आध्यात्मिक जुड़ाव को बताते हैं। यह भी पढ़ें: दुनिया की वो बड़ी हस्तियां, जिन्होंने हिंदू धर्म को अपना लिया

शिव की शक्ति को किया महसूस

जैकी हुंग ने बताया कि चार साल पहले वो चेन्नई गए थे। वहां पर उन्हें भगवान शिव के एक मंदिर में जाने का मौका मिला। हुंग बताते हैं कि “मंदिर में प्रवेश के समय मैंने एक अजीबोगरीब सी ऊर्जा का अनुभव किया। मुझे लगा कि वो ऊर्जा मेरे मन और मस्तिष्क को खुद में घेरे जा रही है। यह एक सकारात्मक ऊर्जा थी जिसने जीवन के लिए मेरे नजरिए को बदल दिया। मुझे लगा कि मैं अब बिल्कुल नया इंसान हूं। मैं सीधे शिव की शक्ति को महसूस करने लगा। जब मैं शिवलिंग के सामने खड़ा था तो मुझे लगा कि मैं जड़ हो चुका हूं और बिल्कुल भी हिलडुल नहीं सकता। उसी वक्त मैं भगवान शिव से जुड़ गया था और तभी से मुझे मेरे भगवान मिल गए।” भगवान शिव की आराधना के नाम पर भारत आने वाले ज्यादातर विदेशी हस्तियां यहां नशे वगैरह की लत में होते हैं। लेकिन जैकी हुंग नशे से बिल्कुल दूर हैं। वो किसी आम हिंदू की तरह सात्विक जीवन बिताने में विश्वास करते हैं। यह भी पढ़ें: इस्लाम छोड़कर क्यों एक्स-मुस्लिम बन रहे हैं लोग

हॉन्गकॉन्ग में शिव मंदिर का निर्माण

जैकी हुंग फिलहाल हॉन्गकॉन्ग में रहते हैं, वो वहां पर एक शिव मंदिर बनवा रहे हैं। जैकी हुंग का कहना है कि जब मैं बहुत तकलीफ में था तो जिस ईश्वरीय शक्ति ने मुझे उससे बाहर निकाला, उसका अनुभव मैं हमेशा अपने साथ बनाए रखना चाहता हूं। हॉन्गकॉन्ग में शिव मंदिर बनने से वहां पर दूसरे लोग भी उस ऊर्जा और उस आध्यात्मिक शांति को महसूस कर सकेंगे। उन्होंने बताया वो आगे अपने अनुभव हॉन्गकॉन्ग और चीन में सामान्य लोगों में बाटेंगे और लोगों से अपील करेंगे कि अपने भौतिकवादी और आध्यात्मिक जीवन में कैसे सामंजस्य बनाएं। उन्होंने कहा कि हॉन्गकॉन्ग में कई हिंदू मंदिर हैं और लोग उनमें नियमित तौर पर जाते हैं। योग और ध्यान के बढ़ते प्रचलन के कारण भी चीन और हॉन्गकॉन्ग के लोगों में हिंदू धर्म के लिए बीते सालों में दिलचस्पी बढ़ी है। नीचे आप चीन में चल रहे एक योग केंद्र का वीडियो देख सकते हैं। यहां पर आने वाले ज्यादातर लोग हिंदू धर्म के लिए भी आकर्षित हैं। यह भी पढ़ें: केरल में वापस हिंदू बन रहे हैं दलित ईसाई

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