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पीएमओ में यह शख्स नरेंद्र मोदी की आंख कान था

प्रधानमंत्री कार्यालय में यूं तो सैकड़ों कर्मचारी और अधिकारी होंगे, लेकिन सोमवार के दिन एक ऐसे अफसर की मौत की खबर आई जो सही मायने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंख और कान की तरह थे। ये शख्स थे प्रधानमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) जगदीश ठक्कर। गुजरात सूचना सेवा के अधिकारी जगदीशभाई ठक्कर प्रधानमंत्री कार्यालय में पिछले साढ़े चार साल से वो जिम्मेदारी निभा रहे थे, जिसके लिए सबसे भरोसेमंद आदमी की जरूरत होती है। वो प्रधानमंत्री के लिए भाषणों के इनपुट्स देने के साथ-साथ उन्हें अलग-अलग मुद्दों पर जनता से जुड़ी वो सलाहें दिया करते थे जो बड़े-बड़े प्रशासनिक अधिकारी और जमीन से जुड़े नेता भी नहीं दे सकते थे। इसके अलावा हर वो काम जगदीश भाई की नजरों से होकर गुजरता था, जिसके लिए माना जाता था कि उसे खुद पीएम मोदी ने देखा है। जगदीश ठक्कर को देख कर कोई भरोसा नहीं कर सकता था कि वो इतने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर हैं। बेहद शांत और गंभीर स्वभाव के ठक्कर बिना किसी दिखावे के चुपचाप अपना काम करने में विश्वास करते थे।

जगदीश ठक्कर 1986 से ही गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय में पीआरओ के पद पर थे। 2002 में नरेंद्र मोदी जब मुख्यमंत्री बनकर गए तो वो ठक्कर की ईमानदारी और निष्ठा से बहुत प्रभावित हुए। तब से मोदी ने उन्हें हमेशा अपने साथ रखा। बड़े-बड़े धाकड़ आईएएस और आईपीएस अफसरों की भीड़ के बावजूद ठक्कर मोदी के सबसे करीबी अफसर बने रहे। कई बार लोग उन्हें मोदी का साया कहा करते थे। तब वो किनारे बैठकर मुख्यमंत्री की बैठकों का ब्रीफ लिखा करते थे। मोदी जहां कहीं भी जाते थे जगदीश भाई साये की तरह उनके साथ होते थे। बाद में जब वो रिटायर हो गए तब भी मोदी ने उन्हें अपने साथ बनाए रखा। जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनकर दिल्ली आए तो सबसे पहले गुजरात से जो अफसर उनके साथ आए वो जगदीश ठक्कर ही थे। प्रधानमंत्री कार्यालय में भी वो बेहद सादगी से रहा करते थे। उनकी पोशाक देखकर अक्सर लोग गच्चा खा जाते थे कि ये शख्स इतना महत्वपूर्ण है। कुछ महीने पहले ही पता चला था कि उन्हें फोर्थ स्टेज का कैंसर है। जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करने वाले एक अधिकारी ने न्यूज़लूज़ को बताया कि भले ही मोदीजी ने वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शक मंडल बनाया था, लेकिन सही मायने में उनका कोई मार्गदर्शक था तो वो जगदीश भाई ही थे। राजनीति और सरकारी कामकाज से जुड़े बहुत महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी वो सबसे ज्यादा भरोसा जगदीश ठक्कर पर करते थे। वो उनके लिए दोस्त और बड़े भाई की तरह थे। इस लिहाज से उनका ठक्कर के साथ रिश्ता बेहद आत्मीय था। पीएम मोदी को जानने वाले अच्छी तरह से समझ रहे हैं कि प्रधानमंत्री के तौर पर इस कार्यकाल में उन्होंने जो सबसे करीबी व्यक्ति खोया है वो जगदीश ठक्कर ही हैं। यह बात उनके निधन से जुड़े प्रधानमंत्री के ट्वीट्स से भी जाहिर हो रहा है। जाहिर है मंत्रिमंडल के कई करीबी सहयोगियों के बाद जगदीश ठक्कर जैसे व्यक्ति का निधन किसी सदमे से कम नहीं है।

जगदीशभाई ठक्कर की यह तस्वीर कुछ महीने पहले की है।

पत्रकार अशोक श्रीवास्तव और अखिलेश शर्मा ने उन्हें कुछ इन शब्दों में श्रद्धांजलि दी।

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