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देश के स्वास्थ्य मंत्री ने केजरीवाल के आगे क्यों जोड़े हाथ!

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकारी खर्चे पर अपना इलाज कराने भले ही हर साल बैंगलोर जाते हों, लेकिन जनता के इलाज के लिए केंद्र सरकार की स्कीम लागू करने में उनका अहम आड़े आ रहा है। देश के दूसरे तमाम राज्यों में अब तक लाखों लोगों का मुफ्त इलाज कराने वाली आयुष्मान भारत योजना को केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में लागू नहीं होने दिया है। इसके कारण दिल्ली में रहने वाले लाखों गरीब लोग इस योजना का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। दिल्ली सरकार के इस रवैये को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने खुद ट्वीट करके दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से हाथ जोड़कर अपील की कि वो दिल्ली के गरीबों के लिए इस योजना को लागू हो जाने दें। हालांकि केजरीवाल ने अब तक इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। यह भी पढ़ें: आरटीआई से खुली केजरीवाल के शिक्षा सुधार की पोल

गरीबों के इलाज में भी राजनीति

दरअसल अरविंद केजरीवाल चाहते हैं कि देश भर में आयुष्मान भारत योजना के नाम से चल रही इस स्कीम को दिल्ली में उनके नाम पर चलाया जाए। ताकि जनता को यह लगे कि यह दिल्ली सरकार की योजना है। आम तौर पर ऐसा नहीं होता है। जो सरकार किसी योजना को फंड कर रही होती है वो उसके साथ अपना नाम रखती है। जाहिर है स्कीम को गरीबों तक न पहुंचने देने के लिए ये केजरीवाल सरकार का बहाना भर है। केजरीवाल सरकार यह दलील भी देती है कि दिल्ली के अस्पतालों में पहले से ही गरीबों का मुफ्त इलाज हो रहा है, ऐसे में उन्हें आयुष्मान भारत जैसी किसी योजना की जरूरत ही नहीं है। यह बात भी तथ्यों के हिसाब से गलत है, क्योंकि दिल्ली ही नहीं देश के सभी राज्यों में सरकारी अस्पतालों में इलाज मुफ्त में ही होता है। आयुष्मान योजना की बड़ी बात यह है कि इससे कोई गरीब आदमी चाहे तो किसी प्राइवेट अस्पताल में भी जाकर 5 लाख रुपये तक का इलाज बिल्कुल मुफ्त करवा सकता है। उसका पूरा मेडिकल खर्चा बीमा कंपनी देती है।

केजरीवाल पर उठने लगे सवाल

दरअसल बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि केजरीवाल सरकार को दिल्ली के गरीबों को जवाब देना पड़ेगा कि आखिर उन्हें आयुष्मान भारत योजना का लाभ क्यों नहीं दिया गया। इस पर केजरीवाल ने ट्वीट करके आरोप लगाना शुरू कर दिया कि यह स्कीम बीमा कंपनियों के फायदे के लिए है। जबकि सच्चाई यह है कि इस बीमा का प्रीमियम केंद्र सरकार भरती है, जिससे गरीबों को मुफ्त में इलाज मिल सके। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ट्वीट करके केजरीवाल से अपील की कि वो इसे राजनीति का विषय न बनाएं और गरीबों को बेहतर इलाज में बाधा बनकर खड़े न हों। हैरानी की बात है कि दिल्ली सरकार के विज्ञापनों के चक्कर में मीडिया भी जनहित के इस गंभीर मुद्दे को नहीं उठा रहा है।

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