अबॉर्शन करवाने में वर्ल्ड नंबर-1 है पाकिस्तान, जानिए क्यों

आपको यह जानकर शायद हैरानी हो कि दुनिया में सबसे ज्यादा गर्भपात यानी अबॉर्शन पाकिस्तान में करवाए जाते हैं। यहां तक कि फ्री सेक्स और खुले माहौल वाले यूरोपीय देशों में भी अबॉर्शन की दर इतनी नहीं है जितनी पाकिस्तान में। 2012 में न्यूयॉर्क की संस्था पॉपुलेशन कौंसिल ने एक अध्ययन किया था जिसमें यह बात सामने आई थी कि पाकिस्तान में 15 से 44 साल की उम्र की हर 1000 महिलाओं में से 50 अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को गिरवाती हैं। यह अनुपात अमेरिका से लगभग चार गुना अधिक है। यह स्थिति तब है जब पाकिस्तान में कानूनी तौर पर गर्भपात करवाना बेहद मुश्किल है। कुछ खास स्थितियों में ही महिलाओं को अबॉर्शन की छूट दी जाती है। खासतौर पर तब गर्भपात बिल्कुल नहीं करवाया जा सकता, जब ऐसा करने पर महिला की जान को कोई खतरा हो। अबॉर्शन की छूट सिर्फ उन हालात में दी जाती है, जब ऐसा करना मां की जिंदगी बचाने के लिए जरूरी हो। लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान में गर्भपात कराए जा रहे हैं उसे देखते हुए वहां के समाज पर कई सवाल खड़े होते हैं। अपील: कृपया पोस्ट कॉपी न करें, लिंक शेयर करें।

इस्लाम के कारण गर्भपात

पाकिस्तान में बढ़ते गर्भपात की बड़ी वजह लड़कियां पैदा होने से रोकना है। यह बुराई भारत में भले ही लगभग खत्म होने को है, लेकिन पाकिस्तान के तमाम इलाकों में आज भी लड़कियों को परेशानी समझा जाता है और पढ़े-लिखे परिवारों में भी लड़कों को तरजीह दी जाती है। साथ ही दूसरी बड़ी वजह ये कि पाकिस्तान में गर्भनिरोधक उपायों का इस्तेमाल लगभग नहीं के बराबर होता है। इसके पीछे बड़ी वजह यह है कि इस्लाम में बच्चों को अल्लाह की देन और औरतों को मर्द की खेती कहा गया है। ऐसी स्थिति में पुरुष लगातार बच्चे पैदा करने में जुटे रहते हैं और महिलाओं पर दबाव रहता है कि लड़का ही पैदा हो। कई बार महिलाएं लड़की पैदा होने की आशंका के चलते ही खुद ही कुछ घरेलू उपाय करके बच्चे को मारने की कोशिश करती हैं। इस्लाम में फेमिली प्लानिंग या गर्भधारण रोकने के उपायों को हराम करार दिया गया है। ऐसे में महिलाओं के आगे गर्भपात करवाकर अपनी जिंदगी जोखिम में डालने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचता। इसके कारण महिलाओं के स्वास्थ्य पर जोखिम भी बढ़ता जा रहा है। अपील: कृपया पोस्ट कॉपी न करें, लिंक शेयर करें।

अवैध संबंधों से बिगड़े हालात

अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार बीते कुछ साल में पाकिस्तानी समाज में अवैध रिश्तों के कारण गर्भपात के मामले बढ़े हैं। बंद समाज होने के कारण अब तक महिलाएं घरों में दबी-कुचली रहा करती थीं। लेकिन इंटरनेट और मोबाइल आने के बाद पाकिस्तान में सेक्स क्रांति आई हुई है। खास तौर पर गांवों और छोटे शहरों में कम उम्र की लड़कियां अवैध रिश्तों में पड़कर गर्भवती हो रही हैं। ऐसे रिश्तों में धार्मिक शिक्षा से जुड़े मौलवियों का भी बड़ा हाथ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कुरान या उर्दू पढ़ाने वाले मौलवियों के साथ अवैध रिश्तों के मामले कईगुना बढ़े हैं। क्योंकि टीचर के तौर पर इनकी एंट्री घरों में अंदर तक होती है। अक्सर नाबालिग लड़कियां भी इनकी शिकार बन जाती हैं। जब भी ऐसे किसी मामले में लड़की प्रेगनेंट हो जाती हैं तो उनके पास चोरी-छिपे अबॉर्शन कराने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं होता है। अपील: कृपया पोस्ट कॉपी न करें, लिंक शेयर करें।

अबॉर्शन बन चुका है उद्योग

भारत और चीन भले ही दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाले देश हों, पाकिस्तान दुनिया में सबसे तेज बढ़ती आबादी वाला देश है। पाकिस्तान में आज भी बड़े इलाके में औसतन 13 साल की उम्र में लड़कियों की शादी कर दी जाती है और वो 18 साल की होने तक 3-4 बच्चों की मां हो चुकी होती हैं। शहरों में तो हालात फिर भी ठीक हैं, गांवों में लोग गर्भनिरोधक उपायों के बारे में जानते तक नहीं। कारण ये कि पाकिस्तान के कट्टरपंथी मौलवी इन इलाकों में फेमिली प्लानिंग से जुड़े सरकारी अफसरों को भगा देते हैं। ऐसे में गांव-गांव में दाइयों और आया के भरोसे अबॉर्शन का धंधा चल रहा है। ये सिर्फ 200 से 400 रुपये में पेट में पल रहे बच्चे को मारने की सुपारी ले लेती हैं। अक्सर ऐसी कोशिश में महिलाओं की जान भी चली जाती है। कई बार उन्हें ऐसे जानलेवा संक्रमणों से गुजरना पड़ता है जिससे जिंदगी भर के लिए बीमारी लग जाती हैं। इस्लाम के असभ्य और बर्बर रूप को कहीं पर देखना हो तो वो पाकिस्तान है। इसका जीता-जागता सबूत यहां पर हो रहे गर्भपात हैं। अपील: कृपया पोस्ट कॉपी न करें, लिंक शेयर करें।

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