अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला, सोनिया गांधी ने मायके को भी नहीं बख्शा!

मनमोहन सिंह सरकार के समय में हुए अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में सोनिया गांधी पर शिकंजा कसता जा रहा है। वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद के सौदे में बिचौलिये का काम करने वाले इटली के नागरिक जेम्स क्रिश्चियन मिशेल को दुबई में हिरासत में लिया गया है। उम्मीद है कि बहुत जल्द उसे भारत को सौंप दिया जाएगा। इस खबर से कांग्रेस पार्टी बुरी तरह से डरी हुई है। क्योंकि उसे डर है कि वो कहीं सोनिया गांधी के खिलाफ बयान न दे दे। बिचौलिया जेम्स क्रिश्चियन मिशेल एक अहम कड़ी है। आरोप है कि उसी के जरिए इस सौदे में कांग्रेस के कुछ दिग्गज नेताओं ने रिश्वत ली थी। इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय ने इस घोटाले में एक सप्लिमेंटरी चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। इस चार्जशीट को दुबई की कोर्ट में पेश किया गया है, ताकि गिरफ्तार बिचौलिये के प्रत्यर्पण में आसानी हो। यह भी पढ़ें: हेलीकॉप्टर घोटाले में अगला नंबर सोनिया गांधी का

घोटाले से सोनिया गांधी का कनेक्शन

2010 में हेलीकॉप्टर बनाने वाली इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से वीवीआईपी के लिए 12 हेलिकॉप्टर खरीदने का सौदा हुआ था। 12 हेलीकॉप्टरों के लिए कुल 3600 करोड़ रुपये देना तय हुआ था। लेकिन तभी यह पोल खुल गई कि कंपनी ने भारत में 125 करोड़ रुपये घूस दिए हैं। इटली की अदालत में यह साबित हुआ कुल डील का 10% हिस्सा रिश्वत में देने की बात तय हुई थी। घूसखोरी का भंडाफोड़ होने के बाद 2010 में मनमोहन सिंह की सरकार ने डील रद्द कर दिया। इसके बाद पूर्व एयरफोर्स चीफ एसपी त्यागी समेत 13 लोगों पर केस दर्ज किया गया। इटली की कोर्ट की कार्रवाई में यह बात सामने आई थी कि भारत के ‘सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार’ ने सौदे में 125 करोड़ रुपये कमीशन लिया। चूंकि इस मामले का भंडाफोड़ इटली में ही हुआ था, लिहाजा वहां भी इस पर मुकदमा चला। मिलान शहर की अदालत के फैसले के पेज नंबर-193 और 204 पर कुल मिलाकर 4 बार सोनिया गांधी का नाम आया। इसमें उनके नाम की स्पेलिंग Signora Gandhi लिखा गया था। कोर्ट ने कहा कि सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने बिचौलिए जरिए 125 करोड़ रुपये कमीशन लिया। कुल 225 करोड़ रुपए रिश्वत की लेन-देन हुई, जिसमें से 52% हिस्सा कांग्रेस के नेताओं को दिया गया। 28% सरकारी अफसरों को और 20% एयरफोर्स के अफसरों को मिला। इस केस में तब के एयरफोर्स चीफ एसपी त्यागी को भी आरोपी बनाया गया।

इटली की अदालत में फैसला हुआ

2016 में इटली की निचली अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी के दो अफसरों को रिश्वत देने का दोषी ठहराया। उन्होंने कोर्ट के आगे कबूला कि भारत को हेलीकॉप्टर की 3,600 करोड़ रुपये की डील के बदले कंपनी ने कांग्रेस पार्टी के टॉप नेताओं को रिश्वत दी। रिश्वत लेने वालों को सजा नहीं दी जा सकती थी, क्योंकि वो इटली से बाहर रह रहे हैं। हालांकि इस साल जनवरी में इटली की ऊपरी अदालत ने दोनों अधिकारियों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि उन्हें सजा देने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। हालांकि कोर्ट में यह बात साबित हुई कि रिश्वत की लेन-देन हुई है। इटली की कोर्ट के फैसले को कांग्रेस ने अपनी जीत बताया। लेकिन सीबीआई और ईडी ने साफ कह दिया कि ये मुकदमा भारत में चलेगा और इटली की अदालत के फैसले से इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सोनिया गांधी के लिए क्यों है मुश्किल?

इस केस में 34 भारतीय और विदेशी नागरिकों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। जेम्स जून से दुबई पुलिस की हिरासत में है और अब भारतीय एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही हैं। दुबई पुलिस ने जेम्स क्रिश्चियन मिशेल को भारत सरकार के टिप ऑफ पर भी हिरासत में लिया था। इस केस में सबसे खास बात यह है कि इस बिचौलिए ने 1997 से 2013 के बीच भारत के 300 चक्कर लगाए थे। जैसे ही घोटाला खुला वो भारत छोड़कर भाग गया। तब से कानूनी लड़ाई लगातार जारी है और अब ये अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है।

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