छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की चुनावी टी-शर्ट में भी ‘घोटाला’!

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में टी-शर्ट घोटाला सामने आया है। दरअसल कुछ दिन पहले ही राज्य कांग्रेस ने एक चुनावी टी-शर्ट जारी की है, जिस पर ‘उड़ गई विकास की चिड़िया’ लिखा गया है। इस टी-शर्ट के जरिए पार्टी ने राज्य की रमन सिंह सरकार के खिलाफ हमला बोला है। लेकिन अब उसी टी-शर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के ही कुछ समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट के बदले वसूली के आरोप लगाए हैं। हालांकि उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी है। इन लोगों का आरोप है कि टी-शर्ट के बदले राज्य कांग्रेस के कुछ बड़े नेता अपनी जेब भर रहे हैं। ये हालत तब है जब पार्टी मीडिया में कह रही है कि वो कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच एक लाख टी-शर्ट बांट रही है।

विधानसभा चुनाव की तैयारी

दरअसल छत्तीसगढ़ में इस साल के आखिर तक विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस यहां पर 15 साल से सत्ता से बाहर है। उसे लग रहा है कि इस बार उसका चांस है, लिहाजा अभी से आक्रामक प्रचार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने ‘उड़ गई विकास की चिड़िया’ लिखे टी-शर्ट धूम-धाम से लॉन्च किए थे। फिलहाल 35 लाख नए टी-शर्ट के लिए भी ऑर्डर दिए जा चुके हैं। लेकिन उससे पहले इसे लेकर विवादों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। टी-शर्ट को लेकर वसूली के बारे में कुछ जानकारी सोशल मीडिया पर छन-छन कर सामने आ रही है। इनके मुताबिक स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से टी-शर्ट के एवज में पैसे मांगे गए हैं। जबकि पार्टी इसे मुफ्त में बांटने का दावा कर रही है। ऐसे ही ट्वीट्स आप नीचे देख सकते हैं।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

कांग्रेस के इस टीशर्ट अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। कई लोगों ने इस नारे के मतलब पर चुटकी ली है। जबकि कई लोगों ने कांग्रेस को 2003 से पहले उसकी सत्ता का दौर याद दिलाया है। उधर कांग्रेस के समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर पूरा जोर लगा रखा है। हालांकि टी-शर्ट के नाम पर वसूली के आरोपों से पार्टी के अंदर ही अंदर खलबली है। हमने इस बारे में स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की तो सभी ने इस तरह की किसी वसूली से इनकार किया। हालांकि कई लोग फंड का रोना रो रही कांग्रेस पार्टी के इस अभियान के खर्च पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

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