रवीश कुमार को छेड़ो नहीं, उनको रहम की जरूरत है!

ये दोनों तस्वीरें अनुपम नाम के एक लड़के ने टैक्सी से जाते समय खीचीं थीं। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि वो ईयरफोन लगाकर ड्राइविंग कर रहे हैं। जो कि कानूनन गलत है।

विवादित पत्रकार रवीश कुमार इन दिनों फिर से सुर्खियों में हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इसकी खबर खुद उस तथाकथित न्यूज चैनल ने दी है जिसमें वो नौकरी करते हैं। यह वही चैनल है जो पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के दौरान संवेदनशील जानकारियां लीक करने का दोषी ठहराया जा चुका है। पिछले कुछ समय से यह शक जताया जा रहा है कि रवीश कुमार मानसिक संतुलन खोते जा रहे हैं। उनके ताजा आरोप भी इसी कड़ी का हिस्सा मालूम होते हैं। क्योंकि इसके पीछे भी उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ लगता है। अभी कुछ दिन पहले ही रवीश कुमार ने जज लोया की मौत के मामले में फर्जी खबर फैलाने की कोशिश की थी कि वो मौत स्वाभाविक नहीं, बल्कि हत्या है। इन बातों को देखते हुए यह बात कही जा रही है कि रवीश कुमार से बेवजह उलझने के बजाय उन्हें सहानुभूति की जरूरत है, ताकि वो इस मानसिक अवस्था से बाहर निकल सकें। यह भी पढ़ें: रवीशजी, आपका पाखंड भी देश देख रहा है

गंभीर दिमागी बीमारी के लक्षण

जान से मारने की धमकी के संदिग्ध आरोपों के अलावा रवीश कुमार ने एक और अजीबोगरीब आरोप लगाया है कि एनडीटीवी पर जब उनका प्रोग्राम आता है तो चैनल का सिग्नल खराब कर दिया जाता है। केबल पर तो ये आरोप वो काफी समय से लगाते रहे हैं, लेकिन पहली बार उन्होंने टाटा स्काई पर भी आरोप लगाया है कि वो उनके प्रोग्राम का सिग्नल बिगाड़ देता है। इसके सबूत के तौर पर उन्होंने दो वीडियो भी शेयर किए हैं। जबकि तकनीकी रूप से ऐसा संभव नहीं है। यह सामान्य बात है कि टाटा स्काई या किसी दूसरे डीटीएच पर कभी किसी चैनल का सिग्नल कमजोर हो। लेकिन कोई जानबूझ कर ऐसा नहीं कर सकता। इसी पोस्ट में नीचे आप इसका वीडियो देख सकते हैं। यह भी पढ़ें: रवीश कुमार को एनडीटीवी के एक पूर्व पत्रकार का पत्र

जब कानून तोड़ते पकड़े गए थे

दरअसल हाल ही में एक व्यक्ति ने रवीश कुमार को कार चलाते हुए कानों में ईयरफोन पर बात करते हुए देखा और उसने इसकी तस्वीर ले ली। उस व्यक्ति ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर कहा था कि “कुछ दिन पहले ही मैंने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में ईयरफोन लगाकर स्कूल बस चला रहे ड्राइवर से हुए हादसे की खबर सुनी थी, जिसमें कई बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसलिए मुझे लगा कि रवीश कुमार एक पत्रकार होते हुए भी वैसी ही गलती कर रहे हैं और अपनी सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। इसलिए मैंने उनकी फोटो खींच ली।” वो व्यक्ति खुद भी एक टैक्सी में अपने पिता और बहन के साथ कहीं जा रहा था। रवीश ने उन्हें फोटो लेते देख लिया और अपनी कार उसकी टैक्सी के पीछे भगानी शुरू कर दी। उन्होंने टैक्सी से अपनी कार टकराने की भी कई बार कोशिश की। जबकि रवीश कुमार ने दलील दी कि वो व्यक्ति उनका पीछा कर रहा था और उनकी हत्या करना चाहता था। उस घटना की तस्वीर को आप इस पोस्ट में ऊपर देख सकते हैं। यह भी पढ़ें: रवीशजी, मोदी के भाई से कार में तेल भरवाइएगा?

कई पूर्व साथी कर चुके हैं इशारा

एनडीटीवी में रवीश कुमार के साथ काम कर चुके कई साथी भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि उनके साथ कुछ दिमागी दिक्कत है। कुछ समय पहले पत्रकार सुशांत सिन्हा ने एक फेसबुक पोस्ट लिखकर कहा था कि रवीश कुमार स्प्लिट पर्सनैलिटी डिसॉर्डर यानी दोहरे व्यक्तित्व की बीमारी से ग्रसित हैं। उन्होंने कुछ घटनाओं का भी वर्णन किया था जिससे इस बात की पुष्टि होती है। इसके अलावा भी कई पत्रकार निजी बातचीत में रवीश कुमार की दिमागी स्थिति के बारे में बताते रहते हैं।पढ़ें वो पोस्ट: रवीश कुमार के नाम एनडीटीवी के पूर्व पत्रकार का पत्र

दरअसल रवीश कुमार की सबसे बड़ी समस्या उनकी घटती टीआरपी है। उनके कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के समर्थक तो उनके फैन हैं, लेकिन आम जनता उनके कार्यक्रम नहीं देखती। यही कारण है कि एनडीटीवी इंडिया टीआरपी की लिस्ट में आखिरी नंबर पर है। टॉप-5 चैनलों में उसका दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं है। संभवत: इसी का रवीश कुमार की मानसिक स्थिति पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

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