इस पूर्व पत्रकार ने खोली पुण्य प्रसून वाजपेयी की पोल

विवादित पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी एक नए पचड़े में फंस गए हैं। दरअसल पिछले दिनों दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में पुण्य प्रसून ने कहा था कि मोदी सरकार आने के बाद से चैनलों में सीधे पीएमओ से फोन पर निर्देश आते हैं। उनका कहना था कि “आज देश में पत्रकारिता के हालात बदल गए हैं। संपादक को पता नहीं होता कि कब फोन आ जाए। कभी पीएमओ तो कभी किसी मंत्रालय से सीधे फोन आता है। इन फोन कॉल्स में खबरों को लेकर आदेश होते हैं।” इस आरोप का मतलब हुआ कि सरकार मीडिया की आजादी में दखलंदाजी दे रही है। लेकिन पुण्य प्रसून वाजपेयी के इस बयान के कुछ घंटों के अंदर ही उनके ही एक पूर्व साथी पत्रकार ने उनके दावों पर सवाल खड़े कर दिए। ‘आज तक’ चैनल में वरिष्ठ पदों पर रहे पत्रकार शाक़िब ख़ान ने पुण्य प्रसून के दावों की पोल खोल दी और कहा कि वो मौकापरस्ती में झूठ बोल रहे हैं। यह मामला उन दिनों का है जब पुण्य प्रसून एबीपी न्यूज जाने की तैयारी में थे। ताजा जानकारी के मुताबिक उनकी एबीपी न्यूज से भी छुट्टी हो चुकी है। वहां पर उन्हें फेक न्यूज़ के कई मामलों में रंगे हाथ पकड़ा गया था।

क्रांति के पीछे की ये है सच्चाई!

पूर्व पत्रकार शाक़िब ख़ान ने फेसबुक पर लिखा है कि “अमूमन मैं ऐसे मुद्दों पर लिखने से बचता हूं, लेकिन कभी-कभी ऐसे लोगों का ज्ञान सुनने को मिलता है जिनका आचरण इनकी बातों के विपरीत हो तो लगता है इनको ज़रा आइना दिखाना चाहिए। झूठ बोलने की भी कोई हद होती है। अगर सरकार आपके मन-मुताबिक न हो तो कुछ भी बोल दो और पतली गली से निकल लो। इनका कहना है कि कॉरपोरेट का दबाव संपादक पर होता है, आप लाखों रुपए की सैलरी लो, आलीशान गाड़ी और घर में रहो और कॉरपोरेट को गाली दो। लोग बुरे हैं, सारे नेता भी बुरे हैं, बस पाक साफ़ हैं तो बस इनके जैसे घमंडी पत्रकार जो अपने आपको ख़ुदा समझ बैठे हैं। आपको इतनी ही तकलीफ़ हो रही है सरकार से, कॉरपोरेट से, बाबा से, नेता से तो लाखों रुपये की नौकरी चैनल्स पर क्यों कर रहे हैं? आइए अपना अखबार शुरू करिये और उन सबको बेनक़ाब करिये तब पता चलेगा आप कितने बड़े क्रांतिकारी हैं। एसी आफिस में बैठकर लाखों-करोड़ों का सैलरी पैकेज लेकर काम करने वाला अगर ऐसे ज्ञान देता है तो वो महाधूर्त लगता है।” शाक़िब ख़ान ने आगे लिखा है कि “मैं 5 सालों तक न्यूज़रूम के टॉप मैनेजमेंट का हिस्सा रहा हूँ। न्यूज़ डायरेक्टर से ले कर सीईओ और मालिक अरुण पुरी के साथ होने वाली मीटिंग्स में हमेशा भागीदार रहा हूँ लेकिन आजतक किसी भी तरह के पॉलिटिकल प्रेशर की बात नहीं सुनी। ये बहुत ही गंभीर आरोप इन्होंने लगाया है और मुझे लगता है के अगर उनके पास कोई भी प्रमाण है तो उसको सामने लाना चाहिए।”

कई बार रंगे हाथ पकड़े गए हैं

यहां जानना जरूरी है कि टीवी स्क्रीन पर हाथ मसलते हुए गरीबों और शोषितों के हितों की बात करने वाले पुण्य प्रसून वाजपेयी कई बार नेताओं की दलाली करते रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं। जब वो सहारा टीवी में थे तो उन्हें कैमरे पर लालू यादव के साथ निजी बातें करते पकड़ा गया था। इसके बाद ज़ी न्यूज में रहते वक्त उन्होंने सुधीर चौधरी की आपराधिक मामले में गिरफ्तारी को ‘आपातकाल’ की संज्ञा दे डाली थी। पुण्य प्रसून वाजपेयी एनडीटीवी इंडिया की शुरुआती टीम का भी हिस्सा थे। बताया जाता है कि वहां पर उन्हें किसी खबर के लिए किसी नेता से ‘सेटिंग’ करने का आरोप लगा था। जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। तब वो मामला दब गया था और ज्यादा जानकारी सामने नहीं आ पाई थी। पुण्य प्रसून वाजपेयी का सबसे चर्चित कांड अरविंद केजरीवाल के साथ रहा था। तब उनका केजरीवाल के साथ इंटरव्यू का एक हिस्सा लीक हो गया था, जिसके जरिये यह साबित हो गया था कि वो आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। उनका ये कारनामा ‘बहुत क्रांतिकारी कांड’ के नाम से मशहूर है। नीचे लिंक में आप एक पत्रकार और नेता की मिलीभगत का कैमरे पर सबूत देख सकते हैं:

झूठ और बेवकूफी की पत्रकारिता!

पुण्य प्रसून वाजपेयी के साथ काम कर चुके कुछ लोग बताते हैं कि वो बेहद घमंडी और खुद को महान समझने वाले व्यक्ति हैं। उन्हें भाषा और तथ्यों की कोई जानकारी नहीं होती है। कई बार बेवकूफी में तो कई बार जानबूझकर वो झूठ बोलते हैं। आजतक पर उनके कार्यक्रमों में अक्सर तथ्यात्मक गलतियां होती थीं। फेक न्यूज़ के मामलों में भी कई बार उनका नाम आया। एनपीए और किसानों के हालात को लेकर पिछले महीनों में उन्होंने कई फर्जी खबरें कीं, जिनके कारण आजतक चैनल की भी काफी बदनामी हुई। अटकलों के मुताबिक सोनिया गांधी के बेहद करीबी एक कांग्रेसी नेता की सिफारिश पर पुण्य प्रसून वाजपेयी अब एबीपी न्यूज़ चैनल में पहुंच चुके हैं। वहां पर उन्हें लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बदले में उन्हें लाखों रुपये प्रति माह का पैकेज दिया गया है।

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