राहुल बाबा जानिए एनसीसी किस चिड़िया का नाम है!

कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार राहुल गांधी देश के बारे में कितना जानते हैं इसे लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान पता चला कि उन्हें नेशनल कैडेट कोर यानी एनसीसी के बारे में भी नहीं पता है। मैसूर में एक कॉलेज छात्रा के सवाल पर राहुल गांधी लड़खड़ा गए और उन्हें सफाई देनी पड़ी कि वो नहीं जानते कि एनसीसी क्या ‘चीज’ है। देश की सेनाओं को सबसे ज्यादा जवान मुहैया कराने वाली एनसीसी को लेकर राहुल गांधी का अनजान होना सबके बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों को हैरानी इस बात पर है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी छात्रा के सवाल पर यह तक नहीं समझ पाए कि एनसीसी किसी संस्था का नाम है या कोई सामान है। हम एनसीसी के बारे में वो 10 बातें नीचे बता रहे हैं जो राहुल गांधी को जाननी चाहिए।

देश के गौरव से अनजान राहुल

मैसूर के महारानी आर्ट्स कॉलेज की एक छात्रा ने राहुल गांधी से पूछा कि जिन एनसीसी कैडेट्स ने सी-सर्टिफिकेट हासिल कर लिया है उनके लिए क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पर राहुल गांधी का जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में नहीं पता है कि एनसीसी क्या चीज है, इसलिए मैं उत्तर नहीं दे पाऊंगा। इस जवाब से सिर्फ एनसीसी के कैडेट्स ही नहीं, दूसरे तमाम लोग हैरान हैं। उन्हें यह लग रहा है कि खुद को युवा नेता बताने वाले राहुल गांधी अगर देश में युवाओं की सबसे बड़ी संस्था के बारे में नहीं जानते हैं तो वो देश की जिम्मेदारी कैसे संभालेंगे। यह स्थिति तब है जब एनसीसी को सेना और अर्धसैनिक बलों के बाद दूसरी रक्षा पक्ति कहा जाता है। देखिए राहुल के बयान का वो हिस्सा जिसमें वो खुद को एनसीसी से अनजान बता रहे हैं।

पहले भी कई बार फंसे हैं राहुल

देश की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ऐसी स्थितियों में पहले भी कई बार फंस चुके हैं। हाल ही में सिंगापुर में यूनिवर्सिटी छात्रों के सवालों के सामने भी राहुल गांधी क्लीन बोल्ड हो गए थे। तब उनसे पूछा गया था कि आजाद भारत के विकास में अपने परिवार के योगदान की जानकारी दें। इस पर राहुल लड़खड़ा गए थे और उनके पास कोई जवाब नहीं था। माना जाता है कि वो लिखे हुए भाषण पढ़ते हैं और विषयों की उन्हें कोई जानकारी नहीं होती। यहां तक कि बजट के बाद भी वो बिना किसी जानकार से पूछे प्रतिक्रिया नहीं दे सकते। पिछले आम बजट के बाद संसद से निकलते समय पत्रकारों ने जब उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही थी तो राहुल बिना कुछ बोले सीधे निकल गए थे।

एनसीसी के बारे में 10 खास बातें

1. नेशनल कैडेट कोर यानी एनसीसी इंडियन मिलिट्री कैडेट कोर का हिस्सा है, जो स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए होता है।
2. एनसीसी देश का सबसे बड़ा स्वैच्छिक युवा संगठन है, जिसमें सेना के तीनों अंगों थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए नौजवान लड़के-लड़कियों को शुरुआती फौजी ट्रेनिंग दी जाती है।
3. एनसीसी की स्थापना जुलाई 1948 में संसद के एक कानून के जरिए हुई थी।
4. एनसीसी का मुख्य उद्देश्य युवाओं में चरित्र, नेतृत्व, अनुशासन, मुश्किल स्थितियों में काम करने और खुद को खपाकर देश की सेवा करने की भावना भरना है।
5. नेशनल कैडेट कोर युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार करने का काम करती है।
6. एनसीसी के कैडेट्स को बेसिक फौजी ट्रेनिंग दी जाती है। वो छोटे हथियार चला सकते हैं और सेना की तरह परेड करने की ट्रेनिंग मिली होती है।
7. कैडेट्स को सीधे सेना में भर्ती तो नहीं किया जाता लेकिन किसी सामान्य उम्मीदवार के मुताबिक सेना हमेशा एनसीसी वालों को ज्यादा प्राथमिकता देती है।
8. 26 जनवरी से पहले एनसीसी के कैडेट्स का दिल्ली में महीने भर का कैंप लगता है, जिसमें से चुने हुए छात्र-छात्राओं को राजपथ की परेड में हिस्सा लेने का भी मौका मिलता है।
9. एनसीसी कैडेट्स को ए, बी और सी सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। सी सर्टिफिकेट हासिल करने वाले कैडेट्स को सीधे सेना के एसएसबी के इंटरव्यू में जाने का मौका मिलता है। उन्हें लिखित परीक्षा देने की जरूरत नहीं होती।
10. इस समय देश में 13 लाख कैडेट्स एनसीसी की ट्रेनिंग ले रहे हैं। 2020 तक इस संख्या को 15 लाख तक पहुंचाने की तैयारी है।

एनसीसी को लेकर राहुल गांधी की अजीबोगरीब प्रतिक्रिया पर छात्रों में गुस्सा है। कई ने टीवी और सोशल मीडिया के जरिए राहुल के बयान पर हैरानी जताई है।

कर्नाटक चुनाव में राहुल गांधी हिंदी और हिंदू संस्कृति को लेकर कई बार लड़खड़ाते रहे हैं। देखिए ऐसा ही एक उदाहरण।

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