केजरीवाल के ‘गुंडों’ से दहशत में है ये नौजवान वकील

विभोर आनंद के फेसबुक पेज से साभार।

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के गुंडों का किस कदर आतंक है ये खबर उसी की मिसाल है। केजरीवाल के 27 और विधायकों को लाभ के पद के केस में लपेटने वाले वकील विभोर आनंद ने अपनी शिकायत वापस लेने का एलान किया है। चुनाव आयोग और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उन्होंने शिकायत वापस लेने की इजाज़त मांगी है। विभोर ने 2016 में आम आदमी पार्टी सरकार के 27 अन्य विधायकों के खिलाफ लाभ के पद के मामले में शिकायत की थी। इन 27 में से 10 की सदस्यता वकील प्रशांत पटेल के केस में रद्द हो चुकी है। यानी बचे हुए 17 विधायकों की भी इसी आधार पर छुट्टी होने के आसार हैं। उससे पहले विभोर आनंद का ये कदम हैरानी में डालने वाला है।

वकील पर हुआ जानलेवा हमला

विभोर आनंद ने ट्विटर के जरिए जानकारी दी है कि उन्होंने चुनाव आयोग और राष्ट्रपति से केस वापसी की इजाज़त मांगी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा है कि “बहुत निराश और हताश होकर मुझे यह कदम उठाना पड़ा है। दिल्ली पुलिस इस बारे में मेरी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रही है। मैंने रोहित नाम के एक हिस्ट्रीशीटर से मिल रही धमकियों की शिकायत पुलिस में की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।” रोहित दिल्ली का एक कुख्यात गुंडा है। पटेलनगर और आनंद पर्वत इलाकों में उसके खिलाफ कई केस भी चल रहे हैं। विभोर का कहना है कि रोहित स्थानीय आप विधायक के लिए वसूली एजेंट का काम करता है। पिछले हफ्ते रोहित ने विभोर के साथ मारपीट भी की थी, जिसकी शिकायत पटेलनगर पुलिस थाने में दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने वकील के ऊपर अपनी कार चढ़ाने की भी कोशिश की।

केजरीवाल के ‘गुंडों’ का आतंक

ये आरोप काफी समय से लगता रहा है कि केजरीवाल ने दिल्ली के कई गुंडों को मिलाकर अपना समानांतर गिरोह बना लिया है। इसके जरिए वो अपने विरोधियों को धमकाने और उनकी खबर लेने जैसे काम करते हैं। सबसे पहले यह बात तब सामने आई थी जब आम आदमी पार्टी की बैठक में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण की पिटाई हुई थी। उसके बाद कपिल मिश्रा और दूसरे कुछ विरोधी विधायकों पर हुए हमलों में भी यह बात सामने आई थी। पिछले साल नोएडा में एक पत्रकार विप्लव अवस्थी पर हुए जानलेवा हमले में भी केजरीवाल के गुंडों का नाम आया था। (खबर का लिंक नीचे) दिल्ली में ऐसे कई लोकल गुंडे सक्रिय हैं, जिनसे पुलिस भी दूर ही रहना चाहती है।

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पिछले दिनों वकील प्रशांत पटेल ने भी पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि कुछ लोग मुझे फोन पर जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। जिसके बाद उन्होंने अपने लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।


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