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ईसाई मिशनरी का मोहरा है बाबा वीरेंद्र, बड़ा खुलासा

मिशनरीज़ का मोहरा बना बाबा

आश्रम के कुछ करीबियों के मुताबिक बाबा वीरेंद्र ब्रह्माकुमारी आश्रम से विवाद के दिनों में ही कुछ ईसाई धर्म प्रचारकों के संपर्क में आया था। ईसाई मिशनरी अपने धर्मांतरण के काम में ब्रह्माकुमारी आश्रम की गतिविधियों को बड़ा रोड़ा मानती हैं। जब ब्रह्माकुमारी आश्रम में टूट हुई तो उनके लिए ये किसी अवसर से कम नहीं था। मिशनरी के कुछ लोगों ने बाबा से संपर्क किया और मुश्किल दिनों में उसकी भरपूर मदद की। यहां तक कि बलात्कार के केस से बच निकलने में भी उन्हीं का हाथ था। इसके बाद बाबा वीरेंद्र ने अपना समानांतर आश्रम शुरू किया। उसका नाम भी ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से मिलता जुलता ‘आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय’ रखा। गरीब हिंदू परिवार अपनी लड़कियों को धर्म की शिक्षा के लिए बाबा के आश्रम में छोड़ते और वहां पर उन्हें बंधक बनाकर उनका ब्रेन वॉश शुरू कर दिया जाता। नतीजा ये होता कि लड़कियां कभी लौटकर अपने घर परिवार में नहीं जातीं। शक है कि इन लड़कियों के यौन शोषण के अलावा उन्हें तरह-तरह के अनैतिक कामों में लगा दिया जाता था। कुल मिलाकर यह कि धर्म के नाम पर आश्रम भेजी गई ये लड़कियां उस अवस्था में पहुंच चुकी होती थीं कि जहां पर उनके लिए अपने परिवार, धर्म और देवी-देवताओं का कोई महत्व नहीं होता था। सैकड़ों की संख्या में लड़कियों का कुछ अता-पता नहीं है वो कहां और किसके पास गईं यह भी एक रहस्य है, जिसका जवाब मिलने पर बाबा वीरेंद्र का असली चेहरा सामने आ जाएगा।

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