पुनर्जन्म की सबसे अजब कहानी, धरती पर मंगलवासी!

हिंदू धर्म में इंसान के पुनर्जन्म की बात कही जाती है, लेकिन वैज्ञानिक और दूसरे तमाम धर्मों के लोग इसे नहीं मानते। उनकी दलील है कि आत्मा जैसी कोई चीज नहीं होती। इसके बावजूद दुनिया भर में पुनर्जन्म के हैरतअंगेज मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। आत्मा के दोबारा जन्म लेने की जैसी कहानी अब सामने आई है वैसी पहले कभी नहीं आई होगी। रूस में रहने वाले 20 साल के एक लड़के ने दावा किया है कि वो पिछले जन्म में मंगल ग्रह पर रहता था। बोरिस्का नाम के इस लड़के का कहना है कि मैं मंगल ग्रह पर ही पैदा हुआ था। धरती पर ये उसका पुनर्जन्म है और उसे अपने पिछले जन्म की बहुत सारी बातें याद हैं। रूसी मीडिया में बीते कई साल से इस बच्चे की खबरें छपती रही हैं, लेकिन अब पूरी दुनिया का ध्यान उस पर गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि बच्चे ने मंगल ग्रह के बारे में कुछ साल पहले ही कई ऐसी बातें बताई थीं, जो अब सच साबित हुई हैं।

बोरिस्का के दावे हैरान करने वाले

बोरिस्का मंगल ग्रह और अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में ऐसी-ऐसी बातें बताता हैं जिन्हें सुनकर वैज्ञानिकों के होश उड़ गए। रूस के वोल्वोग्राद में 1996 में जन्मे बोरिस्का किप्रियोनोविच की मां डॉक्टर हैं। उसकी मां का कहना है कि पैदा होने के सिर्फ 2 हफ्ते के अंदर ही बोरिस्का अपनी गर्दन को सीधी रखने लगा था। वो बहुत तेजी से नई बातें सीखता है और डेढ़ साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते बोरिस्का पढ़ने और तस्वीरें बनाने लगा। दो साल की उम्र में उसे किंडरगारटेन में दाखिला दिला दिया। वहां की टीचर ने बताया कि यह लड़का कुछ खास है। उसकी पढ़ने-लिखने और समझने की क्षमता अपनी उम्र के बच्चों से कईगुना ज्यादा थी। एक बार वो कोई बात सुन या पढ़ लेता तो वह उसे याद रह जाता। बोलना सीखने के बाद से ही वो मां-बाप से कहता रहता था कि “मैं मंगल ग्रह का पायलट था और कई बार धरती पर भी आ चुका हूं।” बोरिस्का की मां कहती हैं कि उन्होंने उसे मंगल ग्रह या अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में उसे कभी कुछ बताया नहीं। लेकिन वो अक्सर मंगल, बाकी ग्रहों और दूसरे ग्रहों की सभ्यताओं के बारे में बात करने लगता था। मां-बाप का कहना है कि पहले उन्होंने बोरिस्का की बातों को नजरअंदाज करना शुरू किया, लेकिन जब उसने कहना शुरू कर दिया कि उसका पिछला जन्म मंगल ग्रह पर था तब उन्होंने उससे इस बारे में बातचीत शुरू की।

मंगल ग्रह पर जीवन का है दावा

इस लड़के का कहना है कि मंगल पर रहने वालों की लंबाई लगभग 7 फुट होती है। वो लोग आज भी वहां पर रहते हैं और सांस लेने के लिए कार्बन डाई ऑक्साइड का इस्तेमाल करते हैं। उसका दावा है कि मंगल पर हुए एक बहुत बड़े न्यूक्लियर युद्ध के चलते वहां सभ्यता काफी हद तक अस्त-व्यस्त हो गई है। ये युद्ध कुछ हजार साल पहले हुआ था लेकिन वहां के लोग अब तक उस युद्ध की विभीषिका से उबर नहीं पाए हैं। बोरिस्का के मुताबिक मंगल ग्रह पर कुछ लोग अमर हो जाते हैं ऐसे लोग 35 साल का होने के बाद बूढ़े होना बंद कर देते हैं। ऐसे लोग ब्रह्मांड का चक्कर लगाते हैं। लेकिन अब ऐसे बहुत कम लोग ही बचे हैं। बोरिस्का ने मंगल के लोगों के अंतरिक्ष यान के बारे में भी काफी कुछ बताया है। उसका कहना है कि मंगल के अंतरिक्ष यान परतों वाले यानी लेयर्ड होते हैं और किसी भी दिशा में उड़ सकते हैं। बोरिस्का का कहना है कि पृथ्वी पर अभी काफी कुछ खोजा जाना बाकी है। उसने मिस्र के गीजा पिरामिड का भी जिक्र किया है और कहा है कि जब उसे खोला जाएगा तो धरती के इंसानों की जिंदगी पूरी तरह से बदल जाएगी।

बोरिस्का की कुछ बातें समझ से परे

ये लड़का जब अंतरिक्ष और मंगल ग्रह के बारे में बताता है तो उसकी कई बातें लोगों को समझ में ही नहीं आतीं। जैसे कि 35 साल में अमर होने वाली बात। सवाल ये कि जब लोग अमर हो जाते हैं तो परमाणु युद्ध से उनकी मौत कैसे हो गई? साथ ही वो यह भी कहता है कि उसे धरती पर एक मिशन के तहत भेजा गया है। उसके जैसे और मंगल ग्रह वासियों ने अलग-अलग रूप में धरती पर मौजूद हैं। रूसी वैज्ञानिकों ने बोरिस्का से बातचीत की है और पाया है कि थोड़ी उलझी हुई भाषा में ही सही लेकिन वो मंगल के बारे में काफी कुछ वो बातें बताता है जो हाल में ही इंसानों को पता चली हैं। ये वो बातें हैं जो किसी किताब में नहीं हैं। फिलहाल उसकी बताई कुछ दूसरी बातों की सच्चाई की जांच की कोशिश भी की जा रही है।

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