छठ पर रेलवे के इंतजामों से इस बार खुश हुए यात्री

लंबे अरसे के बाद दीपावली और छठ के मौके पर लोगों ने भारतीय रेलवे की एक बिल्कुल अलग तस्वीर देखने को मिली है। इस साल जब छठ के लिए भारी संख्या में लोग दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों के रेलवे स्टेशनों पर पहुंचे तो वहां के इंतजाम देखकर लोग दंग रह गए। छठ पर सबसे ज्यादा लोग दिल्ली के स्टेशनों से गाड़ी पकड़ते हैं, जहां इस बार के इंतजामों को देखकर लोगों ने अच्छा महसूस किया। सबसे खास रहा नई दिल्ली स्टेशन जहां पर मुसाफिरों को इंतजार करने के लिए टेंट लगाए गए थे। जिनमें खाने-पीने के इंतजाम से लेकर बड़े-बड़े टीवी स्क्रीनों पर छठ के गाने सुनने का इंतजाम था। पिछले रेल मंत्री सुरेश प्रभु की बदइंतजामी के उलट नए रेल मंत्री पीयूष गोयल के आने के बाद के इस बदलाव को हर कोई महसूस कर रहा है। हालांकि यह जरूर है कि डेढ़ सौ से ज्यादा छठ स्पेशल गाड़ियां चलाने के कारण कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं,  इसके चलते कई लोगों को सफर में परेशानियां भी उठानी पड़ीं। हालांकि रेल मंत्रालय ने वादा किया है कि इस समस्या को भी अगले कुछ वक्त में ठीक कर दिया जाएगा।

रेलवे स्टेशनों पर बेहतरीन इंतजाम

छठ पर रेलवे स्टेशनों पर आने वाली हजारों की भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें बिना किसी दिक्कत ट्रेनों तक पहुंचाने का इंतजाम लाजवाब था। यात्रियों के आराम करने के लिए जो टेंट लगाए गए थे, उनमें साफ-सुथरी कालीन का इंतजाम किया गया था, ताकि लोग ट्रेन आने तक आराम कर सकें। इन टेंट में एलसीडी स्क्रीन पर शारदा सिन्हा के वीडियो गीत लगातार बज रहे थे, ताकि लोगों को बोरियत महसूस न हो। पहली बार स्टेशन के बाहर कई टिकट काउंटर बनाए गए थे, ताकि लोग बिना लंबी-लंबी लाइनों में लगे टिकट खरीद सकें। ट्रेनों का पूरा टाइम टेबल जगह-जगह लगाया गया था, ताकि लोगों को परेशानी न हो। साथ ही ट्रेन में हर बोगी के गेट पर टीटीई और पुलिस का इंतजाम था। ताकि सीट कब्जा करने वाले दलाल भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों को लूट न सकें। रेलवे प्लेटफॉर्म पर भी भीड़ को व्यवस्थित रखने के बेहतरीन इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी एक जगह पर ज्यादा लोग न जमा होने पाएं। यहां यह बताना जरूरी है कि मनमोहन सरकार के वक्त 2013 में नई दिल्ली स्टेशन पर छठ की भीड़ में भगदड़ मचने से 6 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे।

स्टेशनों पर लगी अफसरों की ड्यूटी

पहली बार छठ के मौके पर रेलवे के तमाम बड़े अफसरों की स्टेशनों पर ड्यूटी लगाई गई थी। नई दिल्ली और दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर ये कमान खुद रेलवे बोर्ड के नए चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने उठाई थी। आनंद विहार जैसे बाकी स्टेशनों पर भी वहां के बड़े अफसरों को 24 घंटे इंतजामों पर नजर रखने को कहा गया था। सारा फोकस इस बात पर था कि स्टेशनों पर यात्रियों को कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए। कई यात्रियों ने इस खूबसूरत इंतजाम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को धन्यवाद किया है। कई लोग पिछले रेल मंत्री सुरेश प्रभु को कोस भी रहे हैं कि वो इस मंत्रालय में रहते पूरे समय किराया बढ़ाते रहे, लेकिन यात्रियों को सुविधा देने के बजाय दिखावा करने में तीन साल बर्बाद कर दिए।

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