बधाई हो रवीश कुमार, ‘बलात्कारी’ भाई बच गया!

दिल्ली की सेकुलर मीडिया के लिए ये राहत वाली खबर है। पत्रकार रवीश कुमार के बड़े भाई और कांग्रेस पार्टी के नेता ब्रजेश कुमार पांडेय को नाबालिग दलित लड़की से बलात्कार के मामले में राहत मिल गई है। उसे सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। वो पिछले छह महीने से फरार चल रहा था और निचली अदालतों की बार-बार की चेतावनी के बावजूद सरेंडर नहीं कर रहा था। आखिरकार मीडिया की ताकत और महंगे वकीलों की फौज लगाकर जेल जाने से बचने का इंतजाम कर ही लिया। कपिल सिब्बल की अगुवाई में आठ वकीलों की टीम ने रवीश कुमार के भाई के लिए कोर्ट में पैरवी की। (नीचे देखें दस्तावेज) फिलहाल सियासी पहुंच और बिहार पुलिस के निकम्मेपन से इस केस में कानून का शिकंजा लगातार ढीला होता जा रहा है। क्योंकि पीड़ित लड़की पर दबाव बनाकर मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी से शादी करवा दी गई। इससे रवीश कुमार के भाई के खिलाफ कानूनी केस कमजोर हो गया है।

पैसे और सत्ता की ताकत का नमूना

ब्रजेश कुमार पांडेय खुद भी बिहार कांग्रेस का उपाध्यक्ष रहा है। लेकिन उसका इससे बड़ा परिचय यह है कि वो पत्रकार रवीश कुमार का भाई है। यही कारण था कि इस मामले पर मीडिया में पूरी तरह सन्नाटा रहा। कुछ एक अखबारों ने छोटी-मोटी खबर जरूर छापी, लेकिन आम तौर पर बलात्कार के मामलों में हंगामा मचाने वाली मीडिया ने मौन साधे रखा। आरोपों के मुताबिक रवीश कुमार से निजी संबंधों के कारण ज्यादातर मीडिया हाउस ने यह खबर दबा दी। ब्रजेश पांडेय छह महीने से ज्यादा वक्त तक फरार रहा। इस दौरान यह भी खबर आती रही कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वो दिल्ली एनसीआर में ही कहीं पर छिपा है। यह भी कयास लगाए जाते रहे कि ये सब इंतजाम दिल्ली में उसके ताकतवर रसूखदार रिश्तेदारों ने किया है। ब्रजेश का नाम बलात्कार के इस मामले की सुनवाई के दौरान आया था, जब पीड़ित लड़की ने आरोप लगाया था कि मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी के साथ मिलकर ब्रजेश पांडेय सेक्स रैकेट चलाता है और ये दोनों उसे पटना के हाई प्रोफाइल लोगों के पास भेजा करते हैं। इस खुलासे से पूरे मामले में नया मोड़ आ गया था। पीड़िता ने ब्रजेश पांडेय पर भी बलात्कार का आरोप लगाया था।

बलात्कारी से ही शादी करवा दी गई!

हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट के इस मामले में कई बड़े नामों के सामने आने का डर था, लिहाजा पुलिस ने लीपा-पोती शुरू कर दी। मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी एक रिटायर्ड आईएएस अफसर का बेटा है। कोर्ट में उसके वकीलों ने दलील दी कि ये आपसी रजामंदी का मामला है और आरोपी अब पीड़ित से शादी करने को तैयार है। बताया जाता है कि सामाजिक दबाव में पीड़ित लड़की ने भी सहमति दे दी। इसके बाद पटना हाइकोर्ट ने शादी के लिए मुख्य आरोपी को 3 महीने की जमानत दे दी। पिछले दिनों आरोपी निखिल प्रियदर्शी ने सुरभि नाम की इस पीड़ित लड़की के साथ शादी की अपनी तस्वीरें फेसबुक पर शेयर की हैं। इनमें लड़के के माथे पर सिंदूर देखा जा सकता है। फिलहाल यह साफ है कि पीड़ित की शादी होने से ब्रजेश पांडेय के लिए छूटने का रास्ता आसान हो गया है।

नीचे वो तस्वीरें हैं जो निखिल प्रियदर्शी ने पीड़ित लड़की से शादी के बाद फेसबुक पर शेयर की हैं।

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