ये हैं हिंदुस्तान के टॉप-5 गालीबाज पत्रकार

बायें से दायें- राजदीप सरदेसाई, सागरिका घोष, अभिसार शर्मा, स्वाति चतुर्वेदी और निखिल वागले

पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के गाली-गलौज के बाद से यह आरोप लग रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गाली देने वालों को ट्विटर पर फॉलो करते हैं। सूरत के आम कारोबारी निखिल दधीच को पूरे मामले में विलेन बनाकर पेश किया गया और पूरी मीडिया ने एक आम आदमी को बदनाम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो पत्रकार एक आम आदमी की गाली पर इतना बौखला गए वो खुद कितने बड़े गालीबाज हैं? न्यूज़लूज़ पर हम लेकर आए हैं पांच ऐसे बड़े पत्रकारों के नाम और उनकी करतूतों को जिन्हें देखकर किसी को भी शर्म आएगी। आपको हैरानी होगी कि जिन्हें हम अच्छी-अच्छी बातें करने वाला पत्रकार समझते हैं उनकी असली भाषा कितनी सड़कछाप है।

1. राजदीप सरदेसाई

शरीफ आदमी जैसे दिखने वाले बड़े पत्रकार राजदीप सरदेसाई निजी जिंदगी में किसी गुंडे-मवाली जैसी हरकतें करते देखे जा चुके हैं। अमेरिका में पीएम मोदी के कार्यक्रम के बाहर भारतीय और खास तौर पर गुजराती समुदाय के लोगों को गाली देने और उन पर हमला करते तस्वीरें हर किसी ने देखी हैं। लेकिन इनकी हरकतें इससे भी बढ़कर हैं। कुछ समय पहले राजदीप सरदेसाई ने ट्विटर पर कई लोगों को डायरेक्ट मैसेज के जरिए भद्दी-भद्दी गालियां भेजी थीं। इनमें मां-बहन से लेकर जातिसूचक गालियां भी थीं। कुछ लोगों ने खुद को मिले इन संदेशों को सार्वजनिक भी कर दिया था। (नीचे देखें) जब फजीहत हुई तो यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मेरा अकाउंट हैक हो गया था। राजदीप सरदेसाई निजी जीवन में भी गाली-गलौज के लिए बदनाम हैं। उनके साथ काम कर चुके कई पत्रकार बताते हैं कि वो न्यूज़रूम में बातचीत में भी साथियों को गालियां देते रहते हैं।

2. सागरिका घोष

जैसा पति, वैसी बीवी। ये मोहतरमा राजदीप सरदेसाई की ही धर्म पत्नी हैं। हिंदुओं और हिंदू धर्म से नफरत करती हैं, खुद को गोमांस खाने वाला बताती हैं और इनके अंदर मुसलमानों खासतौर पर आतंकवादियों के लिए कुछ खास ही प्यार है। एक पत्रकार के लिहाज से इनकी जुबान भी बहुत गंदी है। यह आदत ट्विटर पर समय-समय पर झलकती रही है। इनके पति हिंदी में मां-बहन की गालियां देते हैं तो सागरिका अंग्रेजी में लोगों को गाली बकने के लिए बदनाम रही हैं। जो लोग भी उनकी टाइमलाइन पर असहमति दर्ज करवाते हैं वो उन्हें गालियां देती हैं। उनकी पसंदीदा गालियों में ‘नाली का कीड़ा’,’कमीना’ और ‘नीच’। इतना ही नहीं हिंदी बोलने वाले लोगों से उन्हें विशेष नफरत है। इसकी झलक उनके कई ट्वीट्स में देखने को मिलती है। गाय और गोमूत्र को लेकर भी घृणा रखती हैं और अपने शिकार हर व्यक्ति को उससे जोड़ना नहीं भूलतीं। इनके उदाहरण आप नीचे देख सकते हैं।

3. अभिसार शर्मा

कजरारी आंखों वाला ये एंकरनुमा प्राणी गाली-गलौज की कला में माहिर है। इनकी सबसे बड़ी खूबी है कि सोशल मीडिया पर इनके विचारों से अगर आप असहमत हैं तो ये आपकी असहमति को गाली मानते हुए जवाब देते हैं। कई आम लोगों पर ये आरोप लगाते रहते हैं कि वो उन्हें गाली दे रहे हैं और बदले में गाली देना उनका अधिकार है। राजदीप सरदेसाई की तरह ये भी लोगों को डायरेक्ट मैसेज भेजकर गाली देने के लिए कुख्यात हैं।

4. स्वाति चतुर्वेदी

सोशल मीडिया पर बदसलूकी और गाली-गलौज करने में इनका कोई जवाब नहीं है। स्वाति चतुर्वेदी अंग्रेजी में धाराप्रवाह गालियां देती हैं। ट्विटर पर नामसमझी भरी बातें करने के लिए बदनाम स्वाति चतुर्वेदी की खासियत है कि वो खुद को बाकी सबसे अक्लमंद और दूसरों को मूर्ख समझती हैं। इसकी झलक उनकी गालियों में साफ-साफ देखी जा सकती है।

5. निखिल वागले

मराठी भाषा के पत्रकार निखिल वागले की जुबान मुंबई के किसी टपोरी के जैसी ही है। उनके टारगेट पर ज्यादातर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिंदुत्व की विचारधारा वाले लोग होते हैं। आमतौर पर मराठी और अंग्रेजी की सभी प्रचलित गालियों का वो इस्तेमाल कर चुके हैं। कुछ वक्त पहले उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लिए ‘pervert’ शब्द तक का इस्तेमाल किया था। निखिल वागले अरविंद केजरीवाल के बड़े फैन हैं, उनकी पत्नी भी आम आदमी पार्टी के लिए काम करती हैं।

नीचे आप इन पांचों कथित पत्रकारों की गालियों के कुछ सैंपल देख सकते हैं। ध्यान रहे कि ये कुछ गालियां भर हैं, ज्यादातर ऐसी हैं कि हम उन्हें यहां पोस्ट भी नहीं करना चाहेंगे।

राजदीप सरदेसाई की गालियां

सागरिका घोष की गालियां

अभिसार शर्मा की गालियां

स्वाति चतुर्वेदी की गालियां

निखिल वागले की गालियां

डिस्क्लेमर: इन पांच पत्रकारों के अलावा भी कई ऐसे हैं जो सोशल मीडिया पर असभ्य बर्ताव के लिए जाने-जाते हैं। हमने इन पांच नामों को सोशल मीडिया इनपुट्स और लोगों के अनुभव के आधार पर तैयार किया है। हमारा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं है। फिर भी अगर किसी को आपत्ति है तो वो 2 काम कर सकता है। एक तो सार्वजनिक मंचों पर गाली-गलौज बंद करे और दूसरा, अपना पक्ष इसी पेज के कमेंट सेक्शन में दर्ज करवा दे। हम उसकी सफाई को भी यहां प्रकाशित करना चाहेंगे।

एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

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