मुंबई में चर्च के लेडीज वॉशरूम में ‘फादर’ का कैमरा!

ईसाई चर्च के अंदर महिलाओं और बच्चों के यौन शोषण का एक बड़ा मामला सामने आया है। मुंबई के माहिम इलाके में सेंट माइकल चर्च के लेडीज़ वॉशरूम में सीसीटीवी कैमरा पकड़ा गया है। यहां प्रेयर के लिए आने वाली एक महिला की नजर जब इस कैमरे पर पड़ी तो उसने इसे लेकर सवाल उठाया। ये मुंबई के सबसे पुराने चर्च में से एक है। महिलाओं का कहना है कि वॉशरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का यहां के स्टाफ क्या इस्तेमाल कर सकते हैं इसका अंदाजा ही लगाया जा सकता है। उधर सेंट माइकल चर्च के पादरी सिमॉन बोर्जेस का जवाब चौंकाने वाला है। उनका कहना है कि ये कैमरा सुरक्षा के नजरिए से लगाया गया था। पकड़े जाने पर उन्होंने सफाई दी कि कैमरा हटा लिया जाएगा। लेकिन इन सवालों का कोई जवाब नहीं मिला कि क्या सुरक्षा का खतरा वॉशरूम में जाने वाली महिलाओं से ही पैदा हुआ था? जाहिर है तमाम अधिकारियों की भूमिका इस मामले में शक के दायरे में है।

अश्लील वीडियो बनाने की कोशिश!

नियमित तौर पर आने वाली महिलाओं ने इसे अपनी प्राइवेसी में दखल मानते हुए इसकी शिकायत मुंबई के आर्कबिशप से की है। इस शिकायत में माहिम चर्च के पादरी और कर्मचारियों की भूमिका पर शक जताया गया है। लिखित शिकायत में पूछा गया है कि चर्च के अधिकारी वॉशरूम में महिलाओं की रिकॉर्डिंग से क्या हासिल करना चाहते हैं? शिकायतकर्ता करेन सी डिसूजा ने लिखा है कि “सेंट माइकल चर्च के पादरी क्या पैंट उतार रही या साड़ी पहन रही महिलाओं को देखना चाहते हैं?” उन्होंने इसे लाइव पॉर्न देखने का मामला बताया है और कहा है कि वॉशरूम में महिलाएं बेहिचक अपने कपड़े ठीक करती हैं और अब तक उनकी ऐसे न जाने कितने वीडियो पादरियों तक पहुंच चुके होंगे। यह भी पढ़ें: किसके इशारे पर चर्च को दिए जा रहे हैं करोड़ों रुपये?

कई महिलाओं ने चर्च जाना बंद किया

वॉशरूम में खुफिया कैमरा मिलने की घटना के बाद कई महिलाओं ने वहां जाना ही बंद कर दिया। मुंबई मिरर अखबार ने अंधेरी में रहने वाली लीन फर्नांडिस का बयान छापा है, जो हर रोज लोअर परेल एरिया में अपने दफ्तर जाने से पहले यहां आया करती थीं। वॉशरूम में कैमरे की शिकायत उन्होंने ही सबसे पहले की थी। लेकिन पादरी ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया और रिकॉर्डिंग जारी रखी गई। महिला वकील जोसेफ सोडर ने वॉशरूम में लगे सीसीटीवी की सारी फुटेज जब्त करने की मांग की है और इसे महिलाओं के साथ यौन दुर्व्यवहार का मामला माना है। उन्होंने चर्च के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की भी धमकी दी है। ऐसी पीड़ित महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है, लेकिन वो सामने नहीं आना चाहतीं।

चर्च में यौन शोषण का मसला उठा

ये तो मुंबई का मामला है, लेकिन देश भर में दूर-दराज में बने चर्च में आए दिन यौन शोषण के मामले सामने आते रहते हैं। अक्सर पादरियों पर बलात्कार जैसे गंभीर आरोप भी लग चुके हैं। लेकिन मीडिया इनसे जुड़ी कोई खबर नहीं दिखाता। लिहाजा चर्च के अंदर महिलाओं पर होने वाले अपराध दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। ऐसे ज्यादातर मामलों में पीड़ित महिलाएं पुलिस में शिकायत दर्ज कराने भी नहीं जा पातीं। मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे शहरों में ईसाई पीडोफाइल (बच्चों से बलात्कार करने वाले) के मामले में सामने आ चुके हैं। लेकिन ज्यादातर में मीडिया और पुलिस का रवैया बहुत निराशाजनक होता है।

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