अब हरियाणा पर है ईसाई मिशनरियों की ‘गिद्ध दृष्टि’

करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के जेल जाने से ईसाई मिशनरियां बहुत खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि वो हरियाणा में अब आराम से लाखों हिंदुओं का धर्मांतरण करवा पाएंगी। इसके लिए ईसाई मिशनरियों ने तैयारी शुरू भी कर दी है। शुरुआत ईसाई मिशनरियों के लिए काम करने वाले एनजीओ ने की है। ये लोग उन इलाकों में जा रहे हैं जहां पर डेरा सच्चा सौदा से जुड़े लोगों की सबसे ज्यादा आबादी रहती है। न्यूज़लूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक कोशिश इस बात की है लोगों के मन में यह बात डाली जाए कि वो लोग पीड़ित और दुखी हैं और उनका धर्म उनकी रक्षा नहीं कर पाया। इससे जुड़े लिटरेचर और दूसरी प्रचार सामग्री तैयार करने का काम भी शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा बड़े पैमाने पर बाइबिल बांटने की भी तैयारी है। इस काम में सेंट पॉल चर्च और बिलीवर्स चर्च सबसे ज्यादा सक्रिय बताए जा रहे हैं। सच्चा सौदा और ऐसे कुछ डेरों के कारण ही हरियाणा के पश्चिमी और पंजाब के दक्षिणी और पूर्वी जिलों में ईसाई मिशनरियां अपने पैर जमाने में अब तक लगभग नाकाम रही हैं। इन हालात में यह देखना दिलचस्प होगा कि हरियाणा की बीजेपी सरकार उनसे कैसे निपटती है।

डेरा की जगह लेने की कोशिश!

डेरा सच्चा सौदा से जुड़े ज्यादातर लोग समाज के निचले तबके के हैं। इन्हें कथित ऊंची जातियों की तरफ से तरह-तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में डेरे के साथ जुड़ना कहीं न कहीं प्रतिष्ठा की बात भी होती है। इनमें से ज्यादातर दलित सिख और हिंदू समाज से आते हैं। डेरा के अपने मंदिर होते हैं, जिनमें उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होता। इसके अलावा पढ़ाई और इलाज़ जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों को लगभग मुफ्त में मिल जाती हैं। डेरा सच्चा सौदा भी अपने इसी ढांचे के कारण अब तक ईसाई मिशनरियों को पनपने से रोकता रहा है। सिरसा और आसपास के कई जिलों में खराब पानी के कारण पिछले कुछ साल में घुटनों और कैंसर जैसी बीमारियां तेज़ी से बढ़ीं। डेरा के अस्पतालों में इनका मुफ्त इलाज होता रहा है। लेकिन अब ईसाई मिशनरियों को ऐसे अस्पताल खोलने का मौका मिल जाएगा। किसी भी इलाके में धर्मांतरण करवाने का उनका पहला कदम होता है कि वहां पर एक अस्पताल और स्कूल खुलवाया जाता है। हमें मिली जानकारी के मुताबिक हरियाणा के हर नगर पालिका क्षेत्र के आसपास कम से कम एक मिशनरी स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

साजिश के तहत दलित अत्याचार

हरियाणा में दलितों पर अत्याचार के मामलों का इतिहास रहा है। राज्य में बीजेपी सरकार आने से पहले हिसार के मिर्चपुर और करनाल के सग्गा गांव की घटनाएं काफी चर्चित हुई थीं। बीजेपी सरकार के आने के बाद 2015 में बल्लभगढ़ में एक दलित परिवार को घर के अंदर जिंदा जलाने का मामला सामने आया था। इसके कुछ दिन बाद ही सोनीपत जिले के गोहाना में एक दलित लड़के की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। इन सभी घटनाओं का ईसाई मिशनरियों ने भरपूर फायदा उठाया। ये मामले जिन जिलों के हैं वहां पर पिछले कुछ साल में कई बड़े चर्च खड़े हो चुके हैं। भारी संख्या में लोगों को ईसाई बनाया गया है। अक्सर ये आरोप लगता है कि ये ज्यादातर मामले एक साजिश के तहत करवाए गए, ताकि दलितों में असुरक्षा की भावना पैदा करके उसका फायदा उठाया जा सके। बल्लभगढ़ में परिवार को जिंदा जलाने का मामला तो पूरी तरह फर्जी निकल गया था। इसके बावजूद वहां पिछले साल अगस्त तक 100 से ज्यादा परिवारों ने ईसाई धर्म अपना लिया था। फिलहाल डेरा सच्चा सौदा के कमजोर होने से इन मिशनरियों को हरियाणा का एक बड़ा इलाका खुले मैदान की तरह मिल गया है, जहां वो अपनी मर्जी से जो चाहे कर सकती हैं।

कई जाने-माने लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया है:

नीचे जो वीडियो आप देख रहे हैं वो हरियाणा के फरीदाबाद का है, जहां पर चोरी-छिपे लालच देकर गरीब तबके के लोगों को ईसाई बनाने का खेल सबसे ज्यादा चल रहा है। ये वीडियो एक पंचायत का है, जिसमें लोकल लोगों ने एक पादरी को लोगों को लालच देते पकड़ा था और पुलिस के आगे उसकी सच्चाई का भंडाफोड़ हुआ था।

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