चीनी कंपनी का स्मार्टफोन खरीदकर फंस चुके हैं आप!

सस्ते के चक्कर में बिक रहे लाखों चाइनीज स्मार्टफोन न सिर्फ आम लोग बल्कि देश के लिए खतरा बन चुके हैं। पहली बार सरकार ने इस बारे में खतरे की घंटी बजाई है। ऐसी जानकारी सामने आई है कि चीनी कंपनियों के फोन ग्राहकों के पर्सनल डाटा चीन की एजेंसियों तक पहुंचा रहे हैं। अगर आपके पास कोई चाइनीज फोन है तो हो सकता है कि वो आपके बैंक की डिटेल से लेकर आपकी बेहद निजी तस्वीरों को भी चोरी-चुपके बाहर भेज रहा हो। इस बारे में केंद्रीय टेलीकॉम और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक हाईलेवल बैठक बुलाई थी, जिसमें तय हुआ है कि भारत में कारोबार कर रही सभी मोबाइल कंपनियों से कहा जाएगा कि वो अपने फोन की सिक्योरिटी की जानकारी सरकार को उपलब्ध करवाएं। ऐसी कुल 21 कंपनियों को नोटिस भी भेजे गए हैं।

आपकी पूरी जानकारी चीन के पास

सरकार को ये सिक्योरिटी अलर्ट मिला है कि चीन की कुछ कंपनियों के फोन ग्राहकों की कॉन्टैक्ट लिस्ट, मैसेज लोकेशन और ऐसे तमाम जरूरी जानकारियां बाहर भेज रहे हैं। आजकल हर किसी का मोबाइल नंबर बैंक खाते के साथ लिंक है। कई लोग अपने फोन में बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां भी रखते हैं। ऐसे में ये खतरा बहुत बड़ा है। सुरक्षा मानक पूरा न करने के आधार पर चीन के अलावा कुछ अन्य देशों की कंपनियों को भी नोटिस भेजे गए हैं। साथ ही माइक्रोमैक्स, लावा और कार्बन जैसी कुछ देसी कंपनियां भी इस लिस्ट में शामिल हैं। लेकिन सुरक्षा एजेंसियां खास तौर पर चीन के स्मार्टफोन को लेकर चिंतित हैं। क्योंकि इन्हें लेकर काफी वक्त से सवाल उठते रहे हैं। कुछ वक्त पहले ही यह बात सामने आई थी कि चीनी मोबाइल कंपनी श्याओमी के फोन लोगों के पर्सनल डेटा किसी थर्ड पार्टी को भेज रहे हैं। इसके बाद सेना ने अपने अफसरों के लिए एडवाइजरी जारी करके श्याओमी के फोन न रखने की सलाह दी थी। लेकिन ऐसे संदिग्ध फोन की लिस्ट काफी लंबी है।

किन कंपनियों पर जासूसी का शक?

जिन कंपनियों को नोटिस भेजे गए हैं, उनमें श्याओमी, वीवो, ओप्पो और जियोनी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा आईफोन और सैमसंग से भी डिटेल्स मांगी गई हैं। इसके अलावा कई छोटे-मोटे चाइनीज ब्रांड भी इस लिस्ट में शामिल हैं। इन कंपनियों से उनके ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउज़र और पहले से लोडेड ऐप्स के बारे में पूछा गया है। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स यह शक भी जता चुके हैं कि बड़ी संख्या में लोगों की पर्सनल डिटेल चीन की एजेंसियों तक पहुंच भी चुके हैं। सरकारी संस्थानों, सेना और सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों के लोगों के हाथ में ये फोन किसी खतरे से कम नहीं हैं। क्योंकि इनके जरिए वो इन व्यक्तियों के बारे में बहुत छोटी-छोटी बातें भी जान सकता है। वैसे चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियों को दुनिया भर में शक की नजर से देखा जाता है। अमेरिका, जापान और कई यूरोपीय देशों में लोगों ने तो इनका लगभग बायकॉट ही कर रखा है। लेकिन भारत में ज्यादा फीचर्स और कम कीमत के लालच में लोग इन्हें खरीद लेते हैं।

कौन सा स्मार्टफोन किस देश में बनता है ये जानने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। इस लिस्ट में चीन में बनने वाले स्मार्टफोन की लिस्ट यूं तो बहुत लंबी है, लेकिन उनमें कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं जो चीन की नहीं बल्कि किसी दूसरे देश की हैं और चीन को मैनुफैक्चरिंग हब की तरह इस्तेमाल करती हैं। इन कंपनियों के फोन सुरक्षित माने जा सकते हैं। फिलहाल बेहतर यही है कि जिन कंपनियों को सरकार ने नोटिस भेजा है उनके फोन से दूरी ही बरती जाए।

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