कहानी ‘करोड़पति’ कमाल खान की, बड़ा खुलासा

बायीं तस्वीर उस पत्रिका के कवर पेज की है जिसमें कमाल खान के बारे में यह रिपोर्ट छापी गई है। दायीं तस्वीर भी पत्रिका के अंदर के पन्नों पर छपी है। इसमें कमाल अपनी पत्नी रुचि कुमार के साथ केले के बागानों में खड़े है।

टीवी पर आदर्श की बातें करने वाले एनडीटीवी के पत्रकारों की असलियत सामने आने का सिलसिला जारी है। अब बारी है अपनी रिपोर्ट्स के लिए मशहूर लखनऊ के संवाददाता कमाल खान की। यह पता चला है कि कमाल खान ने मुलायम सिंह के समय से लेकर अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री काल तक लखनऊ में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी बना ली है। कमाल खान ही नहीं, इंडिया टीवी के लिए रिपोर्टिंग करने वाली उनकी हिंदू पत्नी रुचि कुमार भी इस सरकारी लूट में बराबर की हिस्सेदार हैं। लखनऊ से प्रकाशित पत्रिका दृष्टांत ने कमाल खान का पूरा कच्चा चिट्ठा अपने ताजा अंक में छापा है। इस खबर को पढ़कर आप समझ जाएंगे कि ईमानदारी और जनता से जुड़ी पत्रकारिता के नाम पर कमाल खान कैसे मुलायम सिंह यादव से लेकर अखिलेश यादव तक के लिए पूरी वफादारी निभाते रहे। न्यूज़लूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक अपनी काली कमाई का बड़ा हिस्सा वो दिल्ली में एनडीटीवी के मैनेजमेंट तक भी पहुंचाते रहे।

मुलायम से लिखवाए थे 2-2 प्लॉट

कमाल खान ने मुलायम सिंह यादव की सरकार के वक्त लखनऊ के गोमती नगर में (भवन संख्या 1/97 विराज खंड और 1/315 विकल्प खंड) दो प्लॉट कौड़ियों के भाव पर हथियाए। जबकि नियमों के मुताबिक राज्य की मान्यता वाले पत्रकार को एक प्लॉट ही दिया जा सकता है। ये प्लॉट इस नाम पर दिए गए कि सरकारी आवासों में रह रहे पत्रकार उन्हें खाली कर दें। ताकि जरूरतमंद सरकारी कर्मचारियों को सरकारी घर दिए जा सकें। लेकिन कमाल खान और उनके जैसे कई पत्रकारों की भूख नहीं मिटी। कमाल खान ने 2-2 प्लॉट लेने के बावजूद बटलर पैलेस में अपने सरकारी मकान का कब्जा नहीं छोड़ा। उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के मुताबिक जमीन या सरकारी घर की सुविधा सिर्फ अखबार के पत्रकारों को दी जा सकती है। टीवी के पत्रकार वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट के दायरे में नहीं आते।

लखनऊ के पास बड़ा फार्महाउस

लखनऊ के पास मोहनलालगंज से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर हाइवे से सटा गौरा गांव है। यहां गाटा संख्या 1458 कमाल खान और उनकी पत्नी रुचि कुमार के नाम से दर्ज है। इस जमीन का क्षेत्रफल 0.9820 हेक्टेयर यानी लगभग तीन बीघा है। इसी से सटी जमीन (गाटा संख्या 1459) भी कमाल खान और उनकी पत्नी रुचि कुमार के नाम पर है। इसका एरिया 0.6960 हेक्टेयर है। दस्तावेजों के आधार पर तो यह जमीन करीब छह बीघे के आसपास है लेकिन मौके पर देखें तो ये 10 बीघे से भी कुछ ज्यादा है। ये दोनों ही कमाल खान के फार्म हाउस हैं। अगर दस्तावेजों को आधार मानकर चलें तो सिर्फ गौरा गांव में ही कमाल खान की जमीनों की मौजूदा कीमत लगभग 10 से 12 करोड़ के आसपास है। मैगजीन के मुताबिक ये दोनों फार्महाउस उन्हें शिवपाल यादव ने दिलवाए। गांव के किसानों के भारी विरोध के बावजूद शिवपाल ने अपना मंत्री का रौब झाड़कर सबके मुंह बंद करवा दिए थे।

कमाल खान पर ‘समाजवादी कृपा’

पत्रिका ने छापा है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव की कृपा का अहसास गौरा गांव में घुसते ही हो जाता है। ऊबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरते हुए अचानक चमचमाती इंटरलाकिंग टाइल्स लगी चिकनी सड़क आ जाती है। लोकल गांववालों ने बताया कि चमचमाती बाउंड्री वॉल में जो हरे रंग के लोहे के दरवाजे लगे हैं, वो कमाल खान का फार्म हाउस है। फार्म हाउस पर केले की खेती लहलहा रही है। फार्म हाउस की देखभाल करने वाले ने पूछने पर बताया कि 8 बीघे में तो सिर्फ केले की खेती होती है। बाकी खाली जमीन यूं ही पड़ी है। अब सवाल यह उठता है कि जब सरकारी कागजात में कमाल खान और उनकी पत्नी रुचि कुमार के नाम से लगभग छह बीघा जमीन है तो बाकी चार बीघा जमीन किसकी है जिस पर कमाल खान केले की खेती कर रहे हैं?

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