कुमार विश्वास बातें करते रहे इस महिला ने कर दिखाया

सिर्फ बातें करना और सच में कुछ कर गुजरने में कितना अंतर है ये आज श्रीनगर के लाल चौक पर देखने को मिला। अलगवावादियों का अड्डा माना जाने वाला श्रीनगर का लाल चौक आज दिन में ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। कड़ी सुरक्षा को भेदते हुए एक महिला किसी तरह लाल चौक तक पहुंच गई और उसने न सिर्फ तिरंगा झंडा फहरा दिया, बल्कि भारत माता की जय और वंदेमातरम के नारे भी लगाए। (वीडियो नीचे देखें) आपको याद होगा कि कुछ दिन पहले ही कवि और आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने कहा था कि 15 अगस्त पर मैं लाल चौक पर तिरंगा झंडा फहराऊंगा। कुमार विश्वास ने इस वीडियो में देशभक्ति पर बड़ी-बड़ी बातें की थीं। लेकिन आज जब वो दिन आया तो स्वयंभू महाकवि का कहीं अता-पता नहीं था।

अकेली महिला ने दिखाई हिम्मत

लाल चौक पर 71वे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुनीता अरोड़ा नाम की इस महिला ने काफी देर तक ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। सुनीता अरोड़ा लाल चौक की सड़क पर खड़े होकर नारे लगा रही थीं तो वहां मौजूद जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान एकदम से सकते में आ गए। वो उसे घेरने के लिए उनके करीब जाने लगे। वीडियो में एक पुलिसवाला किसी अधिकारी को इस घटना की जानकारी देता भी दिखाई दे रहा है। लेकिन सुनीता अरोड़ा ने नारेबाजी जारी रखी। वीडियो में वो पुलिसवालों से ये कहती भी दिखाई दे रही हैं कि ‘आप भी भारत के हैं और भारत माता की जय करना आपका भी फर्ज है।’ अभिनेता अनुपम खेर ने इस वीडियो को ट्विटर पर पोस्ट किया है। उन्होंने महिला को कश्मीर की रहने वाली बताया है। अनुपम खेर ने लिखा है कि ‘स्वतंत्रता दिवस पर अकेली कश्मीरी महिला श्रीनगर, कश्मीर में भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगा रही है। मैं उसके साहस को सलाम करता हूं। जय हो।’

बीजेपी कार्यकर्ता हिरासत में लिए

बीजेपी के युवा कार्यकर्ताओं ने भी आज लाल चौक पर तिरंगा फहराने का एलान किया था। 200 से ज्यादा बीजेपी कार्यकर्ता श्रीनगर के अलग-अलग इलाकों से हिरासत में लिए गए। इसके अलावा 15 साल की एक लड़की ने भी झंडा फहराने का एलान किया था। लेकिन सुरक्षा बलों ने उसे एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया। बीजेपी लगातार मांग करती रही है कि आजादी के दिन और 26 जनवरी को लाल चौक पर तिरंगा झंडा फहराया जाना चाहिए। अभी वो सत्ता में है, लेकिन उसकी साझीदार पीडीपी इसके लिए तैयार नहीं है। इसके बावजूद बीजेपी के कार्यकर्ता और तमाम कश्मीरी पंडितों के संगठन वहां पर झंडा फहराने की कोशिश करते रहते हैं।


जब देशभक्ति के नारों से गूंज उठा लाल चौक, देखिए वीडियो:

लाल चौक पर तिरंगे का महत्व

लाल चौक पर पहली बार 1948 में पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने तिरंगा फहराया था। लेकिन उन्होंने इसी दौरान ऐसी नीतियां अमल में लाईं, जिससे आगे चलकर वहां तिरंगा फहराना मुहाल हो गया। इसके बाद 1992 में गणतंत्र दिवस के मौके पर बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने कड़ी सुरक्षा के बीच यहां तिरंगा फहराया था। 1990 में घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद हर 15 अगस्त और 26 जनवरी को यहां कड़ी सुरक्षा कर दी जाती है। आज भी लाल चौक पर तिरंगा फहराने का कोई भी कार्यक्रम सुरक्षाबलों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता। अक्सर यहां पर पाकिस्तान का झंडा भी फहराते देखा गया है।

नीचे कुमार विश्वास का वो वीडियो देखिए जिसमें उन्होंने लाल चौक पर इस बार तिरंगा फहराने की बातें कही थीं, लेकिन वो नहीं आए:

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