कपिल मिश्रा ने बताई केजरीवाल की चुप्पी की वजह

काफी समय से इस बात को लेकर कयास लग रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर ऊलजलूल बयानबाजी नहीं कर रहे। यहां तक कि ट्विटर पर भी काफी वक्त से उन्होंने एक बार भी पीएम मोदी के नाम का जिक्र तक नहीं किया है। यहां तक कि अपने मित्र लालू यादव के परिवार के सत्ता में बाहर होने पर भी केजरीवाल ने चुप्पी साधे रखी है। कई लोग इसके लिए केजरीवाल सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा को जिम्मेदार बता रहे हैं। लेकिन खुद कपिल मिश्रा ने केजरीवाल की चुप्पी का कुछ और ही कारण बताया है। कपिल मिश्रा का कहना है कि केजरीवाल एक रणनीति के तहत इन दिनों चुप हैं। वो वित्तमंत्री अरुण जेटली से सुलह के चक्कर में हैं। इसके लिए वो बीजेपी के एक नेता के जरिए कई बार जेटली से संपर्क की कोशिश भी कर चुके हैं। हालांकि कपिल मिश्रा ने अपने औपचारिक बयान में जेटली का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया है।

मानहानि के मुकदमे का है डर

अरविंद केजरीवाल और उनके कई साथियों पर अरुण जेटली ने 5-5 करोड़ रुपये मानहानि का मुकदमा कर रखा है। इस केस में अदालती कार्रवाई पहले से चल रही है। केजरीवाल ने मामले में सीनियर वकील राम जेठमलानी को वकील रखा था। लेकिन जेठमलानी बीच में ही केस छोड़कर हट गए। डीडीसीए में घोटाले का आरोप लगाने वाले केजरीवाल और उनकी टीम अब तक अपने आरोपों के पक्ष में एक भी ठोस दलील कोर्ट के आगे नहीं रख पाए हैं। ऐसे में वो किसी भी तरह इस मुकदमे से निकलना चाहते हैं। जेठमलानी के जाने के बाद उन्होंने अपने बचाव में अभी तक कोई सीनियर वकील भी नहीं किया है। कपिल मिश्रा का दावा है कि केजरीवाल ने बीजेपी के एक नेता से संपर्क किया और उसके जरिए उन्होंने जेटली से मुलाकात की। कपिल ने दावा शुक्रवार को किया लेकिन मीडिया में इस मुलाकात की चर्चा पिछले दो-तीन दिन से है। खुद वकील राम जेठमलानी भी कह चुके हैं कि केजरीवाल अब जेटली से सुलह की कोशिश में हैं।

हाथ जोड़ खड़े रहे केजरीवाल!

कपिल मिश्रा ने दावा किया है कि इस मुलाकात में केजरीवाल ने दोनों हाथ जोड़कर जेटली से कहा कि मेरे मन में मोदीजी के लिए कोई बुरी सोच नहीं है। केजरीवाल ने वादा किया कि अब मैं पीएम मोदी के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोलूंगा। जिस पर बीजेपी के उस नेता (जेटली) ने जवाब दिया कि “मुझे नहीं लगता कि उनके पास आपकी बातों पर गौर करने का वक्त है।” इस मुलाकात में केजरीवाल ने यहां तक कहा कि मैं लिखित माफी मांगने को तैयार हूं। कृपया मानहानि का मुकदमा वापस ले लीजिए। कपिल मिश्रा ने ये दावा संभवत: उस बीजेपी नेता के हवाले से किया है, जिसकी सिफारिश लगाकर केजरीवाल जेटली तक पहुंचे थे। कपिल मिश्रा के दावों को गलत साबित करने के लिए केजरीवाल मोदी के खिलाफ एक ट्वीट कर सकते थे, लेकिन लंबा वक्त बीत जाने के बावजूद अभी तक उन्होंने ऐसा नहीं किया है।

कपिल मिश्रा ने ट्वीट करके भी इस मुलाकात के बारे में बताया है। हालांकि उन्होंने कहीं पर भी सीधे तौर पर अरुण जेटली का नाम नहीं लिखा।

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