क्या गांधी परिवार के इशारे पर चीन दे रहा है धमकियां?

चीन के राजदूत( बायें से दूसरे) के साथ राहुल गांधी और वाड्रा परिवार।

क्या कांग्रेस पार्टी चीन के साथ मिलकर भारत के खिलाफ कोई साजिश रच रही है? ये सवाल एक बार फिर से बड़ा होता जा रहा है। कुछ दिन पहले ही राहुल गांधी के दिल्ली में चीन के राजदूत से चोरी-छिपे मिलने की बात सामने आई थी। तब भी इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। लेकिन अब कई जानकारियां सामने आई हैं, जो नए सवाल खड़े कर रही हैं। अंग्रेजी न्यूज चैनल रिपब्लिक टीवी ने खुलासा किया है कि सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं, पिछले कुछ वक्त से रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका वाड्रा भी चोरी छिपे चीन के राजदूत से मिलजुल रहे थे इन मुलाकातों के फौरन बाद ही चीन ने सिक्किम में भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। चीन पहले भी ऐसी घुसपैठ करता रहा है, लेकिन इस बार पता चला कि वो भारतीय इलाके में सड़क बनाने के इरादे से आया था और सिक्किम के एक बड़े इलाके को हड़पने की तैयारी थी।

चीन-कांग्रेस के बीच सीक्रेट डील!

ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि कांग्रेस पार्टी इन मुलाकातों को छिपाने की कोशिश करती रही है। आमतौर पर ऐसी मुलाकातों की तस्वीरें कुछ मिनटों के अंदर ही सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंच जाती हैं। ऐसी मुलाकातों को लेकर कोई सवाल भी नहीं उठाता। लेकिन राहुल गांधी और चीन के राजदूत की मुलाकात की पोल खुलते ही पूरी कांग्रेस पार्टी हड़बड़ी में आ गई थी। पहले कह दिया कि कोई मुलाकात हुई ही नहीं, फोटो फर्जी है। फिर शाम तक सच को कबूल करना पड़ गया। तब कांग्रेस ने सफाई दी थी कि राहुल गांधी सीमा विवाद पर चीन के राजदूत से बात करने गए थे। लेकिन अगर वो बात करने गए थे तो रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका वाड्रा क्या करने गई थीं? किसी विदेशी दूतावास में मुलाकात से पहले सांसद के तौर पर राहुल गांधी के लिए विदेश मंत्रालय को जानकारी देना जरूरी था, लेकिन उन्होंने ये छोटी सी औपचारिकता भी नहीं पूरी की। इससे शक होता है कि जरूर कुछ छिपाने की कोशिश हो रही है। क्योंकि इन मुलाकातों के बाद चीन जिस तरह से भारत को बढ़-चढ़कर सबक सिखाने की धमकी दे रहा है, वैसा बीते 20-25 साल में कभी नहीं हुआ।

क्या है कांग्रेस पार्टी की सफाई?

रिपब्लिक टीवी ने कांग्रेस पार्टी का पक्ष भी जारी किया है। उसके मुताबिक कांग्रेस पार्टी दावा कर रही है कि ये तस्वीरें 2016 की हैं। इसके मुताबिक सितंबर 2016 में चीन के नए राजदूत भारत आए। इसी साल 19 अक्टूबर को उनकी राहुल गांधी से मुलाकात हुई। इसके सिर्फ 18 दिन बाद 7 नवंबर को कांग्रेस नेता आनंद शर्मा चीनी राजदूत से मिलने पहुंचे। इसके बाद इस साल 19 जनवरी को फिर से राहुल और चीनी राजदूत में भेंट हुई। सवाल इसी बात का है कि चीन जैसे देश के राजदूत से राहुल गांधी की बार-बार हो रही मुलाकातों का क्या मतलब समझा जाए? प्रियंका वाड्रा ने जो सफाई दी है वो और भी अजीब है। उनका कहना है कि वो ताज पैलेस होटल में चीन के दूतावास की तरफ से आयोजित चाइनीज फूड फेस्टिवल में गई थीं। इन मुलाकातों को फिर भी सामान्य मान लिया जाता अगर कांग्रेस पार्टी इन्हें छिपाने की कोशिश नहीं करती और अगर चीन के साथ रिश्ते सामान्य होते।

जाहिर है चीन और कांग्रेस के इस गुपचुप गठजोड़ को लेकर लोगों में गुस्सा है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर खूब प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। ट्विटर पर #VadraChinaTalks हैशटैग भी ट्रेंड कर रहा है। देखिए कुछ लोगों के कमेंट्स।

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