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दिग्विजय की पत्नी जनता के खर्चे पर हीरोइन बन गईं!

तस्वीर में बायीं तरफ दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय को देखा जा सकता है। ये तस्वीर फिल्म के ट्रेलर से ली गई है। साभार- यूट्यूब

राज्यसभा टीवी की चर्चित एंकर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय हीरोइन बन गई हैं। उनकी पहली फिल्म 28 जुलाई को बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली है। बताया जा रहा है कि इस फिल्म में वो छोटे लेकिन अहम किरदार में हैं। अमृता राय का किरदार इतना अहम है कि उन्हें फिल्म के ट्रेलर में भी दिखाया गया है। राग देश नाम की इस फिल्म का प्रोडक्शन राज्यसभा टीवी ने किया है। ये सरकारी चैनल जनता के टैक्स के पैसे से चलता है। वैसे तो इस चैनल को राज्यसभा की कार्यवाही के प्रसारण और समसामयिक मुद्दों से जुड़े कार्यक्रम के लिए बनाया गया था, लेकिन अब यहां जनता के टैक्स के पैसे लगाकर फिल्म बनाई गई है। हमें मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म के लिए फंड राज्यसभा टीवी के हिस्से से ही दिया गया है। (नीचे देखें फिल्म का ट्रेलर)

फिल्म के लिए संसद का इस्तेमाल

इस फिल्म का ट्रेलर संसद भवन में ही धूमधाम से रिलीज किया गया था। यह पहली बार था जब संसद का इस्तेमाल इस तरह से एक कमर्शियल फिल्म के लिए किया गया। इस फिल्म में कुणाल कपूर, अमित साध और मोहित मारवाह लीड रोल में हैं। फिल्म 1945 में हुए मशहूर रेड फोर्ट ट्रायल पर आधारित है। इसी कहानी के इर्द-गिर्द जुड़े किरदारों में दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय को भी जगह दी गई है। आजादी की लड़ाई से जुड़ी कई फिल्में पहले भी बन चुकी हैं, लेकिन जिस तरह से इस फिल्म में जनता के टैक्स के पैसे और संसद भवन का इस्तेमाल किया गया है उससे कई तरह के सवाल खड़े हो सकते हैं। फिल्म के निर्देशक तिग्मांशु धूलिया का दावा है कि इस फिल्म से लोगों को आजादी की लड़ाई में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) की भूमिका के बारे में पता चल सकेगा।

राग देश बनाने के पीछे क्या मकसद

सवाल उठ रहा है कि राज्यसभा चैनल को आखिर इतनी महंगी कमर्शियल फिल्म बनाने की क्या जरूरत आ पड़ी। कहीं ऐसा तो नहीं कि फिल्म के नाम पर कुछ और ही खेल चल रहा है? फिल्म में प्रोड्यूसर के तौर पर गुरदीप सिंह सप्पल का नाम लिखा गया है जो कि चैनल के सीईओ और एडिटर इन चीफ भी हैं। फिल्म की प्रोडक्शन क्वालिटी बेहद मामूली है। न तो स्टार कास्ट और न ही फिल्म के डायलॉग्स वगैरह ऐसे हैं जो अपना असर छोड़ पाएं। ऐसे में यह साफ नहीं है कि अगर फिल्म घाटे में जाएगी तो उसका बोझ कौन उठाएगा और अगर फिल्म हिट होती है तो मुनाफा किसका होगा। फिल्म के कलाकारों को कितने पैसे दिए गए हैं? क्या राज्यसभा चैनल की कर्मचारी होने के बावजूद अमृता राय ने भी फिल्म में काम करने के लिए कोई फीस ली है? साथ ही इस बात का जवाब भी मिलना बाकी है कि फिल्म को बनाने में कितने करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अगर किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदारी राज्यसभा टीवी के अधिकारियों के साथ-साथ उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर भी आएगी, जिनके तहत ये चैनल आता है।

यह भी पढ़ें: राज्यसभा अब कानून नहीं, फिल्में बनाती है!


देखें फिल्म का ट्रेलर:

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