Loose Top

राज्यसभा अब कानून नहीं, बल्कि फिल्में बनाती है!

बीते तीन साल में देश ने देखा है कि कैसे राज्यसभा में तमाम बिल आकर अटकते रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में तो बीजेपी जीत गई, लेकिन राज्यसभा में कांग्रेस का बहुमत बना रहा। हालांकि धीरे-धीरे उसके सदस्य अब रिटायर हो रहे हैं और अगले कुछ महीनों में यहां बीजेपी का बहुमत हो जाएगा। राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है और नए उपराष्ट्रपति जल्द पद संभाल लेंगे। लेकिन आरोप है कि जाते-जाते हामिद अंसारी ने राज्यसभा की कार्यवाही का प्रसारण करने वाले राज्यसभा टीवी को अपनी निजी दुकान बना डाला। आज राज्यसभा टीवी जनता के टैक्स के पैसे को उड़ाने का बड़ा जरिया बन चुका है। यहां एंकर और गेस्ट एंकर के नाम पर कांग्रेस के तनखैया पत्रकारों पर लाखों-करोड़ों रुपये लुटाए जा चुके हैं। यहां तक कि राज्य सभा टीवी अब फिल्मों की फंडिंग भी कर रहा है। इसकी फिल्म ‘रागदेश’ जल्द ही रिलीज होने वाली है।

फिल्म के नाम पर घोटाला?

राज्यसभा टीवी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक चैनल के फंड से एक बड़ी रकम फिल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया को दे दी गई। हमें ये रकम 60 से 70 करोड़ रुपये के बीच होने की जानकारी दी गई है। अगर ये दावा सही है तो खुद ही समझा जा सकता है कि फिल्म के नाम पर कैसी बंदरबांट हुई होगी। क्योंकि फिल्म की प्रोडक्शन क्वालिटी बेहद घटिया है। इसमें लीड रोल में ज्यादातर छोटे-मोटे कलाकार ही हैं। फिल्म के प्रमोशन पर भी कोई खास जोर नहीं दिया गया। तिग्मांशु धूलिया अच्छे फिल्म डायरेक्टर हैं, लेकिन उनको ये फिल्म बनाने का ठेका किस आधार पर दिया गया, यह भी किसी को नहीं पता। फिल्म का ट्रेलर भी संसद भवन के अंदर लॉन्च किया गया। इस इवेंट को राज्य सभा टीवी ने लाइव दिखाया। सवाल ये है कि राज्यसभा टीवी क्या इसी काम के लिए बनाया गया था? जनता के टैक्स की कमाई किसी प्राइवेट व्यक्ति को फिल्म बनाने के लिए कैसे दी जा सकती है? इस फिल्म के बारे में एक विस्तृत खबर न्यूज़लूज़ पर हम जल्द ही पोस्ट करने वाले हैं।

कांग्रेसी लूट का आखिरी अड्डा!

दरअसल राज्य सभा टीवी देश में 2004 से 2014 तक हुई कांग्रेसी लूट की एक और निशानी है। 2014 में कांग्रेस के हाथ से भले ही सत्ता चली गई, लेकिन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के जरिए राज्यसभा पर उसका कब्जा बरकरार रहा। राज्यसभा टीवी में कांग्रेस के जिन सिफारिशी पत्रकारों को कई-कई लाख के पैकेज पर नौकरियां दी गई थीं वो भी पूरी तरह से सुरक्षित रहीं। राज्य सभा के ही खर्चे पर इनमें से कुछ कांग्रेसी पत्रकारों ने देश-विदेश की सैर भी की। इतना ही नहीं राज्यसभा ने कई ऐसे पत्रकारों के स्पेशल प्रोग्राम भी चलाए जो कांग्रेस, नक्सलियों और यहां तक कि जिहादी गुटों के लिए प्रोपोगेंडा करने के लिए बदनाम रहे हैं। ऐसे कुछ पत्रकार हैं- सिद्धार्थ वरदराजन, एमके वेणु (द वायर के संपादक), भारत भूषण (संपादक, कैच न्यूज), गोविंदराज इथिराज (पूर्व प्रधान संपादक, ब्लूमबर्ग टीवी इंडिया, अब इंडिया स्पेंड.कॉम और फैक्टचेकर.इन चलाते हैं) और उर्मिलेश। ये सभी राज्यसभा टीवी पर सरकार विरोधी प्रोपेगैंडा चलाते रहे हैं। बदले में लाखों रुपये की फीस इनके बैंक खातों में पहुंचती रही।

हामिद अंसारी ने दी खुली छूट!

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति होने के नाते हामिद अंसारी वहां की सारी गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार माने जाएंगे। आरोप लगता है कि उन्होंने ही अपनी पसंद के आधार पर एक खास विचारधारा के लोगों को राज्यसभा टीवी में नौकरियों पर रखा। प्रोग्राम और फिल्म बनाने में जो आर्थिक गड़बड़ियां हुईं उनमें भी कहीं न कहीं हामिद अंसारी की भूमिका शक के दायरे में है। दरअसल उन्होंने इस चैनल में गुरदीप सिंह सप्पल नाम के अपने विश्वासपात्र को सीईओ और एडिटर इन चीफ बनाया था। सप्पल को ही सारी धांधलियों का जिम्मेदार माना जाता है। सबसे खास बात ये है कि राज्यसभा टीवी का सारा खर्च केंद्र सरकार उठाती है, लेकिन एक संवैधानिक संस्था के सम्मान की खातिर सरकार ने कभी हामिद अंसारी के फैसलों पर सवाल नहीं उठाया।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:
Donate with

comments

Polls

क्या नरेंद्र मोदी सरकार इसी कार्यकाल में जनसंख्या कानून लाएगी?

View Results

Loading ... Loading ...

Popular This Week

Don`t copy text!