अबू सलेम के गांव में बगदादी के बेटों का कांड देखिए

अबू सलेम के गांव के नाम से बदनाम आजमगढ़ का सरायमीर कस्बा फिर से खबरों में है। यहां कुछ शांतिदूतों ने एक शख्स को बिल्कुल बगदादी के स्टाइल में टॉर्चर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले की पोल खुली। यहां पर 12 जुलाई की रात को कुछ मुस्लिम लड़कों ने शिवकुमार वर्मा नाम के लड़के को उसके घर से अगवा कर लिया गया। इसके बाद उसे अपने घर पर एक लोहे की चारपाई पर बांध दिया गया और बिजली के झटके दिए गए। दरिंदों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया के जरिए वायरल कर दिया। ये वीडियो बेहद भयानक है और अगर आप कमजोर दिल वाले हैं तो बेहतर होगा कि इसे कतई न देखें। (नीचे लिंक) मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है और पीड़ित के घर जाकर उसके बयान दर्ज किए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके धरपकड़ शुरू कर दी है।

दरिंदगी की सारी हदें पार कीं

इस टॉर्चर कांड का मास्टरमाइंड अदनान नाम का एक लड़का बताया गया है। सरायमीर के पठान टोला में रहने वाला अदना कपड़े की दुकान चलाता है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 12 जुलाई की रात गोपालदास सेठ के लड़के शिवकुमार वर्मा को घर से जबरन उठा लिया। इसके बाद पहले उसे बुरी तरह मारा-पीटा गया और उसकी अंगुली काट ली। जब इतने से जी नहीं भरा तो उसे एक लोहे के बेड पर बांधकर वो किया गया, जिसकी कल्पना करना मुश्किल है। शिवकुमार के दोनों पैरों में बिजली का तार बांधकर उसे झटके दिए गए और इसका वीडियो बनाया गया। शिवकुमार जब बुरी तरह चिल्ला और तड़प रहा था तो आसपास से उसकी मदद के लिए कोई नहीं आया। रहम की भीख मांग रहा शिवकुमार दर्द की हालत में अपने भगवान का नाम भी नहीं ले सकता था। वो अल्ला-अल्ला चिल्ला रहा था कि शायद इसी बात से उसे छोड़ दिया जाए, लेकिन उसका भी कोई फायदा नहीं हुआ। जब वो रो रहा था तो ये दरिंदे जोर-जोर से हंस रहे थे। जब शिवकुमार की हालत बिगड़ गई थो उसे घर से कुछ दूरी पर ले जाकर फेंक दिया गया। जहां से उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मोदी, योगी को गाली देने पर झगड़ा!

पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर नौ शांतिदूतों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें से अदनान, तारिक, अतीक और राशिद को पुलिस ने पकड़ लिया है। इसके अलावा फैज, नदीम, अयूब, यूसुफ और शफीक खबर लिखे जाने तक फरार थे। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कुछ जगहों पर छापेमारी भी की है। आजमगढ़ के एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बयान दिया है कि ये मामला मोबाइल चोरी से जुड़ा हुआ है। लेकिन खुद पीड़ित और उसे जानने वालों का कुछ और ही कहना है। उनके मुताबिक मोबाइल चोरी का झूठा इल्जाम लगाकर पिटाई की गई, लेकिन असली कारण यह नहीं है। शिवकुमार के मुताबिक कुछ दिन पहले सब्जीमंडी पर कुछ शांतिदूत पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी को गालियां दे रहे थे। जब उसने इस पर ऐतराज जताया तो उसे धमकी दी गई। इसके ही अगले दिन मुंह पर गमछा बांधकर आए दरिंदों ने उसे अगवा कर लिया। और आगे जो कुछ हुआ उसका वीडियो नीचे आप खुद देख सकते हैं।

वीडियो देखने के लिए क्लिक करें

जुनैद और अखलाक जैसी घटनाओं पर पूरे देश और हिंदू समाज को बदनाम करने वाली मीडिया इस घटना पर चुप्पी साधे हुए है। कुछ चैनलों और अखबारों की वेबसाइटों पर यह खबर जरूर आई है। लेकिन इसे लेकर कोई हंगामा या नाराजगी देखने को नहीं मिल रही। उधर सोशल मीडिया पर लोगों में इस घटना को लेकर बहुत नाराजगी है और लोग चाहते हैं कि दोषियों को ऐसी सजा दी जाए ताकि कोई शांतिदूत भारत में रहकर सीरिया और इराक जैसी हरकत करने से बाज आए।

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