हाइवे पर ठेके दोबारा खुलवाना चाहते हैं केजरीवाल

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार हाइवे के किनारे शराब की दुकानें दोबारा खुलवाना चाहती है। दरअसल अदालती आदेश के बाद दिल्ली में भी कई शराब की दुकानें बंद करनी पड़ी हैं। दिल्ली सरकार ने इस बारे में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को चिट्ठी लिखकर नेशनल हाइवे नंबर 236 पर बने 11 होटलों और रेस्टोरेंट को स्पेशल छूट देने की मांग की है। चिट्ठी में कहा गया है कि यहां पर शराब के ठेके बंद होने से स्थानीय कारोबारी बर्बाद होने के कगार पर हैं। इसलिए उन्हें तत्काल राहत की जरूरत है। यह हाइवे दिल्ली में मेहरौली से गुड़गांव बॉर्डर तक जाता है। इस पर दिल्ली के कई बड़े होटल, रिजॉर्ट और रेस्टोरेंट हैं, जिनमें फाइवस्टार पार्टियां हुआ करती हैं। इनके कारण दिल्ली में आए दिन अपराध और हादसे भी होते रहते हैं।

नशाखोरी की खुलेआम वकालत

हैरानी की बात है कि आम आदमी पार्टी ने नशाखोरी के ही मुद्दे पर पंजाब में विधानसभा का चुनाव लड़ा था। हालांकि जब वो पंजाब में नशाखोरी के खिलाफ कथित आंदोलन चला रही थी उसी दौरान दिल्ली में 400 से ज्यादा शराब के ठेके बांटे गए। इसके कारण दिल्ली में गली-गली में शराब की दुकानें खुल चुकी हैं। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में तो एक पूरा का पूरा शॉपिंग मॉल ही शराब के नाम पर समर्पित हो चुका है। यहां एक ही छत के नीचे कई दर्जन शराब की दुकानें खुली हुई हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जो कुछ दुकानें बंद हो गईं उन्हें भी खुलवाने के लिए डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के नाम से चिट्ठी भेजना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।

क्या चाहती है केजरीवाल सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के सभी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे 500 मीटर की दूरी तक शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके कारण दिल्ली समेत पूरे देश में हजारों दुकानें बंद करनी पड़ी हैं। एनएच 236 राजधानी का बेहद व्यस्त इलाका है जहां रिहायशी कॉलोनी, बड़े-बड़े फार्म हाउस, बड़े मॉल और एंटरटेनमेंट सेंटर भी हैं। छतरपुर, सुल्तानपुर और घिटोरनी में अब दर्जन भर होटल व रेस्टोरेंट खुल चुके हैं। दिल्ली सरकार इस चक्कर में है कि इस हाइवे की अधिसूचना को रद्द करके इसे शहर की सड़क का दर्जा दिलवा दिया जाए, ताकि आराम से जाम छलकाए जा सकें। जाहिर है इस लॉबिंग के पीछे कहीं न कहीं दिल्ली की शराब माफिया का असर भी दिखाई दे रहा है।

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