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मीडियावालों जान लीजिए कि मोदी जी मिलते क्यों नहीं!

इंडिया गेट से कोई 500 मीटर की दूरी पर बीजेपी का मुख्यालय है। आजकल यहाँ पत्रकारों की गहमगहमी कुछ ज्यादा ही होती है। बीते बुधवार की शाम मुझे एक हिंदी न्यूज़ चैनल के पत्रकार मिले। वे 8-10 साल से बीजेपी की बीट कवर रहे हैं। पार्टी के तकरीबन हर बड़े नेता को वो व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं। लेकिन बीजेपी की बढ़ती सफलता को लेकर उनके चेहरे पर मुझे उत्साह नहीं दिखा जो आमतौर पर बीट के रिपोर्टरों में दिखता है। इसलिए मैंने उनसे पूछा, क्या बात है, सब खैरियत तो है? तब वे बोले भाईसाहब अब यहाँ हमें पूछता कौन है? सिर्फ शाम की ब्रीफिंग में चाय समोसा मिल जाता है।

हिंदी न्यूज़ चैनल के एक बड़े नामी गिरामी एंकर की राय भी कुछ ऐसी ही थी। उनकी बातों से ज़ाहिर हुआ कि उन्हें मलाल इस बात का है कि जब मोदी जी सीएम थे तो फ़ोन कॉल रिटर्न करते थे लेकिन अब तो मोदीजी चैनल मालिक तक को नहीं पूछते हैं। आजकल हाल ये है कि चैनल मालिक ही मोदीजी को किसी समारोह में बुलाने के बहाने ढूँढ़ते रहते हैं। यूपी के एक केंद्रीय मंत्री भी मुझसे कुछ दिन पहले कह रहे थे कि मोदीजी से कैबिनेट में ही बड़ी मुश्किल से मुलाकात होती है। उनसे मिलने का टाइम मांगते हैं पर जल्दी बुलावा नहीं आता। बीजेपी के नेता हों, संपादक हों या दिल्ली के अन्य प्रभावशाली लोग, मोदी से सबके गिले-शिकवे कुछ ऐसे ही हैं। उनके बताने का अंदाज़ अलग हो सकता है लेकिन बातों का मतलब यही है कि मोदी के दरबार में अब उनकी पूछ नहीं है।

ये सच है कि जिन्हें सत्ता के नज़दीक रहने की आदत हो, वो मोदी से भला खुश कैसे रह सकते हैं। उन्हें तो गिला सिर्फ ये है कि पीएम के निवास पर होने वाले कार्यक्रमों के न्योते अब नहीं मिलते हैं। कुछ संपादकों का कहना है कि महीनों की कोशिश के बावजूद उन्हें आज तक अपॉइंटमेंट नहीं मिला। और कुछ पुराने दरबारियों को शिकायत है कि मोदीजी ने चाय पर चर्चा के लिए उन्हें तीन साल में एक बार भी नहीं बुलाया। सवाल मोदी के नज़दीक पहुँचने का नहीं है। सवाल ये है कि अगर आप एमपी हैं या संपादक हैं, तो आपको प्रचंड बहुमत वाला प्रधानमंत्री किसलिए ओब्लाइज करे? क्यों चाय पर अपने घर बुलाये? आपकी उपयोगिता क्या है? आपसे क्या काम लिया जा सकता है? सरकार तो सचिव और बाबू चलाते हैं। नीति, कानून एक्सपर्ट्स बनाते हैं? चुनाव की रणनीति संगठन बना रहा है और जनता का फीडबैक सोशल मीडिया से सीधे मिल रहा है. तो आपको मोदीजी किस काम के लिए अपना वक़्त दें?

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