यूपी में ‘भगवाधारियों के आतंक’ का चेहरा अली शेर!

यूपी में भगवा गमछे पहनकर अपराध करने और डराने-धमकाने के आरोपों की सच्चाई सामने आनी शुरू हो गई है। यहां प्रतापगढ़ में पुलिस ने मुस्लिम अपराधियों के एक गिरोह को पकड़ा है जो बाकायदा भगवा कपड़े पहनकर लूटमार और हत्या की घटनाओं को अंजाम देते थे। यह बात भी सामने आई है कि इसके पीछे उनका मकसद राज्य की बीजेपी सरकार और दूसरे हिंदूवादी संगठनों को बदनाम करना था। पिछले कुछ वक्त से खुफिया इनपुट्स मिल रहे थे कि यूपी में लंबे समय से सक्रिय अपराधी गिरोहों ने ये नई रणनीति अपनाई है। इसके बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि ऐसे लोग अपनी हरकतों से बाज आ जाएं, वरना पकड़े जाने पर पछताना पड़ेगा।

कैसे पकड़े गए गुनहगार?

प्रतापगढ़ जिले के लालगंज में 24 अप्रैल को दिनदहाड़े एक जाने-माने वकील धनंजय मिश्रा को गोली मार दी गई थी। मौके पर मौजूद उनकी बेटी अंशिका ने पुलिस को बताया कि हमलावरों ने भगवा गमछे पहन रखे थे। इसके बाद मीडिया ने बिना सोचे-समझे इस हत्या के लिए हिंदू वाहिनी और दूसरे संगठनों को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया था। हमले के वक्त धनंजय मिश्रा अपनी बेटी को कॉलेज से परीक्षा दिलाकर लौट रहे थे। सभी बदमाश एक बाइक से वहां आए थे। इसके बाद जांच की जिम्मेदारी एसटीएफ को सौंपी गई थी। जिन्होंने गोली मारने वाले अपराधी अली शेर उर्फ सोनू को धर दबोचा। अली शेर अपनी गैंग चलाता है और भगवा पहनकर ही हमलों को अंजाम देता है। पुलिस उससे आगे की पूछताछ कर रही है।

कुछ और गिरोह भी सक्रिय

यूपी पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक शक है कि ऐसे कई और आपराधिक गिरोह भगवा की आड़ में सक्रिय हो सकते हैं। लूटमार के कई और मामलों में भगवा गमछे, कलावा और रुद्राक्ष की बातें सामने आ चुकी हैं। हालांकि पहचान छिपाने के लिए अपराधियों का ये तरीका पुराना है, लेकिन योगी सरकार बनने के बाद से अचानक इसमें बढ़ोतरी आई है। जब एंटी-रोमियो स्क्वॉड एक्शन में था तो उस समय भी बाकायदा साजिश के तहत भगवा गमछे पहनकर लड़कियों से छेड़खानी के मामले अचानक बढ़ गए थे। फैजाबाद और बुलंदशहर ऐसे कुछ अपराधी उस वक्त पकड़े भी गए थे, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया था। इसी तरह कुछ दिन पहले गोरखपुर हाइवे पर गमछे पहने लोगों को वसूली करते गिरफ्तार किया गया था। बाद में पता चला कि ये सभी अपराधी किस्म के लोग थे जो कुछ दिन पहले तक एक दूसरे राजनीतिक दल के झंडे लगाए नजर आते थे। भगवा गमछे पहनकर अपराध करने वाले गिरोहों को राजनीतिक संरक्षण मिले होने का भी शक है।

गाड़ियों पर भगवा झंडे भी

यह बात भी यूपी पुलिस की जानकारी में है कि कई आपराधिक किस्म के लोग इन दिनों गाड़ियों पर भगवा झंडे लगाकर घूम रहे हैं ताकि तलाशी अभियानों से बच सकें। ऐसे ज्यादातर बदमाश किसी अनजान हिंदू संगठन के नाम की सदस्यता लिए हुए होते हैं और भगवा झंडे का इस्तेमाल खुद को पकड़े जाने से बचाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल पुलिस ऐसे तत्वों की जानकारी जुटा रही है और बहुत जल्द ऐसे बदमाशों के खिलाफ बाकायदा अभियान चलाए जाने के आसार हैं।

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