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पानी मिले न मिले, शराब पिलाएगी केजरीवाल सरकार

दिल्ली सरकार ने शराब की सभी दुकानों को आदेश दिया है वो कम से कम एक हफ्ते का स्टॉक अपने पास रखें। ताकि शहर में शराब की कोई कमी न हो। दिल्ली सरकार के एक्साइज डिपार्टमेंट की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है जिसके मुताबिक दुकानें यह सुनिश्चित करें कि शहर में शराब की ‘बेरोकटोक सप्लाई’ जारी रहे। दुकानों को शराब के सभी ब्रांड अपने पास स्टॉक करके रखने होंगे ताकि ऐसा न हो कि किसी एक शराब की कमी पैदा हो जाए और लोगों को परेशानी उठानी पड़े। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि जो शराब डिस्ट्रीब्यूटर इसका पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि दिल्ली में शराब के कुछ ब्रांड्स की किल्लत हो गई है, इसके बाद अरविंद केजरीवाल सरकार ने ये आदेश जारी किया। ये आदेश हैरानी में डालने वाला है। क्योंकि 2015 के विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का यह भी एक चुनावी वादा था कि वो सरकार में आने के बाद ऐसे कदम उठाएंगे जिनसे शराब की खपत कम हो। दिल्ली में गर्मी के मौसम में कई इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा होता है। ये हैरानी की बात है कि सरकार को पानी से ज्यादा इस बात की फिक्र है कि शराब की किल्लत न हो।

कमाई बढ़ाने की फिक्र!

शराब को लेकर दिल्ली सरकार का ये आदेश दरअसल इसके जरिए होने वाली कमाई को बढ़ाने के मकसद से बताया जा रहा है। गर्मी के मौसम में शादी-ब्याह के कारण खपत बढ़ जाती है। आदेश में कहा गया है कि शराब के सभी होलसेल सप्लायर दिल्ली में बिकने के लिए मंजूर सभी ब्रांड्स का एक हफ्ते का स्टॉक मेंटेन करें और हर हफ्ते के पहले दिन इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजें। यह रिपोर्ट असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर के पास जाया करेगी।अगर किसी दुकान में माल कोटे से कम हुआ तो उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसमें कहा गया है कि इस सीजन में शराब के किसी ब्रांड की किल्लत की शिकायत नहीं आनी चाहिए। दरअसल दिल्ली सरकार जिस तरह से बिजली और पानी की सब्सिडी पर भारी खर्च कर रही है उसके चलते कमाई के अतिरिक्त जरिए ढूंढने का दबाव है। सरकार की कमाई का एक बड़ा जरिया शराब की दुकानें और बार हैं। इनसे हर साल करोड़ों रुपये की आमदनी सीधे तौर पर सरकार को होती है। दिल्ली देश भर में सबसे ज्यादा शराब की खपत वाले राज्यों में से है। यहां पर शराब सस्ती होने के कारण दूसरे राज्यों से आकर भी लोग चोरी-छिपे शराब ले जाते हैं।

शराब माफिया से साठगांठ

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार पर आरोप लगता है कि उसकी शराब माफिया के साथ साठगांठ है। एक आरटीआई के मुताबिक सरकार ने शराब की दुकान के 72 नए लाइसेंस जारी कर दिए हैं। इसके अलावा 217 रेस्टोरेंट्स को बार के लाइसेंस दिए गए। कुल मिलाकर दिल्ली में करीब 2 साल में 289 नए मयखाने खुल गए। इनमें से कई तो रिहाइशी कॉलोनियों के अंदर भी हैं। हैरत की बात यह है कि केजरीवाल सरकार पहले शराब की दुकानों का विरोध करती आई है और केजरीवाल यहां तक कहा करते थे कि अगर किसी इलाके में महिलाएं विरोध में हों तो वहां शराब की दुकान नहीं खुलेगी। अब हालत यह है कि महिलाओं की राय लेना तो दूर, उनके विरोध-प्रदर्शनों का भी कोई असर नहीं हो रहा है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक सड़कों पर आए दिन होने वाले हादसों, रोड रेज़, महिलाओं पर अत्याचार और दूसरे तमाम अपराधों में से ज्यादातर शराब के नशे में किए जाते हैं।

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल शराब की दुकानों को लेकर क्या कहा करते थे वो आप इस 53 सेकेंड के वीडियो में सुन सकते हैं।

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