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लालू के आदमी को राज्यसभा पहुंचाएंगे केजरीवाल!

अगले साल की शुरुआत में राज्यसभा में एंट्री पाने के अरमान लिए बैठे आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं के अरमानों पर पानी फिर सकता है। खबर है कि अपनी पार्टी के बजाय अरविंद केजरीवाल लालू यादव के दो कैंडिडेट्स को राज्यसभा पहुंचाएंगे। दरअसल दिल्ली में राज्यसभा की तीन सीटें हैं। ये तीनों सीटें अगले साल जनवरी में खाली होनी हैं। दिल्ली विधानसभा में विधायकों की मौजूदा संख्या को देखते हुए ये तय है कि ये तीनों सीटें आम आदमी पार्टी के ही खाते में जाएंगी। तीन सीट के लिए अभी पार्टी के कई दिग्गज उम्मीद लगाए हुए थे। लेकिन अरुण जेटली मानहानि मामले ने सारे समीकरण उलट-पुलट दिए हैं। खबर है कि लालू यादव ने केजरीवाल से दिल्ली की कम से कम दो राज्यसभा सीट ‘मांगी’ है। मतलब ये कि इन सीटों पर लालू यादव अपने दो लोगों को राज्यसभा भेजने के जुगाड़ में हैं। दरअसल जेटली मानहानि केस में राम जेठमलानी को 4 करोड़ रुपये कोर्ट फीस देने पर विवाद के बाद कहानी में ट्विस्ट आया। यह तय माना जा रहा है कि केजरीवाल दिल्ली सरकार से वकील की फीस नहीं दिला पाएंगे। सूत्र के मुताबिक लालू यादव ने अपने एक दूत के जरिए संदेश भेजा कि वो जेठमलानी से बात करके उनको मुफ्त में केस लड़ने को तैयार कर लेंगे। लेकिन इसके बदले में उन्हें राज्यसभा की दो सीटें चाहिए। अभी यह साफ नहीं है कि केजरीवाल ने इस शर्त के लिए हामी भरी है या नहीं। लेकिन मौजूदा हालात में उनके पास कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है।

केजरीवाल के संकट मोचक लालू!

दरअसल अरुण जेटली ने केजरीवाल समेत उनकी पार्टी के 6 नेताओं पर 10-10 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा ठोंका है। इन नेताओं ने डीडीसीए घोटाले में जेटली पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। ये वो आरोप थे जो पहले ही झूठे साबित हो चुके थे, लेकिन सियासी फायदा पाने की नीयत से केजरीवाल ने कई दिन लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वही आरोप दोबारा जेटली पर लगाए। मामला कोर्ट में पहुंचने से केजरीवाल के लिए मुश्किल पैदा हो गई है। जेटली का सामना करने के लिए उन्हें उन्हीं के कद का वकील चाहिए था। राम जेठमलानी इसके लिए तैयार तो हो गए, लेकिन उन्होंने हर पैरवी पर 22 लाख रुपये के हिसाब से 3.86 करोड़ रुपये का बिल भेज दिया। केजरीवाल ने ये रकम दिल्ली सरकार से दिलाने की कोशिश की, लेकिन ताजा विवाद के बाद ऐसा होना लगभग नामुमकिन है। ऐसे में लालू यादव उनके लिए संकट मोचक बनकर आए और उन्होंने जेठमलानी से बात करके फीस माफ करा दी, साथ ही ये भी भरोसा दिला दिया कि वो आगे भी ये केस मुफ्त में लड़ेंगे। जेठमलानी ने लालू की बात इसलिए मान ली, क्योंकि लालू यादव ने ही उन्हें बिहार से राज्यसभा की सदस्यता दिलाई है।

आप की सीट, लालू का कैंडिडेट

हमारे सूत्र के मुताबिक लालू यादव ने जो दो राज्यसभा सीटें केजरीवाल से मांगीं हैं, संभवत: उन पर वो दो लोग राज्यसभा पहुंचाए जाएंगे, जो फिलहाल सीधे तौर पर आरजेडी के साथ नहीं जुड़े हुए हैं। अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली से अपने कोटे की तीन में से सिर्फ एक पर केजरीवाल अपने मनपसंद नेता को बिठा सकेंगे। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के बाद राज्यसभा के लिए योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, कुमार विश्वास, संजय सिंह और आशुतोष जैसे नाम चल रहे थे। जब प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव बाहर हो गए, तो माना जा रहा था कि तीनों सीटें कुमार विश्वास, संजय सिंह और आशुतोष में बंट जाएंगी। लेकिन अब इसके आसार कम हैं। एक सीट के लिए आप के तीन नेताओं में झगड़े का फायदा बैंकर मीरा सन्याल या एक्ट्रेस गुल पनाग को भी मिल सकता है।

भ्रष्टाचारियों का वकील जेठमलानी!

अन्ना आंदोलन के दौरान खुद केजरीवाल जिन्हें देश का सबसे बड़ा चोर बताते थे, उनमें से ज्यादातर के मुकदमे राम जेठमलानी ही लड़ते रहे हैं। चारा घोटाले में लालू यादव के अलावा जेठमलानी ने शेयर दलाल हर्षद मेहता, अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान, बलात्कार के आरोपी आसाराम बापू जैसे बदनाम मुअक्किलों का भी केस लड़ा है। कुछ वक्त पहले जेठमलानी के बारे में सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा था कि “हम दोनों भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन जैसे ही किसी केस में करप्शन की बात साबित हो जाती है, वैसे ही जेठमलानी पाला बदल लेते हैं और भ्रष्टाचारी को बचाने की लड़ाई शुरू कर देते हैं।”

परदे के पीछे चल रहा ये सारा सियासी खेल हमें संबंधित पक्षों से जुड़े एक व्यक्ति के जरिए पता चला है। हम उसका नाम उजागर नहीं कर सकते। इन तमाम दावों की सच्चाई इस साल के आखिर तक सामने आ जाएगी, जब दिल्ली में राज्यसभा के लिए उम्मीदवार चुने जाएंगे। फिलहाल दिल्ली की तीनों सीटों पर कांग्रेस के सदस्य हैं। इनका कार्यकाल 27 जनवरी 2018 को खत्म हो रहा है।

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