गरीबों का हक़ खा कर मोटी हुईं आजम खान की भैंसें!

उत्तर प्रदेश के वक्फ घोटाले में आजम खान पर शिकंजा कसता जा रहा है। वक्फ बोर्ड की जमीनों की हेराफेरी के मामले में आजम खान के खिलाफ दस्तावेजी सबूत धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान पर वक्फ बोर्ड की 700 करोड़ रुपये की जमीनों के गलत इस्तेमाल का आरोप है। आजम ने बोर्ड की 500 करोड़ रुपये की जमीन तो बेच भी डाली। इसके अलावा भारी मात्रा में जमीन का उन्होंने निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घोटाले की फाइल तलब की है। योगी सरकार में मुस्लिम वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा खुद इस मामले को देख रहे हैं। अगर यह मामला आगे बढ़ता है तो हो सकता है कि आजम खान गायत्री प्रजापति के बाद अखिलेश के दूसरे मंत्री हों, जिनको जेल जाना होगा। आजम खान पर सिर्फ वक्फ बोर्ड ही नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को दिए जाने वाला पौष्टिक आहार भी चट करने का आरोप है। आरोप लग रहे हैं कि आजम ने घोटाले की ये सारी रकम रामपुर में बन रही अपनी जौहर यूनिवर्सिटी में लगा दिए।

आम मुसलमानों की जमीन की लूट

मुसलमानों के रहनुमा होने का दावा करने वाले आजम खान मुसलमानों की जमीनों में ही गबन कर रहे थे। वक्फ बोर्ड की जमीन आम तौर पर मुसलमानों की भलाई से जुड़ा होता है। इनका इस्तेमाल उन कामों के लिए होना चाहिए, जिससे सामान्य और गरीब मुस्लिम परिवारों की बेहतरी हो। वक्फ काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस धांधली की जांच करके 36 पन्नों की एक रिपोर्ट दी है, जिसमें तत्कालीन वक्फ मंत्री आजम खान और शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी समेत कई लोगों की भूमिका शक के दायरे में मानी गई है। योगी सरकार के मंत्री मोहसिन रज़ा ने कहा है कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड से जुड़ी यह रिपोर्ट उन्हें कुछ दिन पहले ही मिली है। इसमें पिछले 10 सालों के दौरान वक्फ की जायदाद को लेकर हुई शिकायतों की जांच है। इस लगभग पूरे समय रिजवी ही शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहे और पिछली अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में वह आजम खान के बहुत करीब थे। फिलहाल सरकार को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की रिपोर्ट का इंतजार है, जो जल्द ही आने की उम्मीद है। उसके बाद वह इन दोनों रिपोर्ट और वक्फ सम्पत्तियों के बारे में मिली शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे और उनके बाद आगे की कार्रवाई का फैसला होगा। मांग हो रही है कि पूरे घोटाले की सीबीआई से जांच करवाई जाए।

मुसलमानों की जमीन पर ‘तबेला’

कुछ दिन पहले शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे सादिक ने आरोप लगाया था कि आजम खान ने गर्भवती महिलाओं पर खर्च होने वाली रकम और वक्फ बोर्ड की जमीन में घोटाला करके जो पैसा कमाया वो सब उन्होंने अपनी जौहर यूनिवर्सिटी और अपने दूसरे स्कूलों में खर्च कर दिया। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया है कि आजम खान ने सत्ता की धौंस दिखाकर रामपुर की वो कॉलोनी खाली करवा ली, जो वक्फ बोर्ड की जमीन पर बनी हुई थी। बाकायदा पुलिस और जेसीबी मशीनों की मदद से इस कॉलोनी को खाली कराया गया और इसकी जमीन को बाद में आजम खान ने अपने रामपुर पब्लिक स्कूल को दे दिया।

कृपया लेख कॉपी-पेस्ट न करें। कई लोग पोस्ट कॉपी करके फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर देते हैं, जिससे वेबसाइट की आमदनी काफी कम हो गई है। राष्ट्रवाद की विचारधारा पर आधारित यह वेबसाइट बंद हो जाएगी तो क्या आपको खुशी होगी? कृपया खबरों का लिंक शेयर करें।
एक अपील: न्यूज़लूज़ के जरिए हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है और हमारी आमदनी काफी कम। हम अपने काम को जारी रख सकें इसके लिए हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। ये हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। डोनेट करने के लिए क्लिक करें:

comments

Tags: , , ,