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योगी का नाम लेने से भी क्यों डर रहे हैं केजरीवाल?

प्रधानमंत्री से लेकर बीजेपी के लगभग हर मुख्यमंत्री और मंत्री के लिए गाली-गलौज वाली भाषा इस्तेमाल कर चुके अरविंद केजरीवाल ने अब तक योगी आदित्यनाथ के लिए मुंह तक नहीं खोला है। कई लोग इसका कारण जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या है कि योगी का नाम सुनकर ही केजरीवाल का को सांप-सूंघ गया। आम आदमी पार्टी पहले ही इशारा कर चुकी है कि वो 2022 में यूपी विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। पार्टी नेता संजय सिंह तो खुद को अभी से यूपी के भावी मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट करने में जुटे हैं। लेकिन योगी के सीएम बनने के बाद से उत्तर प्रदेश को लेकर केजरीवाल की पार्टी मानो सदमे में है। पार्टी ने गोवा से लेकर मणिपुर तक में बीजेपी की सरकार बनने पर औपचारिक तौर पर विरोध दर्ज कराया। केजरीवाल लगातार ये कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश समेत इन तमाम राज्यों में बीजेपी की जीत जनता के कारण नहीं, बल्कि ईवीएम में गड़बड़ी के कारण हुई है। लेकिन जब कभी भी पत्रकारों ने योगी आदित्यनाथ के बारे में पूछा, आम आदमी पार्टी के नेता सवाल टाल गए।

एमसीडी चुनाव को लेकर टेंशन

दरअसल दिल्ली में अगले महीने नगर निगम के चुनाव होते हैं। पंजाब और गोवा के बाद केजरीवाल को यहां पर भी हार का खतरा दिख रहा है। दिल्ली में पिछले ढाई साल में आम आदमी पार्टी की सरकार के कामकाज से लोगों की निराशा भी इसकी बड़ी वजह है। ऐसे में केजरीवाल योगी आदित्यनाथ पर हमला करने का जोखिम मोल नहीं लेना चाहते। दरअसल दिल्ली में 30 से 40 फीसदी वोटर पूर्वी यूपी और बिहार के हैं। योगी आदित्यनाथ इन दोनों ही इलाकों में सबसे लोकप्रिय नेता माने जाते हैं। सीएम बनने के बाद उनकी लोकप्रियता चरम पर है। केजरीवाल को लग रहा है कि अगर योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एक शब्द भी बोला तो ये सारे वोट छिटक सकते हैं। बीजपी ने एमसीडी चुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारकों की जो लिस्ट तैयार की है, उसमें योगी का नाम सबसे खास है। योगी के अलावा लगभग सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रचार के लिए आएंगे। दिल्ली में हर राज्य के लोग रहते हैं और इस तरह से बीजेपी सभी वोटरों को अपने साथ लाने की रणनीति पर काम कर रही है।

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