रवीश कुमार की ये ‘बहन’ आजकल विवादों में क्यों हैं!

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एनडीटीवी चैनल के पत्रकार रवीश कुमार के परिवार के एक और कथित सदस्य को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें चल रही हैं कि रवीश कुमार की बहन नीता कुमारी पांडेय भ्रष्टाचार के केस में नौकरी से सस्पेंड कर दी गई हैं। नीता कुमारी पांडेय बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सर्वशिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं। उन पर फर्जी टीईटी शिक्षकों को सवा करोड़ रुपये के अवैध भुगतान, बिना सर्विस रिकॉर्ड के वेतन भुगतान समेत भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे। बिहार शिक्षा विभाग ने जांच में इन आरोपों को सही पाया और नीता पांडेय को पद से निलंबित करने का आदेश दे दिया गया। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दे दिए गए हैं। नीता पांडेय के भ्रष्टाचार का मुद्दा बिहार विधानसभा में भी उठ चुका है। नीता पर जो भी आरोप हैं, उनका रवीश कुमार से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि हमारे सूत्र ने सोशल मीडिया पर चल रहे इन दावों की पुष्टि की है कि नीता रवीश कुमार की ही बहन हैं। नीता पांडेय का संबंध बिहार के शिक्षा माफिया से बताया जा रहा है। इसी के दम पर वो बार-बार पकड़े जाने के बाद भी हर बार कमाऊ पोस्टिंग पाती रही हैं। रवीश कुमार के सगे बड़े भाई ब्रजेश पांडेय भी सेक्स रैकेट चलाने के मामले में फरार चल रहे हैं। उन पर एक दलित नाबालिग लड़की ने बलात्कार और वेश्यावृत्ति का हाईप्रोफाइल रैकेट चलाने का आरोप लगाया था। पढ़ें: सेक्स रैकेट में धरा गया रवीश कुमार का कांग्रेसी भाई

भ्रष्टाचार के पुराने हैं आरोप

न्यूज़लूज़ ने जब इस मामले की तहकीकात की तो कई कहानियां सामने आने लगीं। स्थानीय पत्रकार कुंदन कुमार ने नीता के भ्रष्टाचार के बारे में एक वाकये का सोशल मीडिया पर जिक्र किया है। (नीचे देखें)  उन्होंने बताया है कि “जिले के एक राजकीय मध्य विद्यालय में भवन के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार पर मैंने जब तफतीश शुरू की थी, तब नीता कुमारी पांडेय ने मेरे हर आरोप को यह कहकर खारिज कर दिया था कि विद्यालय की बिल्डिंग के निर्माण में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। जबकि नंगी आंखों से देखा जा सकता था कि बिल्डिंग बनाने में बड़े पैमाने पर लूट हुई थी और छोटे-छोटे बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया गया था। ये पहला मौका नहीं है जब नीता कुमारी पांडेय भ्रष्टाचार के केस में निलंबित हुई है। सर्व शिक्षा अभियान से पूर्व वो जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) मुजफ्फरपुर के पद पर भी नियुक्त थीं। उन्होंने वहां पर अवैध निकासी और अवैध शिक्षकों की बहालियां की थीं। जिसकी जांच में भी आरोप सही पाए गए और काफी वक्त सस्पेंड रहीं। पैसे की वसूली और ऊपर तक उसके बंटवारे की एक्सपर्ट मानी जाने वाली इस भ्रष्ट और कुटिल महिला को हमेशा से राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा है। बार-बार करप्शन के केस में फंसने के बावजूद वो मनचाहे पदों पर नियुक्ति पाती रही और सरकारी पैसों की लूट को जारी रखा। मुझे पूरा भरोसा है कि बिहार के सुशासक जल्दी ही उन्हें नई जिम्मेदारी देकर परम उद्देश्यों के लिए दोबारा स्थापित कर देंगे।”

करप्शन के आरोप पर सफाई

अखबार प्रभात खबर के मुताबिक नीता पांडेय ने अपनी सफाई में कहा है कि- “मेरे ऊपर जो भी आरोप लगे हैं वो सरासर गलत हैं। जांच के दौरान मैंने अपने पक्ष में कई साक्ष्य दिए थे, लेकिन उन्हें नहीं माना गया। सर्विस बुक हो, सैलरी हो या प्रोमोशन, मेरे स्तर पर कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।” कई लोग दावा करते हैं कि नीता पांडेय रवीश कुमार की बहन नहीं हैं। खुद रवीश कुमार ने भी इस बारे में कभी कोई सफाई नहीं दी।  नीचे आप पत्रकार कुंदन कुमार की फेसबुक पोस्ट देख सकते हैं, जिसमें उन्होंने विस्तार से पूरे मामले की जानकारी दी है। हालांकि उनके दावों की सच्चाई की पुष्टि हम स्वतंत्र रूप से नहीं कर सकते।

बिहार के शिक्षा विभाग की तरफ से जारी निलंबन पत्र

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