ये हनुमान मंदिर गवाह है कि यूपी में बीजेपी क्यों जीती!

यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से हंगामा मचा हुआ है कि बीजेपी को आखिर 325 सीटें कैसे मिल गईं। पत्रकार और राजनीतिक जानकार चाहे जो राय रखते हों, राज्य के कई आम लोग सोशल मीडिया के जरिए इस सवाल का जवाब दे रहे हैं। इसमें सबसे जबर्दस्त है ये तस्वीरें जिन्हें ललितपुर के एक सरकारी कर्मचारी ने शेयर की है। सरकारी नौकरी में होने के नाते शायद उन्होंने अपना नाम छिपाना पसंद किया है। उनका कहना है कि बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में अगर इतनी बड़ी जीत हासिल की है तो उसके पीछे सबसे बड़ा कारण राज्य में हिंदुओं के साथ भेदभाव है। न सिर्फ मंदिर, मस्जिद और दरगाहों में भेदभाव किया गया, बल्कि श्मशान और कब्रिस्तान के नाम पर भी हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई।

मंदिर का घंटा बजाने पर भी पाबंदी!

यूपी के बुंदेलखंड में ललितपुर जिले में हनुमान जी का एक मंदिर है। पूरे जिले में ये हनुमानजी का सबसे बड़ा मंदिर है। यहां हर मंगलवार को 50 हजार के करीब लोग दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन इस दिन मंदिर में 3 से 4 पुलिसवालों की ड्यूटी लगती थी ताकि मंदिर में आने वाला कोई भक्त घंटा न बजा सके। इसलिए ताकि मंदिर के कुछ दूरी पर बने एक मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले मुसलमानों को खलल न पड़े। ये पुलिसवाले दिन भर घंटे के नीचे खड़े रहते थे और इस बजाने की कोशिश करने वालों को भगाते रहते थे। ललितपुर जिला बीएसपी का गढ़ माना जाता है। बीजेपी यहां से कभी नहीं जीती। लेकिन इस बार जिले में बीजेपी के सारे उम्मीदवार करीब एक लाख वोट के अंतर से जीते हैं। दरअसल ये कहानी सिर्फ ललितपुर के हनुमान मंदिर की ही नहीं है। पूरे उत्तर प्रदेश में बीते 5 साल में हिंदू धर्म की आस्था के केंद्रों के साथ कुछ इसी तरह का बर्ताव किया जाता रहा। कुछ मामले लोगों के कारण सामने आए, लेकिन ज्यादातर मामलों में लोगों ने चुपचाप रहना ही पसंद किया।

मंदिरों में लाउडस्पीकर उतारे गए

अखिलेश सरकार के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में जगह-जगह मंदिरों में लगे लाउडस्पीकर प्रशासन उतरवाता रहा। कई जगह तो लाउडस्पीकर जब्त भी कर लिए गए। ऐसा आम तौर पर उन मंदिरों में किया जाता था, जिनके आसपास कोई मुस्लिम आबादी रहती हो। जबकि एक भी मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर को नहीं हटाया गया। मस्जिदों के लाउडस्पीकर से दिन में पांच बार पूरी आवाज में अजान पढ़ी जाती थी। उन इलाकों में भी जहां मुश्किल से 2-3 घर मुसलमानों के थे। अखिलेश सरकार की तरफ से पुलिस को ये खुला आदेश था कि मंदिरों में लाउडस्पीकर नहीं बजने चाहिए ताकि मुसलमानों को दिक्कत न हो।

हिंदुओं के साथ भेदभाव के बावजूद अखिलेश यादव अपनी जीत को लेकर इतने आश्वस्त थे कि उन्होंने होली से 8 दिन पहले एक आदेश जारी किया था कि अगर होली के दौरान अगर कहीं पर भी मस्जिद की दिवार पर एक भी बूंद रंग लग गया तो उसकी पुताई सरकारी खर्च पर करवाई जाएगी। ऐसे सरकारी आदेशों का भी यूपी में बीजेपी की जोरदार कामयाबी के पीछे बड़ा हाथ रहा है।

(तस्वीरें और कुछ इनपुट्स प्राथक बटोही के फेसबुक पेज से साभार)

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