यूपी में बीजेपी की जीत के 20 सबसे बड़े मतलब

  1. नरेंद्र मोदी को अछूत बनाने वाले आज खुद अछूत बन गये हैं, वो चाहे पाखंडी पत्रकार हों, वामपंथी मक्कार बुद्धिजीवी हों या राजनीतिक नेता और राजनीतिक दल।
  2. बीजेपी ने तुष्टिकरण के जवाब में सर्वसमावेशी राजनीति को साधा है, जिसके कारण जातिवादी-मजहबवादी राजनीति करने वालों के मुंह पर कालिख पुती है।
  3. हिंदुओं को जाति में तोड़ने वाले और मुसलमान को थोक वोट बैंक बनाने वाले हासिए पर चले गये हैं। अब हिंदुओं को कोसने के लिए दस बार सोचना पड़ेगा। फिर भी कुछ बेशर्म पत्रकार गर्दभ अलाप अभी भी कर रहे हैं।
  4. कांग्रेस और राहुल गांधी हर दल के लिए अछूत बन गये हैं। जो इनके साथ जाएगा, वो डूबेगा।
  5. तथाकथित पोल-स्ट्रेटेजिस्ट प्रशांत किशोर का गुब्बारा फट चुका है।
  6. रस्सी जल गई, लेकिन ऐंठन नहीं गई। मायावती क्या कभी नहीं सुधरेगी? पूरे राजनीतिक जीवन अनर्गल प्रलाप करती रही हैं! खुद जीत़ी तो ईवीएम ठीक, हारी तो ईवीएम खराब। सही तमाचा मारा है जनता ने।
  7. शहरी नक्सली अरविंद केजरीवाल को गोवा और पंजाब की जनता ने जैसा दौड़ाया है, वो काबिले तारीफ है। देशहित में इसका हारना बहुत जरूरी था।
  8. अखिलेश यादव गदहा साबित हो चुके हैं। पीएम को गदहा कहते थे, बाप को निकालने से लेकर राहुल को थामने वाले निर्णय लेकर आज सबसे बड़े गदहे वही बने हैं।
  9. मुसलिम महिलाओं ने मुल्ले-मौलवियों को उनकी औकात दिखाकर तीन तलाक को अपने जीवन के लिए नारकीय माना है और खुलकर वोट के जरिये अपनी स्वतंत्रता का ऐलान किया है।
  10. गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लक्ष्मी पारेसकर की हार बताती है कि बीजेपी नेतृत्व स्थानीय जनता की पसंद को ध्यान में रखकर ही कहीं भी मुख्यमंत्री चुने। गुजरात की आनंदीबेन पटेल और अब गोवा, दो गलत चुनाव साबित हुए हैं।
  11.  मोदी-अमित शाह की जोड़ी राजनीति की नयी परिभाषा लिख रहे हैं। और यह संप्रदाय-जाति के खांचे में देश की राजनीति को समझने वालों को कभी समझ नहीं आएगा। अभी ही देख लीजिए, टीवी पर हर कुंठित पत्रकार व नेता यही कह रहा या पूछ रहा है कि बीजेपी ने एक भी मुसलमान को टिकट नहीं दिया।
  12. रामलला के सदियों पुराने मंदिर का सपना अब पूरा होगा।
  13. बीजेपी की उत्तर प्रदेश में इतनी बड़ी जीत के बाद कोई डिसीजन मेकर हिंदुत्ववादी मुख्यमंत्री बनने जा रहा है, न कि कोई एरेस्टोक्रेट टाइप नेता।
  14. अरुणाचल के बाद उत्तराखंड से कांग्रेस का हुआ सूपड़ा साफ यह दर्शा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय यहां के जनप्रतिनिधि और जनता को मान्य नहीं था। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार बहाल की थी।
  15. मणिपुर में बीजेपी की बढ़त दर्शा रहा है कि नार्थ-ईस्ट को देश से तोड़ने वाली ताकतों के खिलाफ उन प्रदेशों में भी राष्ट्रवादी विचारधारा के लोग प्रतिकार करने की स्थिति में आते जा रहे हैं। मणिपुर से पूर्व आसाम में भाजपा की बड़ी जीत से इसकी शुरुआत हो चुकी है।
  16. नोटबंदी एक सही फैसला था जनता की नजर में। इसका विरोध करने वालों को जनता ने सीधे सीधे चोर और भ्रष्टाचारी माना है।
  17. सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों का जनता ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ कर दिया है।
  18. बीजेपी के लिए अब वक्त आ गया है कि पंजाब में वह अकालियों से अलग हो जाए।
  19. अब जाति-मजहब से अधिक अमीर-गरीब पर वोट पड़ेगा, और यह ट्रेंड यहां से दिख रहा है। भाजपा ने प्रो-पूअर पार्टी की छवि बनाई है।
  20. ‘भारत की बर्बादी’ का नारा लगाने वालों और ‘मेरे बाप को पाकिस्तान ने नहीं मारा’ की देश भर में मार्केटिंग व पैकेजिंग करने वालों को जनता ने अजायबघर की वस्तु बना दिया है। पर ये धूर्त अभी भी देश को बदनाम करना नहीं छोड़ेंगे, क्योंकि देश व देश की जनता से इनका सरोकार कभी नहीं रहा है।

(संदीप देव के फेसबुक पेज से साभार)

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