रवीश कुमार के भाई के सेक्स रैकेट की पूरी कहानी

पत्रकार रवीश कुमार के भाई ब्रजेश पांडेय के सेक्स रैकेट में कई बेहद अहम खुलासे हुए हैं। केस में बड़ी बात ये सामने आ रही है कि रवीश कुमार के रसूख के चलते उनके भाई का नाम काफी दिनों तक इस केस में सामने नहीं आ पाया। पीड़ित लड़की ने एक चैनल को बताया है कि मैंने शुरू में ब्रजेश पांडेय का नाम नहीं लिया, क्योंकि मुझे पता था कि फिर मीडिया में कोई भी मेरा साथ नहीं देगा। पीड़ित लड़की बिहार में कांग्रेस के ही एक पूर्व मंत्री की बेटी है और वो दलित जाति से ताल्लुक रखती है। जबकि आरोपियों में से एक पूर्व आईएएस का बेटा निखिल प्रियदर्शी है। लड़की ने इस गिरोह में कई रसूखदार नेताओं और अफसरों के नाम भी जांच में लिए हैं।

कैसे खुली पोल?

पीड़ित लड़की ने ढाई महीने पहले एफआईआर दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सीवीसी, सीबीआई और राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखी। जब कहीं से कोई जवाब नहीं आया तो आखिर उसने मीडिया के आगे जाने का फैसला किया। लड़की ने एफआईआर में लिखा है कि आरोपियों ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। मामला मीडिया में जाने पर बिहार सरकार ने जांच के लिए एसआईटी बना दी, जिसकी रिपोर्ट भी आ गई है। इसमें लड़की के सारे आरोप सही पाए गए हैं। लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश नहीं की गई। जिससे ऐसा लगता है कि पुलिस पर आरोपियों को बचाने का भारी दबाव है। इसके अलावा मीडिया भी आरोपियों की मदद कर रही है। पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि उसने कुछ अखबारों और चैनलों को जब अपनी आपबीती बताई तो उन्होंने भी किसी दबाव में आकर उसकी खबर नहीं दिखाई।

कैसे लड़की को फंसाया?

पीड़िता ने उनका हालात का जिक्र किया है कि कैसे उसे शादी का झांसा देकर फंसाया गया। शुरुआत फेसबुक पर फ्रेंडशिप से हुई, इसके बाद दोनों whatsapp पर बातें करने लगे। लड़की ने सोचा कि निखिल उससे प्यार करता है। जबकि कहानी कुछ और ही थी। IAS का बेटा रहा निखिल महंगी कारों और हाई-फाई लाइफस्टाइल का शौकीन है। उसी ने लड़की को शादी के जाल में फंसाया और फिर उसका काफी दिन तक यौन शोषण करता रहा। बाद में उसने लड़की को रवीश कुमार के भाई और बिहार कांग्रेस के उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडेय के आगे परोस दिया। लड़की ने बताया है कि ब्रजेश पांडेय लड़की को अपने साथ पटना के बोरिंग रोड में एक फ्लैट में ले गया। जहां पर उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीली दवा मिलाकर पिला दिया। इसके बाद उसने लड़की का यौन शोषण किया।

पीड़िता को टॉर्चर किया

इसके बाद निखिल ने पीड़ित लड़की को अपने क्लाइंट्स के पास भेजना भी शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट होती थी। लड़की ने निखिल के पिता और भाई को भी उसका मददगार बताया है। उसने बताया है कि मैंने निखिल के पिता से जब बात की तो उन्होंने मुझे धमकी दी और कहा कि पुलिस मेरी जेब में रहती है। इस मामले में बिहार पुलिस शुरू से ही सवालों के दायरे में है। आरोपी निखिल प्रियदर्शी बिहार के डीजीपी के बेटे प्रत्यूश ठाकुर का दोस्त है। इसके अलावा उसका बहनोई सीबीआई में एसपी है। अभी तक निखिल प्रियदर्शी और ब्रजेश पांडेय पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।

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