केजरीवाल की कमाई का नया रास्ता मोहल्ला क्लीनिक

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के मोहल्ला क्लीनिक आम आदमी पार्टी के लिए कमाई का नया जरिया बन गए हैं। इस मामले में ऐसी कई बातें सामने आ रही हैं, जिनसे लगता है कि आम आदमी पार्टी अब इन मोहल्ला क्लीनिकों के रास्ते अपना खजाना भरने में जुटी है। डॉक्टरों की फीस से लेकर इन क्लीनिकों के किराये तक में धांधली की बातें विजिलेंस डिपार्टमेंट की जांच में सामने आई हैं। कुल मिलाकर ये करोड़ों रुपये का घोटाला होने का अनुमान है। दरअसल पिछले कुछ वक्त से मोहल्ला क्लीनिकों के नाम पर मची लूट की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विजिलेंस ने दो हफ्ते पहले अपनी जांच शुरू की थी। दिल्ली में इस समय 110 मोहल्ला क्लीनिक चल रहे हैं। इनमें 106 डॉक्टर अभी तैनात हैं। ये क्लीनिक सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच खुलते हैं।

1 मिनट में 2 मरीजों का इलाज!

यह शायद वर्ल्ड रिकॉर्ड होगा जहां एक डॉक्टर एक मिनट में 2 मरीजों का इलाज कर रहा है। जांच में ये बात सामने आई है कि मोहल्ला क्लीनिकों में ये चमत्कार हो रहा है। हर दिन ये क्लीनिक 4 घंटे के लिए खुलते हैं। जहां औसतन 533 मरीजों का इलाज हर डॉक्टर कर रहा है। यानी एक डॉक्टर सिर्फ 36 सेकेंड में एक मरीज का इलाज कर रहा है। जांच के मुताबिक यह चमत्कार आम आदमी पार्टी के घोटाले का नतीजा है। दरअसल डॉक्टरों को एक मरीज देखने के 30 रुपये मिलते हैं। इसलिए वो फर्जी मरीज दिखाकर सरकार से मोटी रकम ले रहे हैं। यहां हम आपको बता दें कि मोहल्ला क्लीनिकों में तैनात किए गए ज्यादातर डॉक्टर आम आदमी पार्टी के नेताओं के करीबी रिश्तेदार या दोस्त हैं। इनमें से कुछ की डिग्रियों पर भी फर्जी होने का शक है। क्योंकि इन क्लीनिकों में बैठने वाले डॉक्टरों के नाम और उनकी डिग्री का कोई बोर्ड नहीं लगाया जाता। जोकि नियमों का उल्लंघन है।

AAP को कमीशन दे रहे हैं डॉक्टर

एक शिकायत यह भी सामने आ रही है कि मोहल्ला क्लीनिकों के डॉक्टर आम आदमी पार्टी को कमीशन के तौर पर एक तय रकम का भुगतान करते हैं। ज्यादातर डॉक्टर फर्जीवाड़ा करके हर महीने 4 से 5 लाख रुपये तक कमा रहे हैं और इसमें एक ‘कट’ उन्हें पार्टी को देना होता है। इस लिहाज से मोहल्ला क्लीनिक में काम करने वाला डॉक्टर एम्स और देश के दूसरे बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों से भी ज्यादा सैलरी पा रहा है।

क्लीनिकों के किराये में भी घोटाला

दिल्ली में अभी चल रहे लगभग सभी मोहल्ला क्लीनिक किराये के मकानों या दुकानों में चल रहे हैं। ज्यादातर जगहों पर किरायेदार आम आदमी पार्टी के ही लोग हैं। जहां वो हर महीने लाखों रुपये में इनका किराया वसूल रहे हैं। जबकि इनका इस्तेमाल सिर्फ 4 घंटे के लिए ही होता है। बाकी समय पर इन क्लीनिकों की जगह पर दूसरी दुकानें खुल जाती हैं। दिल्ली सरकार अभी मोहल्ला क्लीनिकों के नाम पर कुल करीब 2 करोड़ रुपये किराये के दौर पर भुगतान कर रही है। पश्चिम विहार में आम आदमी पार्टी के ट्रेड विंग के संजय अग्रवाल, आप यूथ विंग प्रेसिडेंट निखिल यादव और आप के नजफगढ़ के पूर्वांचल सेल के उमेश शर्मा के मकानों में मोहल्ला क्लिनिक चल रहे हैं। इन सभी का किराया मार्केट रेट से कई गुना ज्यादा है।

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सत्येंद्र जैन की देखरेख में घोटाला

शुरू से ही यह बात सामने आती रही है कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन खुद ही मोहल्ला क्लीनिकों के जरिए मचाई जा रही लूट की देखरेख कर रहे हैं। इसी मकसद से उन्होंने अपनी बेटी सौम्या जैन को मोहल्ला क्लीनिकों का सलाहकार बनाया था। विवाद के बाद उसे इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन पद छोड़ने से पहले उसने काफी काम कर दिया था। आरोप है कि सौम्या जैन के रहते-रहते ही ज्यादातर मोहल्ला क्लीनिकों के जगह और डॉक्टरों का चुनाव किया गया। जिसमें बड़े पैमाने पर कमीशन का खेल खेला गया।

पैसे देकर विदेशी अखबारों में प्रचार

यह आरोप भी लगते रहे हैं कि केजरीवाल ने कुछ विदेशी अखबारों को लाखों रुपये देकर मोहल्ला क्लीनिकों की तारीफ में लेख छपवाए। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने तो यहां तक कह डाला कि अमेरिका के हेल्थ सिस्टम को मोहल्ला क्लीनिकों से सीखना चाहिए। यह बात सामने आई थी कि वॉशिंगटन पोस्ट ने ये फर्जी लेख छापने के बदले केजरीवाल सरकार से मोटी फीस वसूली थी। इसी तरह यूएन के पूर्व महासचवि कोफी अन्नान से भी केजरीवाल ने प्रशंसा पत्र हासिल कर लिया। बाद में पता चला कि एक ईसाई मिशनरी में अपने संपर्क के जरिए केजरीवाल ने कोफी अन्नान से मोहल्ला क्लीनिक की तारीफ की चिट्ठी हासिल की थी।

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