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यूपी चुनाव में पेड न्यूज का नया ‘समाजवादी’ ऑफर!

Courtesy: IE
अंकित पांडेय

यूपी में दैनिक जागरण के एग्जिट पोल से हुए नुकसान की भरपाई के लिए समाजवादी पार्टी ने कोशिश शुरू कर दी है। इसके तहत तमाम छोटे-बड़े अखबारों और चैनलों के जरिए ऐसी खबरें प्लांट कराई जा रही हैं, जिनसे बीजेपी और बीएसपी को नुकसान होता हो। इसी के तहत बीजेपी में अंदरूनी झगड़े, रूठने-मनाने के खेल पर सूत्रों के हवाले से खबरों की बाढ़ आ गई है। ठीक इसी तरह कई खबरें ऐसी छपवाई गई हैं कि बीएसपी चुनाव के बाद बीजेपी को समर्थन दे सकती है। एक जाने-माने न्यूज चैनल के लखनऊ ब्यूरो के चीफ ने हमें इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि ये ऑफर उनके पास भी आया था। झूठी खबरें छापने का ये ऑफर सीधे समाजवादी पार्टी की तरफ से नहीं, बल्कि उनके प्रोपोगेंडा तंत्र की तरफ से है। ताकि बाद में बात खुलने पर पार्टी को दिक्कत न हो।

पत्रकारों के ‘फैन क्लब’ की मदद

लखनऊ में बीते 5 साल में अखिलेश यादव ने कई पत्रकारों से निजी दोस्त जैसे संबंध बना रखे हैं। ये वो पत्रकार हैं जिन्होंने अखिलेश राज में सत्ता का पूरा सुख हासिल किया और समाजवादी पार्टी में अंदरूनी लड़ाई के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव का भरपूर साथ दिया। अब जब चुनाव चल रहे हैं पत्रकारों का ये फैन क्लब अंदर ही अंदर अखिलेश के प्रचार में जुटा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक पहले दौर की वोटिंग में पिछड़ने की खबरों के बाद इन सभी की एक मीटिंग बुलाई गई थी। ये वो क्लोज़ ग्रुप है, जिसमें 5-6 पत्रकार ही हैं। मीटिंग में दैनिक जागरण के एग्जिट पोल पर भी बात हुई। ज्यादातर लोगों का मानना था कि पहले दौर में बीजेपी को हुए फायदे का असर अगले छह फेज की वोटिंग पर पड़ सकता है। हमारे सूत्र ने बताया कि बैठक में पूछा गया कि आप लोग ही बताएं कि इसकी भरपाई कैसे होगी? इस बैठक में नोएडा के एक न्यूज चैनल के पत्रकार ने सुझाव दिया कि हमें भी ऐसी कुछ खबरें मीडिया में प्लांट करनी होंगी। इस पर कुछ खर्च भी करना पड़ सकता है।

बीजेपी में अंदरूनी लड़ाई पर रिपोर्ट

टिकट बंटवारे को लेकर सभी पार्टियों में बड़े पैमाने पर अंदरूनी झगड़े चल रहे हैं। हर पार्टी इनसे निपटने के लिए अपने तरीके से कोशिश भी करती है। इसी मसले पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले दिनों एक बैठक की थी। चूंकि बैठक में राज्य की सभी 400 सीटों पर चर्चा हुई इसलिए बैठक लंबी खिंच गई। हर सीट पर नाराज लोगों की लिस्ट पेश की गई और अमित शाह ने उन्हें सीधे फोन करके मनाया। अमित शाह से बातचीत होने के बाद ज्यादातर असंतुष्ट नेता मान भी गए और उन्होंने प्रचार और वोटिंग में पूरी मदद का भरोसा दिलाया। लेकिन इस मीटिंग की बातों पर एक चैनल ने ऐसी खबर पब्लिश की है मानो बीजेपी के अंदर कोई गृह युद्ध छिड़ गया हो। न्यूज़लूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक ये खबर उसी रणनीति के तहत फैलाई गई, जिसके लिए फैन क्लब के पत्रकारों की जमघट हुई थी। लेख को लिखने वाले पत्रकार अपनी रौ में इस कदर बह गए कि उन्होंने यहां तक लिख डाला कि बीजेपी बनारस में एक भी सीट नहीं जीत पाएगी।

आखिरी वक्त में उलटफेर का है डर

पहले दौर में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के रणनीतिकार इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि जाटों की नाराजगी के चलते वहां बीजेपी को नुकसान होगा, लेकिन आखिरी मौके पर अमित शाह जाटों को मनाने में कामयाब हो गए और बड़ी संख्या में जाटों ने बीजेपी को वोट दिए। अखिलेश का डर ये है कि आगे के चरणों में भी कहीं ऐसे ही उलटफेर न हो जाएं। फिलहाल इस बैठक के नतीजे सामने आने शुरू हो चुके है। अगले 2-4 दिन में ऐसी कुछ और खबरें अगर देखने को मिल जाएं तो हैरान नहीं होना चाहिए। हालांकि ऐसी किसी खबर के लिए पैसे की लेन-देन की पुष्टि हम नहीं कर सकते।

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