राहुल गांधी ने आधी रात में गंगा पूजा क्यों की?

राहुल गांधी ने बीती रात हरिद्वार के मशहूर हर की पौड़ी पर गंगा आरती की। दिन भर रोड शो के बाद राहुल को शाम साढ़े सात बजे ही गंगा आरती में पहुंचना था, लेकिन वो करीब 4 घंटे की देरी से हर की पौड़ी पर पहुंचे। इस समय तक गंगा आरती खत्म हो चुकी होती है, इसके बावजूद उत्तराखंड सरकार के दबाव में आधी रात को गंगा पूजा कराई गई। इस दौरान ब्रह्मकुंड पर मां गंगा की पवित्र प्रतिमा को भी लाया गया, जबकि ये प्रतिमा सिर्फ सुबह और शाम की पूजा के लिए ही ब्रह्मकुंड पर लाई जाती है। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार ने मंदिर प्रबंधन पर दबाव बनाकर रात के वक्त माता गंगा की प्रतिमा को ब्रह्म कुंड पर मंगाया। जबकि पारंपरिक रूप से ऐसा कभी नहीं किया जाता है। न्यूज़लूज़ ने इस बारे में कई पुरोहितों और हिंदू धर्म के विद्वानों से बात की, सभी का यही कहना है कि जिस समय राहुल गांधी ने गंगा आरती और पूजन किया, उस समय सिर्फ तंत्र साधना की जाती है।

हिंदू धर्म की परंपराओं का अपमान

हरिद्वार के धर्मगुरुओं ने आधी रात में राहुल गांधी के लिए गंगा आरती आयोजित किए जाने पर एतराज जताया है। उनका कहना है कि हिंदू मान्यता के मुताबिक रात्रिकाल में देवता सो रहे होते हैं। इस तरह से उनके शयनकाल में आरती करना नियमों और परंपराओं के अनुकूल नहीं है। युवा गंगा तीर्थ पुरोहित सभा ने कुछ दिन पहले इन्हीं कारणों से राधे मां की गंगा पूजा पर भी आपत्ति जताई थी। पुरोहितों का कहना है कि हरिद्वार तीर्थ के जिस क्षेत्र में यह आरती की गई वह बहुत शुद्ध और पवित्र क्षेत्र माना जाता है। वहां के कुछ नियम हैं जिनमें इस तरह से ढील देना ठीक नहीं है। पिछले साल अक्टूबर में राधे मां ने हरिद्वार में आकर आधी रात को गंगा पूजा और आरती की थी, जिससे हरिद्वार का संत समाज बेहद नाराज हो गया था। जाहिर है अगर राधे मां ने गलत किया था तो राहुल गांधी ने भी बीती रात जो किया उसे भी हिंदू धर्म की परंपराओं का अपमान ही माना जाएगा।

हिंदू विरोधी छवि धोने की कोशिश?

दरअसल उत्तराखंड में कांग्रेस बड़े संकट से गुजर रही है। राज्य में पार्टी के सत्ता में वापसी के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में प्रचार के लिए कूदे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गंगा पूजा जैसे शास्त्रीय अनुष्ठान को राजनीति के लिए इस्तेमाल किया। चूंकि उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार है इसलिए उन्हें हरिद्वार के पुरोहितों पर दबाव डालकर आधी रात में पूजा कराना बहुत मुश्किल भी नहीं था। लेकिन सवाल ये है कि क्या इस तरह जबरन आधी रात को की गई गंगा पूजा से राहुल गांधी अपने परिवार और पार्टी की हिंदू विरोधी छवि को धो पाएंगे। वैसे ये देखा गया है कि सत्ता से दूर होने के बाद गांधी परिवार जानबूझकर खुद को हिंदू पंरपरा से जोड़ने की कोशिश करता है। ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ का ये खेल सत्ता मिलते ही खत्म हो जाता है और कांग्रेस की सरकारें हिंदू विरोधी गतिविधियों में जुट जाती हैं।

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