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जानिए सोनिया गांधी को क्यों खटक रहा है अरुणाचल!

क्या इससे पहले आप कल्पना कर सकते थे कि देश का कोई मंत्री कहे कि हिंदू कभी लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन नहीं कराते इसलिए उनकी संख्या कम हो रही है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने खुलकर कहा है कि भारत में हिंदू आबादी घट रही है क्योंकि हिंदू कभी धर्म परिवर्तन नहीं कराते। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि रिजिजू को ये बयान क्यों देना पड़ा। दरअसल देश की सबसे सेकुलर पार्टी कांग्रेस की अरुणाचल प्रदेश कमेटी ने बयान जारी करके कहा था कि बीजेपी अरुणाचल प्रदेश को हिंदू राज्य में बदलने की कोशिश कर रही है। वो कांग्रेस जो आजकल बाकी देश में हिंदुओं की आंख में धूल झोंकने के लिए सॉफ्ट हिंदुत्व का ड्रामा कर रही है।

हिंदू आबादी तो कम हो रही है!

किरेन रिजिजू देश के गृह राज्य मंत्री हैं और खुद भी बौद्ध धर्म को मानने वाले हैं। उन्होंने कहा है कि आज तक अरुणाचल में किसी हिंदू संगठन ने किसी बौद्ध या दूसरे धर्म के आदमी को कनवर्ट नहीं कराया। बाकी देश में भी हिंदू कभी मुस्लिम या ईसाई या किसी दूसरे धर्म वाले का धर्मांतरण नहीं कराते, तो फिर कांग्रेस ऐसी बात कैसे कह सकती है। अक्सर हमारे देश के तथाकथित हिंदू इसी बात का रोना रोते रहते हैं कि मुसलमानों और ईसाइयों के साथ नाइंसाफी हो रही है और इसके लिए आरएसएस और बीजेपी जैसे संगठन जिम्मेदार हैं। रिजिजू ने ये भी कहा है कि देश में हिंदुओं की आबादी इसीलिए कम हो रही है क्योंकि वो किसी का धर्मांतरण नहीं कराते।

कांग्रेस ने अरुणाचल में ईसाई बनवाए

अरुणाचल प्रदेश के ‘हिंदूकरण’ का आरोप वो कांग्रेस पार्टी लगा रही है, जिसकी ईसाई अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बीते 10 साल में ईसाई मिशनरियों के जरिए खुद वहां पर रहने वाली आदिवासी जातियों का धर्मांतरण करवाया। अरुणाचल प्रदेश में 1951 में एक भी ईसाई नहीं था। 2001 में इनकी आबादी 18 फीसदी हो गई। 2011 की जनगणना के मुताबिक अब अरुणाचल में 30 फीसदी से ज्यादा ईसाई हैं। अरुणाचल में धर्मांतरण का सिलसिला 1984 में राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ही शुरू हो गया था। तब पहली बार सरकार ने वहां पर ईसाई मिशनरियों को अपने सेंटर खोलने की इजाज़त दी थी। माना जाता है कि राजीव गांधी पर दबाव डालकर खुद सोनिया ने वहां पर ईसाई मिशनरियों को घुसाया था। अब मोदी सरकार के आने के बाद जब अरुणाचल में ईसाई मिशनरियों को अपना कारोबार चलाने में दिक्कत होने लगी है तो वो कांग्रेस पार्टी के नेताओं के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं। जब से अरुणाचल में कांग्रेस की सरकार हटी है, तब से वहां पर ईसाई मिशनरियों का काम और भी ठप पड़ने लगा है।

अरुणाचल जैसे संवेदनशील राज्य में चल रहे इस कांग्रेसी खेल के खिलाफ सोशल मीडिया पर लोग खुलकर अपनी बात कह रहे हैं। एक नजर ऐसी ही कुछ पोस्ट पर:

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